एजेंसी, तेहरान। ईरान और इजरायल के बीच जारी भीषण जंग में ईरान को एक और बहुत बड़ा झटका लगा है। इजरायली मीडिया ने दावा किया है कि ईरान के नवनियुक्त रक्षा मंत्री सैयद माजिद अब अल-रेजा एक इजरायली हमले में मारे गए हैं। जानकारी के अनुसार, उन्होंने अपने पद की शपथ लेने के महज चौबीस से अड़तालीस घंटों के भीतर ही अपनी जान गंवा दी। यह घटना अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के चौथे दिन हुई है, जिसने ईरान के सैन्य नेतृत्व को पूरी तरह हिलाकर रख दिया है।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद रक्षा मंत्री अजीज नासिरजादेह और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर मोहम्मद पाकपुर जैसे कई शीर्ष अधिकारी पहले ही मारे जा चुके थे। इन हालातों को देखते हुए राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने जनरल सैयद माजिद को कार्यवाहक रक्षा मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी थी। लेकिन इजरायली चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल ने उन्हें निशाना बनाकर तेहरान में हमला किया, जिसमें उनकी मौत हो गई। तेहरान की सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही संकट में है और इस हमले ने उसे और कमजोर कर दिया है। शनिवार से शुरू हुए हमलों में अमेरिका और इजरायल ने ईरान के परमाणु केंद्रों, मिसाइल ठिकानों और सैन्य कमान केंद्रों को निशाना बनाया है।
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ईरान की सहायता संस्था रेड क्रिसेंट के अनुसार, अब तक सात सौ सत्तासी से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें एक सौ छिहत्तर बच्चे भी शामिल हैं। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने साफ कर दिया है कि जब तक ईरान की मिसाइल शक्ति और परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, तब तक भारी बमबारी जारी रहेगी। ईरान की राजधानी तेहरान में इस समय अफरा-तफरी का माहौल है। हालांकि ईरान ने जवाबी हमले की कोशिश की है, लेकिन उसके कई बड़े अधिकारियों के मारे जाने से देश का रक्षा तंत्र पूरी तरह बिखर गया है। कई मुस्लिम देशों ने भी इस संकट में ईरान का खुलकर साथ नहीं दिया है, जिससे वह दुनिया में अकेला पड़ता दिख रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि इजरायल का मुख्य लक्ष्य अब ईरान की सत्ता को पूरी तरह बदलकर वहां आंतरिक विद्रोह को हवा देना है।


