एजेंसी, अंजॉ /कामले। कलई-II हाइड्रो प्रोजेक्ट अरुणाचल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर भारत की प्रगति को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए अरुणाचल प्रदेश में दो बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति द्वारा लिए गए इस ऐतिहासिक फैसले के तहत राज्य में 40,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि कलई-II हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट से पूर्वोत्तर को न केवल ग्रीन एनर्जी की ताकत मिलेगी, बल्कि यह क्षेत्र को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
VIDEO | Madhya Pradesh: A forest guard was crushed to death by sand mafia during an anti-illegal mining operation in Chambal’s Morena.
Morena ASP Surendra Pal Dabur says, “Today, the forest team discovered that a tractor had crushed a forest guard. Police team has arrived at the… pic.twitter.com/bI12TWbM3X
— Press Trust of India (@PTI_News) April 8, 2026
A major boost to clean energy and development in the Northeast! The approval of the Kalai-II Hydro Electric Project in Arunachal Pradesh will strengthen power supply, generate sustainable energy and bring infrastructure and opportunities to the region. https://t.co/49DhkiKdp6
— Narendra Modi (@narendramodi) April 8, 2026
लोहित नदी पर बनेगा 1200 मेगावाट का बिजली घर
अंजॉ जिले में लोहित नदी पर बनने वाली कलई-II परियोजना पर 14,105.83 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। 1200 मेगावाट क्षमता वाले इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में लगभग साढ़े छह साल का समय लगेगा। इससे हर साल करीब 4,852 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन होगा, जिससे नेशनल ग्रिड को मजबूती मिलेगी। इस प्रोजेक्ट को टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड और राज्य सरकार मिलकर पूरा करेंगे। केंद्र सरकार इस काम के लिए बुनियादी ढांचे जैसे सड़कों और पुलों के निर्माण हेतु 599 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता प्रदान करेगी।
कमला जलविद्युत परियोजना से रोशन होगा पूर्वोत्तर
कैबिनेट ने कमला हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है, जिसकी क्षमता 1720 मेगावाट है। इस विशाल प्रोजेक्ट पर 26,069.50 करोड़ रुपए का निवेश होगा। यह परियोजना कामले, क्रा दादी और कुरुंग कुमेय जिलों में विकसित की जाएगी और इसे एनएचपीसी लिमिटेड व राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से पूरा किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट से प्रतिवर्ष लगभग 6,870 मिलियन यूनिट बिजली पैदा होने की उम्मीद है। केंद्र सरकार इसमें बाढ़ नियंत्रण और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भारी वित्तीय सहायता दे रही है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
इन दोनों परियोजनाओं से अरुणाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था में बड़ा उछाल आने की संभावना है। राज्य को इन प्रोजेक्ट्स से 12 प्रतिशत बिजली मुफ्त मिलेगी, जबकि 1 प्रतिशत बिजली स्थानीय विकास कोष के लिए रखी जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं से न केवल बिजली की कमी दूर होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे और सड़कों व अन्य सुविधाओं का विस्तार होगा। पर्यावरण के अनुकूल यह विकास पूर्वोत्तर को देश का नया ऊर्जा केंद्र (पावर हब) बनाने में मदद करेगा।
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