एजेंसी, नई दिल्ली। US Green Card News : संयुक्त राज्य अमेरिका के ट्रंप प्रशासन की ओर से विदेशी कार्यबल और प्रवासियों को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा फैसला सामने आया है। अमेरिकी सरकार ने महज एक सप्ताह के भीतर ही अपने बेहद कड़े और विवादित ग्रीन कार्ड नियमों पर पूरी तरह से यू-टर्न ले लिया है। प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि ग्रीन कार्ड (स्थायी निवास परमिट) के लिए आवेदन करने वाले अधिकांश विदेशी नागरिकों को अब आवेदन प्रक्रिया के दौरान अमेरिका छोड़कर अपने मूल देश वापस जाने की कोई जरूरत नहीं होगी। ज्ञात हो कि कुछ ही दिनों पहले अमेरिकी प्रशासन ने एक अत्यंत सख्त नीति की घोषणा की थी, जिसके तहत यह अनिवार्य किया जा रहा था कि जो भी विदेशी नागरिक वर्तमान में अस्थायी वीजा पर अमेरिका के भीतर मौजूद हैं, उन्हें अपना ग्रीन कार्ड आवेदन पूरा करने के लिए पहले अपने वतन वापस लौटना होगा और वहीं रहकर इसका इंतजार करना होगा। सरकार के इस ताजा और सुधारात्मक फैसले से अमेरिका में रहकर वहां के स्थायी निवासी बनने का सपना संजोए लाखों भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी पेशेवरों और अन्य विदेशी नागरिकों ने बड़ी राहत की सांस ली है। ‘ग्रीन कार्ड’ दरअसल एक बेहद महत्वपूर्ण आधिकारिक दस्तावेज है, जो किसी भी विदेशी नागरिक को अमेरिका में स्थायी रूप से बसने, जमीन खरीदने और वहां कानूनी रूप से काम करने का अधिकार प्रदान करता है।
🚨 Major #ImmigrationAlert: DHS quickly retreats on controversial green card policy, averting a potential crisis for hundreds of thousands! Last week, USCIS rocked immigrants, families & employers with an announcement that green card seekers may have to leave the US unless under pic.twitter.com/vCmr2iB65T
— Law Offices of Spar & Bernstein (@bradbernstein27) May 30, 2026
गृह सुरक्षा विभाग ने दी सफाई, कहा— नीति में नहीं हुआ कोई बड़ा बदलाव
इस पूरे मामले में वैश्विक स्तर पर बढ़ते दबाव और चौतरफा आलोचनाओं के बीच अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी) ने शुक्रवार को एक नया बयान जारी कर पिछले सप्ताह की अपनी घोषणा पर उपजे भ्रम को दूर करने का प्रयास किया है। विभाग की ओर से जारी आधिकारिक स्पष्टीकरण में यह दावा किया गया है कि उनकी मुख्य अप्रवासी नीति में कोई भी बुनियादी या बड़ा फेरबदल नहीं किया गया था। प्रवक्ता के अनुसार, पिछले आदेश की कुछ तकनीकी व्याख्याओं के कारण भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। सरकार का उद्देश्य सभी प्रवासियों को बाहर निकालना नहीं था, बल्कि केवल कुछ ही विशिष्ट श्रेणियों के लोगों को विधिक प्रक्रियाओं के तहत अपने देशों में वापस जाकर औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी, जबकि बहुसंख्यक आवेदकों पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। गृह सुरक्षा विभाग के इस आधिकारिक बयान के बाद पिछले कई दिनों से अमेरिकी अप्रवासी बाजार में बना हुआ अनिश्चितता का माहौल काफी हद तक शांत हो गया है।
फैसले से टला बड़ा संकट, 12 लाख से अधिक भारतीय परिवारों का भविष्य दांव पर था
अमेरिकी प्रशासन द्वारा पिछले सप्ताह की गई इस अप्रत्याशित और सख्त घोषणा के बाद अमेरिका के विभिन्न राज्यों में कार्यरत लाखों कुशल भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियरों और पेशेवरों के बीच भारी चिंता और डर का माहौल व्याप्त हो गया था। विशेष रूप से वे भारतीय मूल के नागरिक सबसे अधिक मानसिक तनाव और असमंजस की स्थिति में आ गए थे, जो अपनी कंपनियों के माध्यम से पिछले कई वर्षों से रोजगार-आधारित (एम्प्लॉयमेंट-बेस्ड) ग्रीन कार्ड मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इस बेहद संवेदनशील मुद्दे पर व्हाइट हाउस के पूर्व सलाहकार अजय जैन भुटोरिया ने आंकड़ों के साथ चिंता जाहिर करते हुए बताया था कि अगर सरकार इस सख्त नियम को वापस नहीं लेती, तो अमेरिका में रह रहे लगभग 12 लाख से भी अधिक संपन्न भारतीय परिवारों का भविष्य पूरी तरह से अधर में लटक जाता। हजारों लोगों की नौकरियां छूटने, बच्चों की पढ़ाई बाधित होने और व्यापार बंद होने का खतरा पैदा हो गया था, जिसे अब प्रशासन के इस नए रुख ने पूरी तरह से टाल दिया है।
ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें


