Abhishek Banerjee

अमित शाह के खिलाफ भड़काऊ भाषण मामले में अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ी राहत

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एजेंसी, कोलकाता। Abhishek Banerjee : पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट से एक बहुत बड़ी कानूनी राहत मिली है। माननीय न्यायालय ने राज्य की पुलिस को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित रूप से दिए गए भड़काऊ और विवादित बयानों को लेकर अभिषेक बनर्जी के खिलाफ फिलहाल कोई भी दंडात्मक या दमनकारी कार्रवाई न करें। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर (प्रथम सूचना रिपोर्ट) को पूरी तरह निरस्त कराने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने उन्हें यह अंतरिम सुरक्षा प्रदान की है।

चुनावी नतीजों के अगले ही दिन दर्ज हुई थी एफआईआर, सामाजिक कार्यकर्ता ने की थी शिकायत

अभिषेक बनर्जी के खिलाफ यह कानूनी मामला हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के दौरान रैलियों में दिए गए उनके तीखे भाषणों से जुड़ा हुआ है। चुनाव परिणाम घोषित होने के ठीक अगले दिन, यानी 5 मई को उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय के अंतर्गत आने वाले बागूइयाटी थाने में यह एफआईआर दर्ज की गई थी। यह शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरकार की ओर से दी गई लिखित अर्जी के आधार पर दर्ज हुई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि जनसभाओं के दौरान अभिषेक बनर्जी द्वारा गृह मंत्री अमित शाह को निशाना बनाकर की गई कुछ टिप्पणियां बेहद भड़काऊ प्रकृति की थीं, जिनमें सार्वजनिक कानून-व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की पूरी क्षमता थी।

बिना केंद्रीय सुरक्षा के जनता का सामना करने की दी थी चुनौती, बीएनएस के तहत दर्ज हुआ था केस

शिकायतकर्ता राजीव सरकार ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि अभिषेक बनर्जी ने अपनी चुनावी रैलियों में बेहद तीखे, सख्त और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। उन्होंने देश के गृह मंत्री अमित शाह को खुले मंच से चुनौती दी थी कि वे चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद बिना केंद्रीय सुरक्षा बलों के सीधे जनता के बीच जाकर उनका सामना करके दिखाएं। इसके साथ ही अभिषेक ने मंच से यह दावा भी किया था कि पश्चिम बंगाल में जिस ‘खेल’ की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने की थी, उसे तृणमूल कांग्रेस ही अंजाम तक पहुंचाकर खत्म करेगी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने पहले बागुईआटी थाने और फिर बिधाननगर साइबर क्राइम विभाग में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था, जिस पर अब हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है।

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