प्रधानमंत्री मोदी

पश्चिम एशिया संकट पर प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा बयान : शांति के पक्ष में भारत, बातचीत से समाधान की अपील

तेलंगाना देश/प्रदेश राष्ट्रीय

एजेंसी, हैदराबाद पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध और बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक मंच से शांति का संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को लेकर भारत का रुख पूरी तरह साफ है और भारत हमेशा शांति एवं स्थिरता का पक्षधर रहा है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि जब दो लोकतांत्रिक देश एक साथ खड़े होते हैं, तो शांति की अपील और अधिक प्रभावशाली हो जाती है।

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ नई दिल्ली में आयोजित एक संयुक्त पत्रकार वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया के ताजा हालात अत्यंत चिंताजनक हैं। उन्होंने दोहराया कि भारत किसी भी विवाद को बातचीत और कूटनीति के माध्यम से सुलझाने का पुरजोर समर्थन करता है। साथ ही, उन्होंने आश्वस्त किया कि क्षेत्र में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत सभी देशों के साथ निरंतर संपर्क में है। आतंकवाद और कट्टरपंथ को बताया साझा खतरा प्रधानमंत्री ने आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरपंथ को मानवता के लिए सबसे बड़ी चुनौती करार दिया। उन्होंने कहा कि भारत और कनाडा इस बात पर सहमत हैं कि इन खतरों से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग अनिवार्य है।इसी दिशा में दोनों देशों ने रक्षा उद्योगों, समुद्री सुरक्षा और सैन्य आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए ‘इंडिया-कनाडा डिफेंस डायलॉग’ शुरू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

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पीएम मोदी ने कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का स्वागत करते हुए कहा कि उनके साथ हुई चर्चाओं से दोनों देशों के संबंधों में एक नई ऊर्जा और विश्वास का संचार हुआ है। सऊदी अरब और बहरीन के नेतृत्व से की बात इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान और बहरीन के शाह हम्माद बिन ईसा अल खलीफा से फोन पर विस्तृत चर्चा की। प्रधानमंत्री ने इन दोनों देशों पर हुए हालिया हमलों की कड़ी निंदा की। यह बातचीत ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद उत्पन्न हुई स्थितियों के संदर्भ में हुई। प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के प्रमुखों से वहां रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कुशलक्षेम के बारे में भी जानकारी ली। गौरतलब है कि ईरान द्वारा जवाबी कार्रवाई में कई पड़ोसी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले इजराइल के प्रधानमंत्री और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति से भी संवाद कर चुके हैं, जो इस संकट के समाधान के लिए भारत की सक्रिय कूटनीति को दर्शाता है।

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