एजेंसी, रायसेन, नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने टैरिफ वॉर के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तगड़ा प्रहार करते हुए रविवार को कहा कि कुछ लोग हैं, जिनको भारत का विकास पसंद नहीं आ रहा है। वे खुद को ही दुनिया का बॉस समझ बैठे हैं। उनको समझ नहीं आ रहा है कि भारत कैसे इतनी तेजी से आगे बढ़ रहा है। राजनाथ ने मध्य प्रदेश में रायसेन जिले के उमरिया गांव में ‘भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड’ (बीईएमएल) की रेल कोच इकाई की आधारशिला रखते हुए ये बातें कहीं। यह ग्रीनफील्ड रेल मैन्युफैक्चरिंग सुविधा देश में आधुनिक रोलिंग स्टॉक (वे सभी वाहन, जो रेलवे ट्रैक पर चलते हैं) के निर्माण के लिए स्थापित की जाएगी। इस परियोजना का नाम बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग रखा गया है और इसकी प्रारंभिक उत्पादन क्षमता 125 से 200 कोच प्रतिवर्ष होगी, जिसे पांच वर्षों में बढ़ाकर 1,100 कोच प्रतिवर्ष किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
तेज विकास के बीच भारत एक दिन दुनिया की बड़ी शक्ति बनकर रहेगा
राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि बहुतों द्वारा ऐसी कोशिश की जा रही है कि भारत में भारत के लोगों द्वारा जो चीज बनाई जा रही है, वो अगर किसी दूसरे देश में जाएं तो उन देशों में बनने वाली चीजों से महंगी हो जाएं ताकि दुनिया के लोग उसे खरीदें ही ना। उन्होंने कहा कि भारत आज जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है, एक दिन भारत दुनिया की एक बड़ी शक्ति बनकर रहेगा। रक्षा मंत्री ने कहा, ‘जहां तक रक्षा क्षेत्र की बात है, आपको यह जानकर खुशी होगी कि अब हम 24 हजार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की रक्षा वस्तुओं का निर्यात कर रहे हैं। यह भारत की ताकत है, यह नए भारत का नया रक्षा क्षेत्र है और निर्यात निरंतर बढ़ रहा है।’
ऑपरेशन सिंदूर भारत की स्वदेशी ताकत का सबूत
राजनाथ सिंह ने कहा ऑपरेशन सिंदूर को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर हुए आतंकी हमले का करारा जवाब बताया और कहा कि भारत किसी को उकसाता नहीं, लेकिन जो उकसाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसमें सशस्त्र बलों ने स्वदेशी उपकरणों का उपयोग किया, जिससे सफलता हासिल हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत न केवल अपने यहां रक्षा उपकरण बना रहा है, बल्कि मित्र देशों को भी निर्यात कर रहा है।
भारत 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करेगा
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का वार्षिक रक्षा उत्पादन 1.51 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया और रक्षा निर्यात भी अब तक का सर्वाधिक 23,622 करोड़ रुपये रहा। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था लगभग 6.5% की दर से बढ़ रही है और देश जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के प्रयासों से भारत 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करेगा।
ब्रह्मा को 148 एकड़ में विकसित किया जाएगा
बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग की बात करें तो यह 148 एकड़ में विकसित किया जाएगा। इस पर अगले कुछ वर्षों में चरणबद्ध तरीके से 1,800 करोड़ रुपये का निवेश होगा। शुरुआत में यहां 125 से 200 कोच प्रतिवर्ष बनाए जाएंगे, जिसे पांच वर्षों में बढ़ाकर 1,100 कोच प्रतिवर्ष किया जाएगा।
शुरुआत में यहां 125 से 200 कोच प्रतिवर्ष बनाए जाएंगे
यह इकाई वंदे भारत ट्रेनसेट, मेट्रो कार, इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट, हाई-स्पीड रेल कोच और अन्य उन्नत रोलिंग स्टॉक का निर्माण करेगी। इससे 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे और सिंगरौली, सतना, रीवा और कटनी के औद्योगिक क्षेत्रों में एमएसएमई को बढ़ावा मिलेगा। ब्रह्मा को हरित मैन्युफैक्चरिंग के सिद्धांतों के तहत बनाया जाएगा, जिसमें जीरो लिक्विड डिस्चार्ज सिस्टम, सौर और नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग, वर्षा जल संचयन, हरित लैंडस्केपिंग और पुनर्नवीनीकरण निर्माण सामग्री का उपयोग शामिल होगा। यह इकाई उच्च पर्यावरणीय और सुरक्षा मानकों का पालन करेगी। राजनाथ सिंह ने कहा कि ब्रह्मा जैसे प्रोजेक्ट राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास, दोनों के लिए अहम हैं। उन्होंने बीईएमएल को रक्षा और नागरिक क्षेत्रों की जरूरतें पूरी करने के लिए सराहा और अनुसंधान एवं विकास को और मजबूत करने पर जोर दिया। इस अवसर पर कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव (वर्चुअली), मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, रक्षा उत्पादन सचिव संजय कुमार, बीईएमएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक शांतनु रॉय सहित वरिष्ठ राज्य और केंद्रीय अधिकारी उपस्थित रहे।
पहलगाम के हमलावरों का धर्म नहीं, कर्म देखकर किया हिसाब… ऑपरेशन सिंदूर पर बोले राजनाथ सिंह
एजेंसी, नई दिल्ली: पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने जिस तरह से ऑपरेशन सिंदूर चलाया, उसकी चर्चा लगातार जारी है। एक दिन पहले वायुसेना प्रमुख ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अहम खुलासे किए। अब केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इस ऑपरेशन को लेकर महत्वपूर्व टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि पहलगाम में जिस तरह से आतंकी हमला हुआ, कभी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि धर्म पूछकर मारा जाएगा। हमने भी ठान लिया था कि हम उनका धर्म पूछकर नहीं मारेंगे बल्कि कर्म देखकर मारेंगे और इसलिए उन्हें उनके अंजाम तक पहुंचाया गया। राजनाथ सिंह ने इस दौरान रामायण के एक वृतान्त का भी जिक्र किया।
जब राजनाथ सिंह ने किया सीता-हनुमान का जिक्र
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जब सीता जी का रावण ने अपहरण कर लिया था और वो लंका में थीं। तब हनुमान जी वहां पहुंचे। उन्होंने माता सीता का हाल जाना, इसी दौरान रावण के सैनिकों ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की। इस पर हनुमान ने वहां जमकर उत्पात मचाया। इसके बाद जब वे सीता जी के पास पहुंचे, तो उन्होंने बहुत विनम्रता से पूछा, ‘हे हनुमान! आपने यह क्या किया? आपने लंका में इतना उत्पात क्यों मचाया? आपने इतने लोगों को क्यों मारा?’ इस पर हनुमान जी बहुत विनम्रता से बैठे और हाथ जोड़कर सीता जी से कहा, ‘हे माता, जिन मोहि मारा, तिन माई मारे’। जिन्होंने हमारे लोगों को मारा, हमने उन्हें ही मारा।
एमपी दौरे पर रक्षामंत्री की खरी-खरी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को नेक्स्टजेन रोलिंग स्टॉक फैक्ट्री बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग (ब्रह्मा) के ‘भूमि पूजन समारोह’ के लिए मध्य प्रदेश के रायसेन में थे। इस दौरान उन्होंने रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता और आर्थिक प्रगति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब हम वे हथियार बना रहे हैं, जो पहले हम विदेशों से खरीदते थे। आज हम रक्षा क्षेत्र में मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं।
पीएम मोदी की जमकर तारीफ
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमारी सरकार बनी, तब उनकी दूरदर्शिता के कारण हमने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य रखा। आज हम न केवल अपने पैरों पर खड़े हैं, बल्कि रक्षा क्षेत्र में मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं। अब हम वे हथियार बना रहे हैं, जो पहले हम विदेशों से खरीदते थे। भारत का रक्षा निर्यात आज लगभग 24,000 करोड़ रुपए सालाना तक पहुंच गया है, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
‘धर्म पूछकर नहीं, कर्म देखकर किया हिसाब’
‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि पहलगाम में कुछ आतंकवादियों ने पर्यटकों की निर्मम हत्या कर दी थी। आतंकियों ने मान लिया था कि भारत शांत होकर बैठ जाएगा, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री का संकल्प था कि हम इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे। कभी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि धर्म पूछकर मारा जाएगा। हमने भी ठान लिया था कि हम उनका धर्म पूछकर नहीं मारेंगे बल्कि कर्म देखकर मारेंगे और इसलिए उन्हें उनके अंजाम तक पहुंचाया गया।
दुनिया को राजनाथ ने दे दिया साफ संदेश
रक्षा मंत्री ने कहा कि हमने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया है कि हम किसी को छेड़ते नहीं, लेकिन अगर कोई हमें छेड़े, तो हम उसे छोड़ते भी नहीं। बीईएमएल की नई परियोजना के महत्व का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि आज जिस यूनिट का शिलान्यास हो रहा है, वह भविष्य में न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी, बल्कि छोटे और बड़े उद्योगों को भी प्रोत्साहन देगी। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार, कौशल प्रशिक्षण और तकनीकी दक्षता का लाभ मिलेगा। केंद्रीय रक्षा मंत्री ने डिफेंस सेक्टर के योगदान पर बल देते हुए कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति में रक्षा क्षेत्र आज एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह क्षेत्र न केवल देश की सुरक्षा को मजबूत कर रहा है, बल्कि आर्थिक विकास को रफ्तार देने में भी अहम रोल निभा रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर पर आर्मी चीफ बोले-सरकार ने फ्रीहैंड दिया था, हम चेस खेल रहे थे, न हमें, न दुश्मन को पता था अगला कदम
चेन्नई| भारत के थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सरकार ने हमें फ्री हैंड दिया था. ऑपरेशन में हम चेस खेल रहे थे. हमें नहीं पता था दुश्मन की अगली चाल क्या होगी और हम क्या करने वाले हैं. उन्होंने कहा- हम शतरंज की चालें चल रहे थे और वह (दुश्मन) भी शतरंज खेल रहा था. कहीं हम उन्हें शह और मात दे रहे थे तो कहीं हम अपनी जान गंवाने के जोखिम पर भी हार मान रहे थे, लेकिन यही तो जिंदगी है. जनरल द्विवेदी ने कहा कि इसे ग्रे जोन कहा जाता है. इसका मतलब है कि हम पारंपरिक ऑपरेशन नहीं कर रहे हैं. 4 अगस्त को IIT मद्रास में अग्निशोध- इंडियन आर्मी रिसर्च सेल (आईएआरसी) के उद्घाटन के दौरान उन्होंने यह बात कही थी. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर-आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में एक नया अध्याय पर भी संबोधित किया. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को सुनियोजित, खुफिया-आधारित ऑपरेशन बताया, जो एक सैद्धांतिक बदलाव को दर्शाता है.


