CM Yogi Jhansi Visit

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष पूजा-अर्चना के साथ किया झांसी यात्रा का शुभारंभ, प्रसिद्ध सिद्धपीठ में उमड़ा जनसैलाब

उत्तर प्रदेश दतिया देश/प्रदेश प्रादेशिक मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, झांसी। CM Yogi Jhansi Visit : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने झांसी जनपद के आधिकारिक दौरे का प्रारंभ पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के दतिया में स्थित विश्व विख्यात सिद्धपीठ मां पीतांबरा मंदिर में दर्शन-पूजन के साथ किया। मुख्यमंत्री प्रातः दस बजकर पंद्रह मिनट पर विशेष वायुयान के माध्यम से दतिया स्थित हवाई पट्टी पर उतरे। वहाँ से उनका काफिला सीधे मंदिर परिसर के लिए रवाना हुआ, जहां उन्होंने राष्ट्र कल्याण की कामना के साथ मां बगलामुखी और अति प्राचीन वनखंडेश्वर महादेव का पूर्ण विधि-विधान से पूजन किया। मुख्यमंत्री के इस आगमन को लेकर मध्य प्रदेश शासन और स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के अत्यंत कड़े और पुख्ता प्रबंध किए गए थे।

पूर्व गृहमंत्री ने किया भव्य स्वागत, जय श्रीराम के नारों से गूंजा परिसर

निर्धारित समयानुसार लगभग पांच मिनट के विलंब से दतिया हवाई पट्टी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत करने के लिए मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा स्वयं उपस्थित रहे। हवाई अड्डे पर भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से अभिनंदन किया और पूरा परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। मुख्यमंत्री की सुरक्षा को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। जमीन से लेकर ऊंची इमारतों तक पर सुरक्षाकर्मी तैनात थे, जबकि सादे कपड़ों में भी खुफिया विभाग के सिपाहियों को निगरानी के लिए नियुक्त किया गया था ताकि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक न हो सके।

मां बगलामुखी के दरबार में टेका मत्था और महादेव का किया पवित्र जलाभिषेक

शनिवार का दिन होने के कारण मंदिर परिसर में धार्मिक दृष्टिकोण से विशेष माहौल था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिद्धपीठ के भीतर लगभग पंद्रह मिनट का समय व्यतीत किया। उन्होंने सबसे पहले मां बगलामुखी माई के गर्भगृह में जाकर उनके सम्मुख पूरी श्रद्धा के साथ मत्था टेका, उन्हें नमन किया और विशेष चुनरी अर्पित कर आरती की। इसके पश्चात मुख्यमंत्री परिसर में ही स्थापित पौराणिक वनखंडेश्वर महादेव मंदिर की ओर अग्रसर हुए, जहां उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का पवित्र जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक संपन्न किया। इस पूरी पूजा पद्धति के दौरान मंदिर न्यास के पुजारियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की टोली उनके साथ उपस्थित रही।

यातायात व्यवस्था में बदलाव के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगी वाहनों की कतार

मुख्यमंत्री के अति विशिष्ट सुरक्षा घेरे (वीवीआईपी मूवमेंट) के कारण दतिया शहर के प्रमुख मार्गों की यातायात व्यवस्था में व्यापक बदलाव किया गया था। हवाई पट्टी से लेकर पीतांबरा पीठ तक जाने वाले पूरे मार्ग को कुछ समय के लिए आम जनता के वास्ते पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। चूंकि यह मुख्य मार्ग झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ा हुआ है, इसलिए सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए भारी और हल्के वाहनों के पहिए पूरी तरह थम गए। मंदिर की ओर आने वाले सभी संपर्क मार्गों पर लोहे के अवरोधक (बैरियर) लगाकर आम वाहनों को दूर ही रोक दिया गया था। दर्शन संपन्न होने के उपरांत मंदिर न्यास के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न के रूप में माता की चुनरी और पवित्र प्रसाद भेंट किया।

अति विशिष्ट आवागमन के कारण आम श्रद्धालुओं को उठाना पड़ा भारी कष्ट

इस पूरे अति विशिष्ट दौरे के दौरान एक प्रतिकूल स्थिति तब उत्पन्न हो गई जब सुरक्षा कारणों से करीब डेढ़ घंटे तक आम भक्तों के लिए पीतांबरा पीठ में प्रवेश पूरी तरह से वर्जित कर दिया गया। शनिवार का दिन होने की वजह से मंदिर में स्थापित मां धूमावती के दर्शन के लिए देश के कोने-कोने से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। ज्ञात हो कि मां धूमावती का दरबार भक्तों के लिए सप्ताह में केवल शनिवार को कुछ घंटों के लिए ही खोला जाता है। ऐसे में प्रवेश बंद होने से दूर-दराज से आए भक्तों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा और उन्होंने व्यवस्था के प्रति अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की।

दूर-दराज से आए भक्तों की पीड़ा और छूटी रेलगाड़ियां

मंदिर परिसर से आधा किलोमीटर दूर लगाए गए पुलिस अवरोधकों के पास खड़े श्रद्धालुओं ने अपनी व्यथा साझा की। राजस्थान के धौलपुर और मध्य प्रदेश के ग्वालियर से आए रामकिशोर कुशवाहा ने बताया कि उन्हें इस अति विशिष्ट कार्यक्रम की पूर्व जानकारी नहीं थी, जिसके कारण वे समय पर दर्शन नहीं कर पाए और उन्हें काम पर लौटने के लिए दूसरी गाड़ी पकड़नी पड़ी। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश के आगरा (लोहामंडी) से आईं महिला श्रद्धालु इंद्रादेवी ने बताया कि बैरियर के बाहर उनका डेढ़ घंटा व्यर्थ हो गया, जिसके कारण अब उन्हें दर्शन किए बिना ही पंजाब मेल रेलगाड़ी पकड़ने के लिए स्टेशन की ओर दौड़ना पड़ेगा। स्थानीय अधिकारियों ने स्थिति को संभालते हुए मुख्यमंत्री के प्रस्थान के तुरंत बाद आम जनता के लिए कपाट दोबारा खोल दिए।

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