एक नए युग की आधारशिला

नारी शक्ति का राजनीतिक अभ्युदय : एक नए युग की आधारशिला

Blog

नारी शक्ति का राजनीतिक अभ्युदय: एक नए युग की आधारशिला

भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में कुछ क्षण ऐसे आते हैं जो न केवल समय की धारा को मोड़ देते हैं, बल्कि समाज के सबसे बड़े वर्ग की नियति को भी पुनर्परिभाषित करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ की दिशा में बढ़ाए गए कदम इसी श्रेणी के एक क्रांतिकारी बदलाव का उद्घोष हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इस पहल को ‘ऐतिहासिक’ और ‘संसद के विशेष सत्र को महिलाओं के लिए नई ताकत’ बताने वाला वक्तव्य केवल एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि उस सामाजिक आकांक्षा का प्रतिबिंब है जो दशकों से प्रतीक्षा सूची में थी। यह विधेयक केवल सीटों के आवंटन का गणित नहीं है, बल्कि यह उस ‘आधी आबादी’ को निर्णय प्रक्रिया के केंद्र में लाने का संकल्प है, जो अब तक नीतियों के निर्माण में अपनी संख्या के अनुपात में गौण रही थी। भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण लोकतंत्र में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को 33 प्रतिशत सुनिश्चित करना एक ऐसी सामाजिक संरचना की नींव रखेगा, जहां संवेदनशीलता, समावेशिता और विकास के नए आयाम स्थापित होंगे।
​मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह विश्वास कि यह कदम देश के लिए मील का पत्थर साबित होगा, पूरी तरह से तर्कसंगत प्रतीत होता है। वर्तमान परिदृश्य में जब हम मध्य प्रदेश की ओर देखते हैं, तो पाते हैं कि महिलाएं पहले से ही स्थानीय निकायों, पंचायतों और नगर निगमों में अपनी प्रशासनिक क्षमता का लोहा मनवा रही हैं। लेकिन पंचायतों से संसद तक का सफर अक्सर पुरुष प्रधान व्यवस्था की जटिलताओं में उलझकर रह जाता था। अब प्रस्तावित संशोधन के माध्यम से जब लोकसभा और विधानसभाओं के द्वार महिलाओं के लिए विधिवत रूप से खुलेंगे, तो राजनीति के स्वरूप में आमूल-चूल परिवर्तन देखने को मिलेगा। मध्य प्रदेश के संदर्भ में यह बदलाव और भी व्यापक होने वाला है। यदि परिसीमन के पश्चात विधानसभा की सीटें 230 से बढ़कर 345 होती हैं और उनमें से 114 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होती हैं, तो यह प्रदेश की राजनीति में एक बड़ी ‘जेंडर क्रांति’ होगी। इसी प्रकार लोकसभा की सीटों में वृद्धि और वहां महिलाओं का बढ़ा हुआ प्रतिनिधित्व यह सुनिश्चित करेगा कि राष्ट्रीय नीतियों में महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दे केवल चर्चा का विषय न रहकर ठोस कार्ययोजना का हिस्सा बनें।
​इस पूरे घटनाक्रम में भाजपा की सक्रियता और जागरूकता अभियान की योजना यह दर्शाती है कि यह केवल एक वैधानिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक बड़ा जन-आंदोलन बनने जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रदेश भर में कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करना और भाजपा महिला मोर्चा को घर-घर जाकर महिलाओं को जागरूक करने की जिम्मेदारी सौंपना एक सकारात्मक संकेत है। लोकतंत्र तब और मजबूत होता है जब अधिकार मिलने के साथ-साथ उनके प्रति जागरूकता भी पैदा की जाए। मुख्यमंत्री का यह कहना कि महिलाएं आज उद्योग, पर्यटन और होम-स्टे जैसे क्षेत्रों में सफल हैं, इस बात की पुष्टि करता है कि भारतीय नारी अब केवल ‘वोट बैंक’ नहीं, बल्कि ‘विजन बैंक’ बन चुकी है। आर्थिक स्वावलंबन से राजनीतिक सशक्तिकरण की ओर बढ़ता यह कदम भारत को ‘विकसित भारत’ बनाने के लक्ष्य में सबसे बड़ी ऊर्जा बनेगा। यह अधिनियम उस सोच को भी ध्वस्त करेगा जो मानती थी कि राजनीति महिलाओं का क्षेत्र नहीं है। जब 2028 के चुनावों में रिकॉर्ड संख्या में महिला उम्मीदवार मैदान में होंगी, तो वे न केवल अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेंगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए रोल मॉडल भी बनेंगी।
​अंततः, ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ केवल महिलाओं को आरक्षण देने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण में उनकी मेधा, धैर्य और प्रबंधन कौशल को आधिकारिक मान्यता देने का उत्सव है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उठाए गए इस साहसिक कदम ने भारतीय लोकतंत्र के उस अधूरेपन को दूर करने का प्रयास किया है, जो प्रतिनिधित्व के अभाव के कारण बना हुआ था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश जिस प्रकार इस ऐतिहासिक बदलाव का स्वागत करने के लिए तत्पर है, वह राज्य की प्रगतिशील सोच को दर्शाता है। यह नया भारत है, जहाँ नारी अब याचक नहीं, बल्कि नीति-निर्धारक की भूमिका में है। यह गौरव का क्षण है कि देश के सर्वोच्च सदन से निकलने वाली शक्ति अब हर घर की दहलीज तक पहुँचकर महिलाओं को यह विश्वास दिलाएगी कि देश के भविष्य को गढ़ने में उनकी कलम और उनकी आवाज की भी उतनी ही अहमियत है जितनी किसी और की। यह विधेयक वास्तव में एक सशक्त, समृद्ध और संतुलित समाज के निर्माण की दिशा में ‘अमृत काल’ का सबसे बड़ा उपहार सिद्ध होगा।

ये भी पढ़ें : आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण में प्रदेश की मोहन सरकार का स्वर्णिम योगदान

ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें

Leave a Reply