Dabur FSSAI Ban

डाबर के ‘100% शुद्धता’ वाले दावों पर एफएमसीजी का बड़ा प्रहार : शहद और घी समेत कई प्रोडक्ट्स की बिक्री पर लगी पाबंदी, 15 दिनों में मांगी विस्तृत रिपोर्ट

नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। Dabur FSSAI Ban News 2026 : प्रसिद्ध एफएमसीजी कंपनी डाबर के कई प्रमुख खाद्य उत्पादों पर खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी एफएसएसएआई ने कड़ी कार्रवाई की है। नियामक संस्था ने 100 प्रतिशत शुद्धता के भ्रामक दावों के साथ बेचे जा रहे शहद, गाय का घी और कोकोनट मिल्क जैसे कई प्रोडक्ट्स की बिक्री पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है। एफएसएसएआई का मानना है कि कंपनी द्वारा अपने लेबल और वेबसाइट पर किए जा रहे ये दावे नियमों का उल्लंघन करते हैं और आम उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले हैं। इस पूरे प्रकरण में प्राधिकरण ने डाबर को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर जवाब और रिपोर्ट पेश करने का कड़ा निर्देश दिया है।

‘100% प्योर’ और ‘नेचुरल’ जैसे दावों को माना नियमों का उल्लंघन

एफएसएसएआई द्वारा की गई जांच में पाया गया कि डाबर अपनी आधिकारिक वेबसाइट और विभिन्न माध्यमों पर खाद्य पदार्थों को ‘100% नेचुरल’, ‘100% प्योर’, ‘100% प्योरिटी गारंटेड’, ‘100% ऑर्गनिक’ और ‘100% टेंडर कोकोनट वॉटर’ जैसे विज्ञापनों के साथ बेच रहा था। प्राधिकरण के अनुसार ‘100 प्रतिशत’ जैसे शब्दों का ऐसा इस्तेमाल एफएस विनियम 2018 के सख्त नियमों के खिलाफ है। ये दावे अस्पष्ट, असत्यापित हैं और बिना किसी ठोस वैज्ञानिक आधार के बाजार में प्रचारित किए जा रहे थे।

बिना अनुमति लोगो का इस्तेमाल और कंपाउंड फूड्स पर गलत लेबलिंग

मामले की गहन समीक्षा में कई अन्य गंभीर अनियमितताएं भी सामने आई हैं। डाबर हिमालयन ऑर्गनिक एप्पल साइडर विनेगर और डाबर ऑर्गनिक हनी पर बिना किसी वैध एफएसएसएआई ऑर्गनिक एंडोर्समेंट के ‘जैविक भारत’ का आधिकारिक लोगो प्रिंट पाया गया। इसके अलावा डाबर होममेड कोकोनट मिल्क जैसे मिश्रित खाद्य उत्पाद यानी कंपाउंड फूड्स पर “100% Purity” का लेबल लगाया गया था, जिसकी इजाजत खाद्य सुरक्षा कानून के तहत बिल्कुल नहीं दी जाती है।

पहले भी जारी हुआ था नोटिस, अब सख्त पाबंदी लागू

नियामक निकाय ने खुलासा किया कि उसने पूर्व में भी डाबर को कारण बताओ नोटिस जारी करके इन भ्रामक दावों को तुरंत हटाने का निर्देश दिया था। हालांकि कंपनी द्वारा समय पर उचित सुधारात्मक कदम न उठाए जाने के कारण एफएसएसएआई को यह सख्त प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करना पड़ा। एफएसएसएआई के नियमों के मुताबिक किसी भी खाद्य उत्पाद पर किया गया दावा पूरी तरह स्पष्ट और प्रामाणिक होना चाहिए। अब डाबर को 15 दिनों के भीतर यह ब्योरा देना होगा कि उसने अपने उत्पादों की पैकेजिंग और मार्केटिंग में क्या बदलाव किए हैं।

इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :

प्रश्न 1: डाबर के किन प्रमुख उत्पादों की बिक्री पर नियामक संस्था ने पाबंदी लगा दी है?

उत्तर: एफएसएसएआई ने 100 प्रतिशत शुद्धता का भ्रामक दावा करने वाले डाबर के शहद, गाय का घी, एप्पल साइडर विनेगर और कोकोनट मिल्क की बिक्री पर रोक लगा दी है।

प्रश्न 2: उत्पादों के लेबल पर लिखे दावों को नियमों का उल्लंघन क्यों माना गया?

उत्तर: उत्पादों पर लिखे ‘100% प्योर’ और ‘नेचुरल’ जैसे दावे अस्पष्ट और बिना किसी ठोस वैज्ञानिक आधार के थे, जो 2018 के विज्ञापन नियमों के खिलाफ हैं।

प्रश्न 3: डाबर के ऑर्गेनिक उत्पादों की पैकेजिंग में क्या बड़ी अनियमितता पाई गई?

उत्तर: जांच में पाया गया कि डाबर हिमालयन ऑर्गनिक एप्पल साइडर विनेगर और शहद पर बिना किसी वैध एफएसएसएआई स्वीकृति के ‘जैविक भारत’ का आधिकारिक लोगो प्रिंट किया गया था।

प्रश्न 4: कंपाउंड फूड्स यानी मिश्रित खाद्य पदार्थों के मामले में डाबर ने क्या नियम तोड़ा?

उत्तर: खाद्य सुरक्षा कानून के तहत मिश्रित खाद्य पदार्थों पर 100 प्रतिशत शुद्धता का लेबल लगाने की सख्त मनाही है, फिर भी डाबर कोकोनट मिल्क पर इसका प्रयोग किया गया।

प्रश्न 5: एफएसएसएआई ने डाबर को नोटिस जारी कर क्या कड़ा निर्देश दिया है?

उत्तर: प्राधिकरण ने डाबर को 15 दिनों के भीतर यह बताने का निर्देश दिया है कि प्रतिबंध के बाद कंपनी ने अपनी मार्केटिंग और पैकेजिंग में क्या ठोस सुधारात्मक कदम उठाए हैं।

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