एजेंसी, उज्जैन। उज्जैन कत्लखाना : धार्मिक नगरी उज्जैन में मांस विक्रय पर लगे कड़े प्रतिबंधों के बीच पुलिस ने एक बड़े अवैध कत्लखाने का भंडाफोड़ किया है। महाकाल थाना क्षेत्र के कोट मोहल्ला इलाके में एक घर के नीचे गुपचुप तरीके से गोवंश की कटाई की जा रही थी। मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में मांस, धारदार हथियार और रस्सियों से बंधे जीवित मवेशी बरामद किए हैं। पुलिस ने इस मामले में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है, जो मौके से भागने की कोशिश कर रहे थे।
महाकाल मंदिर क्षेत्र में नियमों की अनदेखी
प्रशासन ने महाकाल मंदिर के आसपास के क्षेत्रों में मांस की बिक्री और पशु वध पर पूरी तरह रोक लगा रखी है। इसके बावजूद आरोपी हाजी मुस्तकीम और उसका भाई वसीम बम्बईया अपने घर के एक कमरे में अवैध रूप से मवेशियों को काटकर उनका मांस बेचने का काला कारोबार कर रहे थे। पुलिस को लंबे समय से इस संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिल रही थी, जिसके बाद 12 अप्रैल को खुफिया घेराबंदी कर इस ठिकाने पर दबिश दी गई।
मौके से बरामद हुआ भारी मात्रा में सामान
जब पुलिस टीम ने गवाहों के साथ घर में छापेमारी की, तो वहां का नजारा बेहद क्रूर था। मौके से तीन जीवित मवेशी मिले जिन्हें निर्दयतापूर्वक रस्सियों से बांधकर रखा गया था। इसके अलावा पुलिस को मवेशियों के कटे हुए अंग, मांस तोलने के लिए डिजिटल कांटा, लोहे की तराजू, धारदार बक्का और मांस काटने के लकड़ी के ठिये बरामद हुए। पुलिस ने पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी करवाई है ताकि आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें।
पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज
पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ मध्य प्रदेश कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11(1)(घ) और आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है। पकड़े गए दोनों आरोपी कोट मोहल्ला के ही निवासी हैं। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है कि यह मांस शहर में और कहां-कहां सप्लाई किया जा रहा था। इस कार्रवाई से इलाके के अन्य अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
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