Rajnath Singh Nephew

इंदौर के पास कार में बैठते समय तेज रफ्तार बस ने मारी टक्कर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के भतीजे का असमय निधन

इंदौर देश/प्रदेश प्रादेशिक मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, इंदौर। Rajnath Singh Nephew : मध्य प्रदेश की व्यापारिक राजधानी इंदौर के शिप्रा थाना इलाके से एक बेहद दुखद और दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। गुरुवार की देर रात हुए इस भीषण एक्सीडेंट में देश के केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के एक बेहद करीबी रिश्तेदार की असामयिक मौत हो गई। यह पूरा वाकया रात के करीब ग्यारह बजे का बताया जा रहा है। जैसे ही इस बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल हादसे की जानकारी मिली, वैसे ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और जिले के आला अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया और वे तुरंत एक्शन में आ गए। शुक्रवार की सुबह प्रशासनिक कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद मृतक के पार्थिव शरीर को एक विशेष चार्टर्ड विमान के जरिए इंदौर से देश की राजधानी दिल्ली के लिए एयरलिफ्ट कर दिया गया है। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक उनका अंतिम संस्कार उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में पूरे रीति-रिवाज के साथ संपन्न किया जाएगा।

कार में वापस बैठते समय अनियंत्रित बस ने कुचला

इस भयानक सड़क हादसे में अपनी जान गंवाने वाले नवजवान की पहचान उनतीस वर्षीय प्रभात सिंह के रूप में की गई है। प्रभात मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रेवती थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गाय घाट गांव के रहने वाले थे। पारिवारिक रिश्तों के लिहाज से देखें तो प्रभात के पिता प्रदीप सिंह, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के चचेरे भाई हैं, जिसके कारण मृतक प्रभात सिंह रिश्ते में रक्षा मंत्री के सगे भतीजे लगते थे। शिप्रा थाना पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, प्रभात सिंह अपने तीन अन्य दोस्तों और परिचितों के साथ किसी व्यक्तिगत और जरूरी कार्य के सिलसिले में देवास शहर आए हुए थे। गुरुवार की रात को वे सभी अपनी निजी कार में सवार होकर वापस देवास से इंदौर की तरफ आ रहे थे। तभी रास्ते में शिप्रा क्षेत्र के समीप उन्होंने किसी काम के लिए अपनी गाड़ी को सड़क के किनारे सुरक्षित खड़ा किया था।

गंभीर चोटों के कारण अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम

काम खत्म करने के बाद प्रभात सिंह जैसे ही अपनी कार का दरवाजा खोलकर वापस अंदर बैठने की कोशिश कर रहे थे, तभी अचानक सामने की तरफ से आ रही एक बहुत ही तेज रफ्तार और अनियंत्रित यात्री बस ने उन्हें अपनी चपेट में लेते हुए जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर के कारण प्रभात सिंह उछलकर दूर जा गिरे और उनके सिर तथा शरीर के अन्य हिस्सों में काफी ज्यादा गंभीर और जानलेवा चोटें आईं, जिससे वे पूरी तरह लहूलुहान होकर अचेत हो गए। कार के भीतर बैठे उनके साथी उन्हें अत्यंत नाजुक और गंभीर हालत में बिना कोई समय गंवाए तुरंत इलाज के लिए इंदौर के प्रसिद्ध अरबिंदो चिकित्सालय लेकर भागे। परंतु अस्पताल पहुंचने के बाद वहां आपातकालीन वार्ड में तैनात डॉक्टरों के दल ने गहन परीक्षण किया और उन्हें मृत घोषित कर दिया।

आधी रात को हुआ शव का पोस्टमॉर्टम, आरोपी चालक की तलाश तेज

इस दुखद घटना की खबर आग की तरह फैलते ही सोनकच्छ क्षेत्र के क्षेत्रीय विधायक राजेश सोनकर के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी के कई बड़े नेता, जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में कार्यकर्ता अरबिंदो अस्पताल के बाहर एकत्र हो गए। इसके साथ ही जिला कलेक्टर और पुलिस कमिश्नर सहित तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी अस्पताल पहुंच गए। मामले की संवेदनशीलता और वीआईपी परिवार से जुड़े होने के कारण शासन से विशेष अनुमति ली गई और डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा देर रात करीब तीन बजे ही शव का पोस्टमॉर्टम संपन्न करा लिया गया। दूसरी ओर, दुर्घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी बस चालक अपनी गाड़ी सहित मौके से अंधेरे का फायदा उठाकर तेजी से फरार हो गया। शिप्रा थाना पुलिस ने इस पूरे मामले में लापरवाही से गाड़ी चलाने और हत्या जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और फरार वाहन तथा चालक की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें रवाना कर दी हैं।

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