एजेंसी, भोपाल। MP Assembly Medical Science Bill : मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन के भीतर विभिन्न जनहित और विधायी मुद्दों को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच तीखा राजनीतिक संग्राम देखने को मिला। हंगामे और नारेबाजी की गहमागहमी के बीच सदन ने ‘मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2026’ सहित कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कर दिया। इसके साथ ही ‘निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन संशोधन विधेयक 2026’, ‘पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज संशोधन विधेयक’ और ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (मध्य प्रदेश संशोधन) विधेयक’ को भी चर्चा के उपरांत सदन की मंजूरी मिल गई। हालांकि, दिल्ली में राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन, नीट परीक्षा धांधली और कॉकरोच शब्द की टिप्पणी को लेकर दिन भर विधानसभा की कार्यवाही बाधित होती रही।
म.प्र. विधानसभा का जुलाई-2026 सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित।
July-2026 Session of MP Legislative Assembly adjourned sine die.@ANI
— MP Vidhan Sabha (@MPVidhanSabha) July 22, 2026
चिकित्सा शिक्षा में सुधार के उद्देश्य से आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय विधेयक पारित
विधेयक पर चर्चा का उत्तर देते हुए उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय के क्षेत्राधिकार को सुव्यवस्थित करना है। उन्होंने बताया कि जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग के अंतर्गत विश्वविद्यालय की सीमाओं का पुनर्निर्धारण किया गया है। सरकार की प्राथमिकता केवल मेडिकल कॉलेजों का विस्तार करना ही नहीं, बल्कि योग्य डॉक्टरों और चिकित्सा शिक्षकों की संख्या में पर्याप्त वृद्धि करना भी है। वहीं विपक्ष की ओर से कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने आरोप लगाया कि प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेज तो खोले जा रहे हैं, परंतु उनमें शिक्षकों के महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं।
कॉकरोच शब्द और वक्तव्यों को लेकर सदन में तीखी नोक-झोंक
सदन के दूसरे चरण में कॉकरोच शब्द के प्रयोग को लेकर गंभीर राजनीतिक गतिरोध उत्पन्न हो गया। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के सदन के बाहर दिए गए उस बयान पर कड़ा ऐतराज जताया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि विजयवर्गीय ने युवाओं को कीड़ा-मकोड़ा कहा है। विजयवर्गीय ने विधानसभा अध्यक्ष से इस विषय पर स्पष्ट व्यवस्था देने का आग्रह किया। इस पर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और मंत्री प्रहलाद पटेल ने भी विपक्ष के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि बिना किसी प्रामाणिक साक्ष्य के सदन के सदस्यों पर आपत्तिजनक आरोप लगाना संसदीय परंपराओं के विपरीत है।
नीट परीक्षा पर स्थगन प्रस्ताव खारिज, कांग्रेस का काली पट्टी बांधकर वॉकआउट
दिन की शुरुआत में ही कांग्रेस विधायक दिल्ली में विपक्षी नेताओं पर हुई कार्रवाई और नीट परीक्षा धांधली के विरोध में हाथों में काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे थे। शून्यकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने नीट मामले पर स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा कराने की मांग रखी। संसदीय कार्य मंत्री राकेश सिंह और विश्वास सारंग ने तर्क दिया कि यह विषय केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र का है, इसलिए विधानसभा में इस पर स्थगन प्रस्ताव स्वीकार्य नहीं हो सकता। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा चर्चा का प्रस्ताव खारिज किए जाने के बाद विपक्षी विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके चलते सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
सड़क हादसे, तेल कर और केन-बेतवा योजना पर सरकार ने दिए आंकड़े
सदन में प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण आंकड़े भी पटल पर रखे गए:
सड़क दुर्घटनाएं: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक लिखित प्रश्न के उत्तर में बताया कि प्रदेश में जनवरी 2025 से 7 जुलाई 2026 के मध्य 90,138 सड़क हादसे दर्ज हुए, जिनमें 25,869 नागरिकों की असामयिक मृत्यु हुई।
पेट्रोल-डीजल पर कर राजस्व: वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने स्पष्ट किया कि ईंधन पर कोई नया कर नहीं बढ़ाया गया है, फिर भी चालू वित्त वर्ष की प्रथम तिमाही (अप्रैल से जून 2026) में सरकार को ईंधन करों से 3,604.45 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है।
केन-बेतवा लिंक परियोजना: योजना के पुनर्वास और मुआवजे में गड़बड़ी के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि सभी शिकायतों का परीक्षण कराकर एक माह के भीतर पारदर्शी निराकरण किया जाएगा।
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