एजेंसी, नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में बढ़ते युद्ध के हालातों के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। शांति बहाली और वहां रहने वाले लाखों भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने पिछले अड़तालीस घंटों में आठ देशों के बड़े नेताओं से फोन पर लंबी चर्चा की। प्रधानमंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात कर हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की और संकट के समय भारतीय समुदाय का ख्याल रखने के लिए उनका आभार जताया। इसी कड़ी में उन्होंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, बहरीन के किंग हमाद बिन ईसा अल खलीफा और जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय से बातचीत कर क्षेत्रीय शांति पर विशेष जोर दिया।
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प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले दो दिनों में संयुक्त अरब अमीरात, इजरायल, सऊदी अरब, जॉर्डन, बहरीन, ओमान, कुवैत और कतर के शीर्ष नेताओं से संपर्क साधा है। भारत ने इन सभी देशों की अखंडता का सम्मान करते हुए उनके साथ एकजुटता दिखाई और साफ किया कि केवल बातचीत और कूटनीति के जरिए ही शांति वापस लाई जा सकती है। प्रधानमंत्री की इन चर्चाओं का एक मुख्य केंद्र भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा रहा, क्योंकि खाड़ी के देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय निवास करते हैं। उन्होंने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक, कुवैत के क्राउन प्रिंस और कतर के शेख तमीम बिन हमाद अल थानी से भी बात की और इन देशों द्वारा भारतीयों को दिए जा रहे समर्थन की सराहना की।
नागरिकों की सुरक्षा भारत की पहली प्राथमिकता
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से हुई बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने आम नागरिकों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखने और तुरंत शत्रुता समाप्त करने की जरूरत बताई। भारत की यह पहल उसकी निष्पक्ष और शांतिपूर्ण छवि को दर्शाती है, जहां भारत किसी पक्ष के साथ खड़ा होने के बजाय पूरे क्षेत्र की स्थिरता में रुचि रखता है। मोदी सरकार ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के माध्यम से भी दुनिया के विभिन्न देशों से निरंतर संपर्क बनाए रखा है।
मध्य-पूर्व में युद्ध का बढ़ता खतरा
ज्ञात हो कि इजरायल और अमेरिका ने अट्ठाइस फरवरी को ईरान पर बड़ा हमला किया था, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई उच्चाधिकारी मारे गए। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ईरान की मिसाइल शक्ति, नौसेना और परमाणु कार्यक्रमों को रोकना था। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल, अमेरिकी ठिकानों और खाड़ी के देशों पर मिसाइल व ड्रोन से हमले किए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भारी अस्थिरता पैदा हो गई है। इस भीषण संघर्ष में अब तक सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और अमेरिका ने एहतियातन अपने कई दूतावास बंद कर दिए हैं।


