शिवालिक

भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक जीत : होर्मुज जलडमरूमध्य से निकला गैस का जहाज, 45 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लेकर पहुंचा मुंद्रा पोर्ट

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव और युद्ध के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर आई है। होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे भारतीय जहाजों में से एक ‘शिवालिक’ सोमवार शाम करीब 5 बजे गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर सुरक्षित पहुंच गया है। यह जहाज अपने साथ 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आया है। केंद्र सरकार के प्रयासों के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे 24 भारतीय जहाजों में से दो को निकलने की अनुमति दी थी, जिनमें ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ शामिल हैं।

शिपिंग मंत्रालय के अधिकारी राजेश सिन्हा ने जानकारी दी कि ‘शिवालिक’ के पीछे-पीछे ‘नंदा देवी’ जहाज भी भारत की ओर बढ़ रहा है। ‘नंदा देवी’ के मंगलवार शाम तक गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंचने की उम्मीद है और वह भी लगभग 40-45 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आ रहा है। इन दोनों जहाजों के आने से देश में रसोई गैस की आपूर्ति को बड़ी मजबूती मिलेगी। ज्ञात हो कि भारत अपनी जरूरत की 60 फीसदी एलपीजी आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों से आता है।

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ईरान द्वारा भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देना एक बड़ी कूटनीतिक कामयाबी मानी जा रही है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य फिलहाल दुनिया के कई देशों के लिए बंद है। हालांकि, चिंता की बात यह है कि अभी भी 22 भारतीय जहाज और उनमें सवार 611 नाविक वहां फंसे हुए हैं। इन फंसे हुए जहाजों में 6 एलपीजी, 1 एलएनजी और 4 कच्चे तेल के टैंकर शामिल हैं, जबकि अन्य जहाजों में केमिकल और कंटेनर लदे हुए हैं। सरकार बाकी जहाजों को भी सुरक्षित निकालने के लिए लगातार बातचीत कर रही है।

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