एजेंसी, वाशिंगटन। Sriram Krishnan Resigns : अमेरिका के राजनीतिक और तकनीकी गलियारों से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम में शामिल और उनकी कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई नीतियों को जमीनी स्तर पर लागू करने वाले भारतीय मूल के मुख्य सलाहकार श्रीराम कृष्णन ने अपने पद से हटने का फैसला कर लिया है। चेन्नई में जन्मे बयालीस वर्षीय श्रीराम कृष्णन अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यालय और निवास ‘व्हाइट हाउस’ में वरिष्ठ नीति सलाहकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक आधिकारिक संदेश साझा करते हुए अपने इस बड़े फैसले की घोषणा की है, जिससे वैश्विक तकनीकी और राजनीतिक क्षेत्रों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
🇺🇸🚀 SOME NEWS: I’ll be leaving my role at the White House at the end of this month. After a break I’ll be working on helping tackle some of the large challenges facing America on AI (more on that later).
It is hard to express how big a privilege it has been to serve the…
— Sriram Krishnan (@sriramk) June 6, 2026
इस महीने के अंत में छोड़ देंगे अपना पद
श्रीराम कृष्णन ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए साफ किया है कि वह इसी महीने के आखिरी दिनों में व्हाइट हाउस में अपने वरिष्ठ नीति सलाहकार के पद को पूरी तरह से छोड़ देंगे। उन्होंने अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में थोड़ा इशारा करते हुए कहा कि वह पद से हटने के बाद कुछ समय के लिए एक छोटा सा विराम यानी ब्रेक लेंगे। इस आराम के बाद वह दोबारा सक्रिय होंगे और अमेरिका के सामने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में आ रही कुछ बहुत बड़ी और जटिल चुनौतियों का समाधान ढूंढने के लिए एक नए सफर की शुरुआत करेंगे। उन्होंने कहा कि वह अपनी आगे की नई रणनीति और काम के बारे में आने वाले समय में विस्तार से जानकारी साझा करेंगे।
ट्रंप प्रशासन की एआई कार्ययोजना के मुख्य रचयिता
अपने छोटे से कार्यकाल के दौरान श्रीराम कृष्णन ने अमेरिकी सरकार की तकनीकी नीतियों को बदलने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी। वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘एआई एक्शन प्लान’ यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता कार्ययोजना के मुख्य सूत्रधार और रचयिता माने जाते थे। उन्होंने ही अमेरिका में इस उभरती हुई आधुनिक तकनीक से जुड़े कड़े नियमों को लचीला और आसान बनाने का खाका तैयार किया था, ताकि टेक कंपनियों को काम करने में आसानी हो। इसके साथ ही उन्होंने पूरे अमेरिका में बड़े-बड़े डेटा सेंटरों के नेटवर्क का विस्तार करने की नीति को भी काफी बढ़ावा दिया था। वह राष्ट्रपति ट्रंप के उन खास तकनीकी रणनीतिकारों में गिने जाते थे जिन्होंने राज्यों की अपनी अलग एआई नीतियां बनाने की शक्ति को नियंत्रित करने वाला एक विशेष कार्यकारी आदेश तैयार करने में मुख्य भूमिका निभाई थी।
राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व की जमकर की तारीफ
पद छोड़ने की घोषणा के साथ ही श्रीराम कृष्णन ने अमेरिकी सरकार और राष्ट्रपति के प्रति अपना आभार भी व्यक्त किया है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि शब्दों में यह बयान करना बेहद मुश्किल है कि अमेरिकी जनता और देश की सेवा करना उनके लिए कितना गौरवशाली और बड़ा अवसर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कुशल नेतृत्व में काम करना उनके लिए हमेशा एक बड़ा सम्मान रहेगा। कृष्णन के मुताबिक अगर राष्ट्रपति ट्रंप का दूरदर्शी नेतृत्व और समर्थन नहीं मिला होता, तो आज अमेरिका कृत्रिम बुद्धिमत्ता की इस वैश्विक दौड़ में दुनिया के बाकी देशों से इतना आगे नहीं निकल पाता।
वरिष्ठ सहयोगियों ने बताया अद्वितीय प्रतिभा का धनी
व्हाइट हाउस में श्रीराम कृष्णन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने वाले उनके करीबी सहयोगी और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर राष्ट्रपति सलाहकार परिषद के सह-अध्यक्ष डेविड सैक्स ने भी उनके जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। डेविड सैक्स ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पिछले डेढ़ साल यानी अठारह महीनों के दौरान कृष्णन के साथ इतने करीब रहकर काम करना उनके जीवन का एक बहुत शानदार अनुभव रहा है। उन्होंने कृष्णन की तारीफ करते हुए कहा कि उनके काम करने की क्षमता सचमुच सबसे अलग और अद्वितीय है। उनके भीतर कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी जटिल तकनीक की गहरी समझ के साथ-साथ सरकारी नीतियों पर मजबूत पकड़, बेजोड़ रणनीतिक सोच और बेहतरीन कूटनीतिक कौशल का एक बहुत ही दुर्लभ और अनोखा तालमेल देखने को मिलता है।
चेन्नई से व्हाइट हाउस तक का शानदार सफर
वर्ष 1984 में भारत के चेन्नई शहर में जन्मे श्रीराम कृष्णन का सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने साल 2005 में भारत के मशहूर एसआरएम विश्वविद्यालय से सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी सेक्टर में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी की डिग्री हासिल की थी। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वह साल 2007 में दुनिया की जानी-मानी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट में नौकरी करने के लिए भारत छोड़कर अमेरिका चले गए थे। इसके बाद उन्होंने तकनीक की दुनिया की दिग्गज कंपनियों जैसे फेसबुक और ट्विटर (जिसे अब एक्स के नाम से जाना जाता है) में भी काफी लंबे समय तक बड़े पदों पर काम किया। व्हाइट हाउस में अपने काम को याद करते हुए कृष्णन ने अमेरिकी एआई कार्ययोजना, राष्ट्रीय एआई नीति का ढांचा तैयार करने और इस तकनीक को बढ़ावा देने के लिए बड़ी वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारियां स्थापित करने को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताया है।
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