एजेंसी, पटना। Tej Pratap Yadav : बिहार की राजनीतिक गलियारों से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने अपने पूर्व करीबी सहयोगी आकाश यादव और उनके परिजनों के खिलाफ पटना के सचिवालय थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। तेज प्रताप ने आरोप लगाया है कि यह सभी लोग मिलकर उनकी और उनके अस्वस्थ पिता तथा राष्ट्रीय जनता दल के संस्थापक लालू प्रसाद यादव की जान लेने की एक गहरी और खौफनाक साजिश रच रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल शिकायत के बाद राज्य के राजनीतिक हलकों में सरगर्मी काफी तेज हो गई है।
VIDEO | Patna, Bihar: “Eight individuals want to have me and my father murdered; Aakash Yadav orchestrated the conspiracy; FIR has been filed against all of them,” says Janshakti Janata Dal President Tej Pratap Yadav.#PatnaNews #TejPratapYadav
(Full video available on PTI… pic.twitter.com/1Aj48ucJ1C
— Press Trust of India (@PTI_News) June 20, 2026
सचिवालय थाने में प्राथमिक दर्ज, तेज प्रताप ने मुख्यमंत्री से मांगी विशेष सुरक्षा
शुक्रवार को राजधानी पटना के सचिवालय पुलिस थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराने के बाद तेज प्रताप यादव ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए इस पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने अत्यंत गंभीर लहजे में कहा कि उनकी लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने आकाश यादव, उनकी बहन अनुष्का यादव सहित छह अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ कानूनी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। तेज प्रताप ने कहा कि यह पूरा गुट मिलकर न केवल उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहा है, बल्कि उनके अस्वस्थ पिता लालू प्रसाद जी की जान को भी खतरे में डाल रहा है। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से गुहार लगाते हुए अपने और अपने परिवार के लिए तत्काल पर्याप्त और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराने की मांग की है।
व्यापक राजनीतिक षड्यंत्र की आशंका, विपक्षी दलों के साथ सांठगांठ का आरोप
पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने इस पूरे घटनाक्रम को केवल एक व्यक्तिगत विवाद मानने से साफ इनकार कर दिया है। उनका दावा है कि यह उनके खिलाफ रची जा रही एक बहुत बड़ी और व्यापक राजनीतिक साजिश का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि यह पूरी तरह संभव है कि उनका पूर्व सहयोगी आकाश यादव विरोधी राजनीतिक दलों या विपक्ष के नेताओं के साथ परदे के पीछे से हाथ मिला चुका हो और उन्हीं के इशारे पर इस प्रकार की जानलेवा योजना को अंजाम देने की फिराक में हो। तेज प्रताप के अनुसार, उनके बढ़ते राजनीतिक प्रभाव को रोकने के लिए ही इस प्रकार के हिंसक और अवैध हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।
दोनों पक्षों की ओर से थानों में शिकायत, जबरन घर में घुसने के लगे प्रति-आरोप
इस पूरे मामले में एक नया मोड़ तब आया जब तेज प्रताप यादव द्वारा पुलिस में जाने से ठीक पहले दूसरे पक्ष यानी आकाश यादव ने भी पटना के पाटलिपुत्र थाने में जेजेडी प्रमुख के खिलाफ एक लिखित शिकायत दर्ज करा दी। आकाश यादव का आरोप है कि तेज प्रताप यादव ने अपने कुछ अज्ञात गुर्गों और सहयोगियों के साथ मिलकर उनके निजी आवास में जबरन घुसने का प्रयास किया था और वे उनके परिवार के सदस्यों को डराने-धमकाने की नीयत से मिलना चाहते थे। हालांकि, जेजेडी प्रमुख ने आकाश यादव द्वारा लगाए गए इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह से झूठा, बेबुनियाद और मनगढ़ंत करार दिया है।
विदेशी नंबर से धमकी भरे फोन आने का दावा, जांच में जुटी पटना पुलिस
विवाद की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। इसी बीच आकाश यादव ने पुलिस को एक और चौंकाने वाली जानकारी दी है कि उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) के एक अज्ञात नंबर से धमकी भरा फोन कॉल आया था। फोन करने वाले अज्ञात व्यक्ति ने खुद को सलाखों के पीछे बंद एक खूंखार गैंगस्टर के गिरोह से जुड़ा हुआ बताया था और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायतों को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है और मामले की तह तक जाने के लिए तकनीकी साक्ष्यों तथा कॉल रिकॉर्ड की गहनता से जांच की जा रही है।
सोशल मीडिया अकाउंट हैक होने और पूर्व में पार्टी से निष्कासन का पूरा घटनाक्रम
इस पूरे विवाद की जड़ें पिछले साल के घटनाक्रमों से जुड़ी हुई हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष पच्चीस मई को तेज प्रताप यादव को उनकी मातृ पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया गया था। यह दंडात्मक कार्रवाई उनके सोशल मीडिया हैंडल पर साझा की गई एक अत्यधिक विवादास्पद पोस्ट के बाद हुई थी, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर अनुष्का यादव के साथ अपने संबंधों की बात स्वीकारी थी। हालांकि, तेज प्रताप ने बाद में उस पोस्ट को हटा दिया था और स्पष्टीकरण दिया था कि उनका सोशल मीडिया खाता किसी अज्ञात अपराधी द्वारा हैक कर लिया गया था जिसके कारण यह पूरा भ्रम पैदा हुआ। इस पूरे घटनाक्रम के बाद उनके पिता लालू प्रसाद यादव ने भी उनके इस व्यवहार से खुद को पूरी तरह दूर कर लिया था।
ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें


