एजेंसी, भोपाल। MP Petrol Price Hike : मध्यप्रदेश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय हालात और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच तेल कंपनियों ने एक बार फिर ईंधन के दाम बढ़ा दिए हैं। पिछले पांच दिनों में पेट्रोल और डीजल करीब 4 रुपए प्रति लीटर तक महंगे हो चुके हैं। वहीं प्रदेश में अधिक वैट के कारण लोगों को देश के कई अन्य राज्यों की तुलना में ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। मंगलवार को पेट्रोल और डीजल के दामों में 90 पैसे प्रति लीटर की नई बढ़ोतरी की गई। इससे पहले भी तीन रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की जा चुकी थी। लगातार बढ़ते दामों से महंगाई का दबाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
भोपाल में 110 रुपए के पार पहुंचा पेट्रोल
नई बढ़ोतरी के बाद राजधानी भोपाल में पेट्रोल की कीमत करीब 110.74 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल लगभग 95.90 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। प्रदेश के कई अन्य शहरों में भी ईंधन के दाम तेजी से बढ़े हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मध्यप्रदेश में पेट्रोल की कीमतें देश के महंगे राज्यों में शामिल हो चुकी हैं। इसका मुख्य कारण प्रदेश में लगाया जाने वाला अधिक वैट टैक्स बताया जा रहा है।
दिल्ली से करीब 12 रुपए महंगा पेट्रोल
विपक्ष ने भी बढ़ती कीमतों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने कहा कि दिल्ली में पेट्रोल की कीमत करीब 98 रुपए प्रति लीटर है, जबकि भोपाल में लोगों को लगभग 12 रुपए ज्यादा चुकाने पड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार अधिक वैट वसूलकर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। कांग्रेस ने सरकार से वैट कम कर लोगों को राहत देने की मांग की है।
अमेरिका-ईरान तनाव का असर
जानकारों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का सीधा असर भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते विवाद के कारण वैश्विक बाजार में अस्थिरता बनी हुई है, जिससे तेल कंपनियां लगातार कीमतों में संशोधन कर रही हैं। तेल कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल दामों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी करने की रणनीति अपनाई जा रही है, ताकि अचानक महंगाई का बड़ा झटका न लगे।
जरूरी वस्तुओं के दाम भी बढ़ने की आशंका
पेट्रोल और डीजल महंगा होने का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। परिवहन खर्च बढ़ने से रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम भी बढ़ने लगते हैं। मध्यप्रदेश में पहले से ही दूध, रसोई गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में इजाफा देखा जा चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी रही तो आने वाले दिनों में खाद्य सामग्री और परिवहन सेवाएं भी और महंगी हो सकती हैं।
आम लोगों पर बढ़ा आर्थिक दबाव
लगातार बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन के दामों ने मध्यम वर्ग और छोटे कारोबारियों की परेशानी बढ़ा दी है। रोजाना वाहन से सफर करने वाले लोगों का मासिक बजट प्रभावित हो रहा है। वहीं ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोग भी बढ़ते खर्च को लेकर चिंता जता रहे हैं। लोगों का कहना है कि पहले से ही महंगे होते घरेलू खर्चों के बीच पेट्रोल-डीजल की नई कीमतें जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रही हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि राज्य सरकार वैट में राहत देती है या नहीं।
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