एजेंसी, बैंगलोर। Air India Accident : दिल्ली से बेंगलुरु आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट एआई2651 के साथ लैंडिंग के समय एक बहुत ही असामान्य और खतरनाक घटना घटित हुई है। विमान जब बेंगलुरु हवाई अड्डे के रनवे पर उतर रहा था, तभी उसका पिछला हिस्सा रनवे की जमीन से जोर से टकरा गया। विमानन विज्ञान (एविएशन) की तकनीकी भाषा में इस तरह की घटना को ‘टेल स्ट्राइक’ कहा जाता है। गनीमत यह रही कि इस पूरे हादसे के दौरान विमान में सवार सभी 181 यात्री और क्रू मेंबर पूरी तरह से सुरक्षित हैं और किसी को भी कोई चोट नहीं आई है। लैंडिंग के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर इस विमान की कई तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें हवाई जहाज के पिछले हिस्से पर रगड़ के गहरे निशान और क्षति को साफ तौर पर देखा जा सकता है।
An Air India spokesperson says, “Flight AI2651 operating from Delhi to Bengaluru on 21 May experienced a tail-strike during landing. The aircraft landed safely, and all passengers and crew disembarked normally. The aircraft has been grounded for detailed inspection. The incident… pic.twitter.com/6q0elZhVI6
— ANI (@ANI) May 21, 2026
क्या होती है विमानन क्षेत्र की यह ‘टेल स्ट्राइक’ घटना और कब पैदा होते हैं ऐसे हालात
हवाई जहाज के परिचालन में ‘टेल स्ट्राइक’ एक बेहद संवेदनशील और तकनीकी आपातकालीन स्थिति मानी जाती है। इसमें किसी भी उड़ान के दौरान हवाई जहाज की पूंछ या उसका सबसे पिछला हिस्सा रनवे की कंक्रीट की सतह से टकरा जाता है। आमतौर पर विमानों में ऐसी घटनाएं दो मुख्य परिस्थितियों में देखने को मिलती हैं। पहली स्थिति टेकऑफ (उड़ान भरने) के दौरान होती है, जब पायलट विमान के अगले हिस्से यानी नाक को तय गति से बहुत ज्यादा तेजी से ऊपर की तरफ उठा देता है, जिसे ओवर-रोटेशन कहा जाता है। दूसरी स्थिति लैंडिंग (नीचे उतरने) के समय पैदा होती है, जब रनवे के शुरुआती हिस्से में ही उतरने के प्रयास में विमान के अगले हिस्से को अचानक बहुत तेजी से ऊपर की तरफ खींच लिया जाता है, जिससे संतुलन बिगड़ जाता है और पिछला हिस्सा जमीन चूम लेता है।
वेक टर्बुलेंस के कारण बिगड़ा संतुलन, पायलट ने सूझबूझ से लिया ‘गो-अराउंड’ का फैसला
विमानन सूत्रों से मिली आंतरिक जानकारी के मुताबिक, बेंगलुरु में हुए इस हादसे के पीछे रनवे पर पहले से मौजूद एक विशाल बोइंग 747 विमान मुख्य वजह बना। उस विशाल विमान की वजह से रनवे के ऊपर हवा का भारी दबाव और असंतुलन पैदा हो गया था, जिसे तकनीकी भाषा में ‘वेक टर्बुलेंस’ कहा जाता है। इसी वेक टर्बुलेंस के झटके में आने के कारण एअर इंडिया के विमान एआई2651 का संतुलन अचानक पूरी तरह से बिगड़ गया। पायलट ने खतरे की स्थिति का तुरंत अंदाजा लगाते हुए ‘गो-अराउंड’ करने का एक बहुत ही बुद्धिमानी भरा फैसला किया। इसका मतलब यह होता है कि लैंडिंग की प्रक्रिया को बीच में ही रोककर विमान को वापस तेजी से हवा में ऊपर ले जाया जाता है और स्थिति सामान्य होने पर दोबारा सुरक्षित लैंडिंग कराई जाती है। इसी आपातकालीन प्रक्रिया के दौरान विमान की पूंछ रनवे से टकरा गई।
जांच के लिए विमान ग्राउंडेड, दिल्ली जाने वाली वापसी की उड़ान हुई रद्द
इस गंभीर घटना के सामने आते ही एअर इंडिया प्रबंधन ने सुरक्षा के लिहाज से विमान को तुरंत प्रभाव से जांच के लिए ग्राउंड कर दिया है, यानी अब पूरी तरह ठीक होने तक यह विमान कोई उड़ान नहीं भर सकेगा। एयरलाइन और बेंगलुरु एयरपोर्ट के शीर्ष अधिकारियों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय सुरक्षा जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही, देश की मुख्य विमानन नियामक संस्था नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को भी इस पूरी घटना की आधिकारिक रिपोर्ट सौंप दी गई है। इस हादसे के कारण बेंगलुरु से वापस दिल्ली जाने वाली एअर इंडिया की अगली फ्लाइट एआई2652 को पूरी तरह से रद्द करना पड़ा है। एयरलाइन ने इस रद्द उड़ान से प्रभावित होने वाले सभी यात्रियों के लिए वैकल्पिक विमानों की व्यवस्था की है और एयरपोर्ट पर मौजूद ग्राउंड टीम यात्रियों की सहायता में जुटी हुई है।
पिछले साल अहमदाबाद में हुआ था देश का सबसे भीषण और दर्दनाक विमान हादसा
विमानन क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर यह घटना इसलिए भी बेहद गंभीर मानी जा रही है क्योंकि पिछले साल 12 जून 2025 को गुजरात के अहमदाबाद में एक बहुत ही भीषण विमान हादसा हो चुका है। उस दिन दोपहर के समय अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के लिए उड़ान भरने वाली एअर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 टेकऑफ करने के मात्र 32 सेकंड बाद ही पास के मेघानी नगर इलाके में बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल क्षेत्र पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। उस अभागे बोइंग विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें से 241 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी और केवल एक यात्री ही जिंदा बच सका था। उस हादसे में जमीन पर मौजूद 19 स्थानीय लोगों की भी जान चली गई थी। शुरुआती जांच में सामने आया था कि टेकऑफ के तुरंत बाद विमान के दोनों इंजनों में ईंधन की सप्लाई अचानक रुक गई थी, जिससे विमान बेकाबू होकर क्रैश हो गया। वह हादसा भारतीय विमानन इतिहास के सबसे काले और दुखद अध्यायों में गिना जाता है।
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