नितिन नवीन

भाजपा की राज्यसभा उम्मीदवारों की पहली सूची जारी, नितिन नवीन और संजय भाटिया समेत नौ नामों पर मुहर

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) ने मंगलवार को राज्यसभा चुनाव के लिए अपने नौ उम्मीदवारों की पहली सूची घोषित कर दी है। इस सूची में सबसे प्रमुख नाम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का है, जिन्हें बिहार से राज्यसभा भेजा जा रहा है। उनके साथ ही बिहार से शिवेश कुमार को भी उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी ने छह राज्यों के लिए इन नामों की घोषणा की है, जिनमें छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा और हरियाणा से संजय भाटिया के नाम शामिल हैं।

असम से भाजपा ने तेराश गोवाला और जोगेन मोहन पर भरोसा जताया है, जबकि ओडिशा से मनमोहन सामल और सुजीत कुमार को मैदान में उतारा गया है। पश्चिम बंगाल से राहुल सिन्हा को उम्मीदवार बनाया गया है। देश के दस राज्यों की कुल सैंतीस राज्यसभा सीटों पर आगामी सोलह मार्च को मतदान होना है। चुनाव आयोग के अनुसार, मतदान सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक चलेगा और उसी दिन शाम पांच बजे से मतों की गिनती शुरू कर दी जाएगी। यह चुनाव उन सीटों पर हो रहे हैं, जिनके सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल दो हजार छब्बीस में समाप्त हो रहा है। राज्यसभा सदस्य का कार्यकाल छह वर्ष का होता है, इस नाते नवनिर्वाचित सदस्यों का कार्यकाल साल दो हजार बत्तीस तक रहेगा। निर्वाचन आयोग ने अठारह फरवरी को इन चुनावों की तारीखों की घोषणा की थी।

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वर्तमान में खाली हो रही सैंतीस सीटों में से बारह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पास हैं, जबकि पच्चीस सीटों पर विपक्ष का कब्जा है। सबसे अधिक महाराष्ट्र की सात, तमिलनाडु की छह और पश्चिम बंगाल व बिहार की पांच-पांच सीटों पर चुनाव होने हैं। शरद पवार, रामदास अठावले, कणिमोझी और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश जैसे बड़े नेताओं का कार्यकाल दो अप्रैल को खत्म हो रहा है। चुनाव की प्रक्रिया को लेकर आयोग ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। मतदान के लिए केवल निर्वाचन अधिकारी द्वारा दिए गए बैंगनी रंग के खास पेन का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा, किसी अन्य पेन से दिया गया वोट रद्द माना जाएगा। चुनाव को पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाने के लिए विशेष पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही, चुनाव आयोग ने असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और वीवीपीएटी मशीनों को लेकर जागरूकता अभियान भी तेज कर दिया है। अब तक लाखों लोग डेमो कैंप के जरिए मतदान की प्रक्रिया को समझ चुके हैं और हजारों मतदान केंद्रों तक मोबाइल वैन के जरिए जानकारी पहुंचाई जा रही है।

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