Protest

छात्र आंदोलन पर संसद में हंगामा : काले कपड़े पहनकर विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन, सीजेपी की वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील

नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। Parliament Black Clothes Protest : देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और व्यापक अनियमितताओं को लेकर राजधानी दिल्ली से शुरू हुआ राजनीतिक और सामाजिक विरोध प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल चुका है। संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को विपक्षी दलों के सांसदों ने अपना विरोध जताने के लिए काले वस्त्र पहनकर संसद भवन परिसर में जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन किया। वहीं दूसरी ओर, परीक्षा न्याय आंदोलन की अगुवाई कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 25 दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अपना अनशन तुरंत समाप्त करने की भावुक अपील की है। कॉजपा ने वांगचुक को भरोसा दिलाया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक यह आंदोलन पूरी मजबूती और शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा

संसद परिसर में उग्र प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष

संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से ही प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली का विषय दोनों सदनों में छाया हुआ है। सोमवार को आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई कथित पुलिस बर्बरता के विरोध में बुधवार सुबह विपक्षी सांसद काले लिबास में संसद पहुंचे। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अखिलेश यादव समेत प्रमुख विपक्षी नेताओं ने संसद परिसर में एक साथ आकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विपक्ष की मुख्य मांग है कि देश की बदहाल शिक्षा व्यवस्था और नीट पेपर लीक की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें

देशभर में फैला विरोध प्रदर्शन, प्रमुख शहरों में गिरफ्तारियां

संसद तक निकाले गए मार्च के दौरान पुलिस बल प्रयोग और नेताओं को हिरासत में लिए जाने के घटनाक्रम के बाद इस आंदोलन ने राष्ट्रव्यापी रूप ले लिया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अलावा देश के विभिन्न राज्यों और प्रमुख शहरों में छात्र और आम नागरिक सड़कों पर उतरकर गिरफ्तारियां दे रहे हैं। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि सरकार संवाद स्थापित करने के बजाय दमनकारी नीतियों और बल प्रयोग का सहारा ले रही है, जिससे युवाओं और छात्रों में भारी आक्रोश व्याप्त है

कॉजपा का सोनम वांगचुक को सार्वजनिक पत्र, अनशन खत्म करने की गुहार

आंदोलनकारी संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने अनशनरत सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के नाम एक खुला सार्वजनिक पत्र जारी किया है। कॉजपा संस्थापक अभिजीत दीपके ने सामाजिक मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पत्र साझा करते हुए लिखा कि वांगचुक का बहुमूल्य जीवन संकट में नहीं डाला जाना चाहिए और देश को उनकी आवश्यकता है। पत्र में कहा गया कि वांगचुक के 25 दिनों के तप और त्याग ने देश भर के हजारों युवाओं को प्रेरित किया है। संगठन ने उनसे अपने गिरते स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अनशन समाप्त करने का आग्रह किया है और संकल्प दोहराया है कि परीक्षा सुधार की यह लड़ाई उनके अनशन के बिना भी अनवरत जारी रहेगी

मेदांता अस्पताल से वांगचुक का सत्याग्रह, प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल

उल्लेखनीय है कि सोनम वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे थे। दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल स्थानांतरित किया गया, जहां से वे अब भी अपना अनशन जारी रखे हुए हैं। कॉजपा नेताओं ने इस पूरे गतिरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार को नागरिकों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि जब तक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता नहीं आती, प्रभावितों को न्याय नहीं मिलता और शिक्षा मंत्री का त्यागपत्र नहीं होता, तब तक शांतिपूर्ण सत्याग्रह जारी रहेगा

ये भी पढ़े : एनडीए संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी का बड़ा बयान : नीट छात्रों के भविष्य और किसानों के हितों से नहीं होगा कोई समझौता

ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें

Leave a Reply