पाकिस्तान के जनरल आसिम मुनीर बने फील्ड मार्शल, अब कभी नहीं होंगे रिटायर

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एजेंसी, इस्लामाबाद| पाकिस्तान को नया फील्ड मार्शल मिल गया है. शहबाज शरीफ की कैबिनेट ने मौजूदा सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल बनाने का फैसला लिया है. खास बात यह है कि पाकिस्तान में जो सबसे करप्ट होता है, उसे सेना में सबसे ऊंचा पद मिलता है. जनरल मुनीर को भारत के ऑपरेशन सिंदूर के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन बनयान-उम-मर्सूस के लिए प्रमोशन दिया गया है. अब यह प्रमोशन दिया गया है या उन्होंने खुद को फील्ड मार्शल बना लिया, यह तो वही जानें. क्योंकि दुनिया जानती है कि पाकिस्तान में असली कंट्रोल सेना के हाथ में ही होता है.

क्या इस बात का मिला इनाम?
1971 के बाद पहली बार भारत ने पाकिस्तान के पंजाब में स्ट्राइक की. पीओके में तो कई बार किया जा चुका है. इस अटैक को रोकने में पाक फौज नाकाम रही. 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, 12 एयरबेस पर भारत ने बम बरसाए, लेकिन पाक फौज किसी भी तरह का डिफेंस नहीं कर पाई. 600 से ज्यादा ड्रोन भारत ने मार गिराए. कुछ एयरक्राफ्ट भी पाक ने गंवाए, पाक ने 70 से ज्यादा सैनिक भी खोए. सीजफायर के उल्लंघन के जवाब में भारत ने पाक फौज के कई बंकर तबाह कर दिए. यह तो ऑपरेशन सिंदूर की फेहरिस्त है. बलूचिस्तान और खैबर में आसिम मुनीर ने बेहतर काम किया. दुनिया में पहली बार पूरी ट्रेन हाइजैक होने का कारनामा भी इन्हीं के कार्यकाल का है. 23 जून 2024 को पाकिस्तानी सेना ने आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन लॉन्च किया, जिसका नाम अज़म ए इस्तेख़ाम रखा गया. इस ऑपरेशन का मकसद आतंकियों और उनके नेटवर्क को खत्म करना और तहरीके तालिबान को अफगानिस्तान से मिल रही मदद को रोकना था. लेकिन इसका उल्टा हुआ और टीटीपी के साथ बलूच विद्रोहियों ने पाक फौज की नाक में दम कर दिया. हालात ऐसे हो गए कि सेना प्रमुख को आए दिन मारे गए सैनिकों के जनाजों में जाना पड़ा. शायद इतनी सारी खूबियों के चलते यह पद दिया गया है. फील्ड मार्शल के एलान के बाद जनरल मुनीर ने धन्यवाद बयान भी जारी किया.

कभी रिटायर नहीं होंगे आसिम मुनीर
पाकिस्तानी सेना का इतिहास रहा है कि वह सरकार बनाती और गिराती है. अपनी नीतियों और नौकरी में कितने साल बने रहना है, यह भी सेना ही तय करती है. बतौर सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने ना सिर्फ आर्मी एक्ट में बदलाव कर अपने कार्यकाल को 3 से 5 साल तक बढ़ाया, बल्कि आर्मी एक्ट के सेक्शन 80 C के तहत अपॉइंटमेंट, री अपॉइंटमेंट और एक्सटेंशन की उम्र सीमा 64 साल को भी खत्म कर दिया. इसके पीछे का मकसद था कि वह लंबे समय तक सेना प्रमुख बने रहें. अब तो आसिम मुनीर ने परमानेंट सॉल्यूशन ही ढूंढ लिया है, क्योंकि फील्ड मार्शल कभी रिटायर नहीं होते हैं.

आसिम मुनीर की उगाही और इमरान खान से दुश्मनी किस्से है आम
आसिम मुनीर और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच पिछले कई सालों से विवाद है. यह खुलकर तब सामने आया जब इमरान खान ने 2019 में आसिम मुनीर को डीजी आईएसआई के पद से हटा दिया. आसिम मुनीर के लिए यह किसी फजीहत से कम नहीं था, क्योंकि वह पाक के पहले आईएसआई चीफ बने जिन्हें कार्यकाल पूरा होने से पहले ही हटा दिया गया था. सेना बनाम इमरान खान तब और सामने आया जब उन्हें गद्दी से उतार दिया गया. मुनीर पर गुंजरावाला कोर कमांडर रहते हुए 90 करोड़ रुपये की उगाही का आरोप है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस उगाही की जानकारी खुद पीड़ित मास्टर टाइल के सीईओ शेख महमूद इकबाल ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान को 5 जून 2021 को चिट्ठी लिखकर दी थी, जिसमें जनरल मुनीर का कच्चा चिट्ठा खोल कर रख दिया.

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