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यूएनएससी में भारत ने पाकिस्तान को लताड़ा : कश्मीर पर ज्ञान देने वाले को याद दिलाया नरसंहार का कलंकित इतिहास

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एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र। UNSC India Pakistan : भारत ने वैश्विक मंच पर पाकिस्तान के नरसंहार और आतंक से जुड़े “लंबे व कलंकित” इतिहास की कड़े शब्दों में निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में भारत ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि पाकिस्तान का अमानवीय आचरण दशकों पुराना है, जो अपनी अंदरूनी नाकामियों और कमजोरियों को छिपाने के लिए हमेशा अपनी सीमाओं के भीतर और बाहर हिंसा फैलाने का सहारा लेता रहा है। यह तीखी प्रतिक्रिया तब सामने आई जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ‘सशस्त्र संघर्ष में नागरिकों की सुरक्षा’ विषय पर आयोजित एक महत्वपूर्ण वार्षिक परिचर्चा के दौरान पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने आदतन एक बार फिर भारत के अभिन्न अंग जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाने का नाकाम प्रयास किया।

भारतीय राजदूत ने पाकिस्तान को दिखाया आईना, कश्मीर को बताया भारत का आंतरिक मामला

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि और वरिष्ठ राजनयिक राजदूत हरीश पर्वतनेनी ने पाकिस्तानी दुष्प्रचार का पुरजोर खंडन करते हुए उसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर पूरी तरह बेनकाब कर दिया। भारतीय राजदूत ने सुरक्षा परिषद के सामने कहा कि यह बेहद हास्यास्पद और बड़ी विडंबना है कि जिस देश का खुद का इतिहास बड़े पैमाने पर नरसंहारों और मानवाधिकारों के उल्लंघन से कलंकित रहा है, आज वही देश उन मुद्दों पर ज्ञान देने की कोशिश कर रहा है जो पूरी तरह से भारत के आंतरिक और संप्रभु मामले हैं। भारत ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि पाकिस्तान अपनी सीमाओं के भीतर अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों से दुनिया का ध्यान भटकाने के लिए कश्मीर राग अलापना तुरंत बंद करे।

अफगानिस्तान के अस्पताल पर पाकिस्तानी हवाई हमले का किया पर्दाफाश

अंतरराष्ट्रीय पटल पर पाकिस्तान के पाखंड को उजागर करते हुए भारतीय राजदूत हरीश पर्वतनेनी ने इस वर्ष की शुरुआत में पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान की निर्दोष जनता पर किए गए बर्बर हमलों का मुद्दा बेहद मजबूती से उठाया। भारत ने पूरी दुनिया को याद दिलाया कि इसी साल मार्च महीने में, जब रमजान का बेहद पवित्र महीना चल रहा था जो कि पूरी दुनिया में शांति, आत्म-चिंतन और दया के लिए जाना जाता है, उस पावन समय में भी पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में स्थित ‘ओमिद नशा मुक्ति अस्पताल’ को निशाना बनाते हुए एक भीषण और अमानवीय हवाई हमला किया था। भारत ने सवाल उठाया कि एक चिकित्सा केंद्र और अस्पताल को किसी भी युद्ध या सैन्य रणनीति के तहत निशाना बनाना पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है।

यूएनएएमए की रिपोर्ट का हवाला देकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को घेरा

इस बेहद गंभीर मामले पर अपनी बात को और पुख्ता करने के लिए भारत ने संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक संस्था ‘यूएनएएमए’ (अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन) की हालिया रिपोर्ट के आंकड़ों को सुरक्षा परिषद के सामने रखा। इस रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान द्वारा किए गए इस कायरतापूर्ण और अमानवीय हवाई हमले में कुल 269 मासूम नागरिकों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि 122 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। चौंकाने वाली बात यह है कि यह हमला ठीक उस समय किया गया जब अस्पताल परिसर के भीतर बनी मस्जिद में तरावीह की नमाज खत्म हुई थी और कई लाचार मरीज व नागरिक बाहर निकल रहे थे। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, अफ़गान नागरिकों के खिलाफ पाकिस्तान द्वारा की गई इस सीमा पार की सशस्त्र हिंसा और बमबारी के कारण 94,000 से अधिक स्थानीय लोग बेघर होकर विस्थापित होने को मजबूर हुए हैं। भारत ने अंत में कहा कि जो देश खुद अंधेरे का फायदा उठाकर निर्दोष नागरिकों को मारता है, उसका अंतरराष्ट्रीय कानून की दुहाई देना उसके सबसे बड़े पाखंड को दर्शाता है।

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