एजेंसी, नई दिल्ली। Meta Government Summon India 2026 : सोशल मीडिया क्षेत्र की दिग्गज कंपनी मेटा के खिलाफ केंद्र सरकार ने अभूतपूर्व कड़ा रुख अपनाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल संस्था मेटा के शीर्ष वैश्विक अधिकारियों को औपचारिक समन भेजकर नई दिल्ली बुलाया है। आगामी 5 और 6 अगस्त को होने वाली इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सरकार प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री की रोकथाम में भारी विफलता, एआई निर्मित भ्रामक सामग्री और देश के शीर्ष जनप्रतिनिधियों के सत्यापित खातों पर अनुचित पाबंदियों जैसे गंभीर विषयों पर कंपनी से जवाब तलब करेगी।
India to summon Meta* global team over Child Sexual Abuse Material issue
India will raise several issues with Meta’s global team during a meeting on August 5–6, including:
🔸 Temporary restriction of PM Modi’s video
🔸 Networks of child sexual abuse material on their platform… https://t.co/Mj8i0AiNQv pic.twitter.com/kiiTG4GYDd
— Sputnik India (@Sputnik_India) August 4, 2026
प्रधानमंत्री के वीडियो पोस्ट पर हुई तकनीकी चूक से बढ़ा तनाव
प्रशासनिक सख्ती का यह नया दौर हाल ही में घटी एक बड़ी घटना के बाद शुरू हुआ है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 23 जुलाई को पेपर लीक के मुद्दे पर साझा किया गया एक महत्वपूर्ण वीडियो संदेश अचानक गायब कर दिया गया था। लगभग साढ़े चार घंटे तक प्लेटफॉर्म से हटाए रहने के बाद जब वीडियो को पुन: बहाल किया गया, तो मेटा ने इसे प्रणालीगत तकनीकी त्रुटि करार दिया। हालांकि, आईटी मंत्रालय ने बिग-टेक कंपनियों के स्वचालित कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम और उनकी जवाबदेही पर कड़ा रुख अपनाते हुए कंपनी की सफाई को अपर्याप्त माना है।
विज्ञापनों के जरिए आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार पर घिरी कंपनी
मेटा के लिए दूसरी सबसे बड़ी चुनौती इंस्टाग्राम पर स्पॉन्सर्ड विज्ञापनों के जरिए बच्चों से जुड़े संवेदनशील और गैर-कानूनी कंटेंट का प्रचार होना है। एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया जांच में यह सामने आया कि प्लेटफॉर्म के विज्ञापन तंत्र से पास होकर कई ऐसे विज्ञापन चल रहे थे जो उपयोगकर्ताओं को तीसरे पक्ष के मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर ले जाकर अनैतिक सामग्री तक पहुंच बना रहे थे। शुरुआती शिकायतों को खारिज करने के बाद हालांकि मेटा ने कई खातों और यूआरएल पर कार्रवाई की, लेकिन सरकार ने कंपनी द्वारा सुरक्षा ऑडिट के नाम पर दिए गए तर्कों को सिरे से खारिज कर दिया है।
आगामी बैठक में सुधारात्मक कदमों की होगी कड़ी समीक्षा
मंत्रालय द्वारा पूर्व में भेजे गए कारण बताओ नोटिस पर मेटा द्वारा दाखिल किए गए जवाबों से असंतुष्ट होकर सरकार ने इस दो दिवसीय बैठक का खाका तैयार किया है। इस दौरान केंद्र सरकार कंपनी से इस बात का पूरा ब्योरा मांगेगी कि पेड विज्ञापनों की स्क्रीनिंग और वीआईपी खातों के प्रबंधन में चूक को रोकने के लिए क्या ठोस तकनीकी बदलाव किए गए हैं। सरकार का स्पष्ट रुख है कि भारत के विशाल डिजिटल बाजार में सेवा देने वाली विदेशी टेक कंपनियों को देश के कड़े सुरक्षा नियमों और नागरिक अधिकारों का हर हाल में सम्मान करना होगा।
इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :
प्रश्न 1: भारत सरकार ने मेटा की ग्लोबल टीम को किस गंभीर मामले में समन भेजा है? उत्तर: सरकार ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट को रोकने में नाकामी, फर्जी एआई कंटेंट और वीआईपी अकाउंट्स पर अनुचित पाबंदियों के मुद्दे पर समन भेजा है।
प्रश्न 2: पीएम मोदी के किस महत्वपूर्ण वीडियो को लेकर मेटा ने गलत एक्शन लिया था? उत्तर: प्रधानमंत्री द्वारा 23 जुलाई को पेपर लीक के मुद्दे पर साझा किए गए एक महत्वपूर्ण वीडियो को मेटा ने हटा दिया था, जिसे बाद में तकनीकी गड़बड़ी बताकर रिस्टोर किया गया।
प्रश्न 3: इंस्टाग्राम पर चाइल्ड अब्यूज कंटेंट के प्रचार को लेकर क्या खुलासा हुआ था? उत्तर: एक जांच में सामने आया कि इंस्टाग्राम पर ऐसे प्रायोजित विज्ञापन चल रहे थे जो यूजर्स को उन टेलीग्राम ग्रुप्स पर ले जाते थे जहां आपत्तिजनक सामग्री बेची जा रही थी।
प्रश्न 4: मेटा ने पीएम मोदी का वीडियो हटाने के पीछे क्या सफाई पेश की थी? उत्तर: मेटा ने इस घटना पर खेद जताते हुए इसे अपने ऑटोमेटेड मॉडरेशन सिस्टम की एक बड़ी तकनीकी त्रुटि (टेक्निकल एरर) करार दिया था।
प्रश्न 5: आगामी 5 और 6 अगस्त की बैठक में सरकार मेटा से क्या जवाब मांगेगी? उत्तर: सरकार कंपनी से विस्तृत रिपोर्ट मांगेगी कि पेड विज्ञापनों की स्क्रीनिंग और वीआईपी खातों के प्रबंधन में हुई चूक को रोकने के लिए उन्होंने क्या तकनीकी सुधार किए हैं।


