एजेंसी, दिल्ली। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के असर से घरेलू मोर्चे पर विमानन टरबाइन ईंधन ( हवाई ईंधन ) के दामों में बड़ा इजाफा हुआ है। बुधवार को एटीएफ की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचते हुए 2.07 लाख रुपये प्रति किलोलीटर के पार निकल गई हैं। हालांकि सरकार ने घरेलू विमानन कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए उनके लिए कीमतों में केवल 8.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है, जबकि विदेशी और चार्टर विमानों के लिए यह वृद्धि 114.5 प्रतिशत तक की गई है।
#WATCH | Delhi: Sujata Sharma, Joint Secretary (Marketing & Oil Refinery), Ministry of Petroleum & Natural Gas, says, “As you are all aware, our crude inventory is sufficient, and the Government of India has made adequate arrangements for crude oil supplies for the next two… pic.twitter.com/yo74JV9QTC
— ANI (@ANI) April 1, 2026
जानकारों का कहना है कि विमान ईंधन की कीमतों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर तय किया जाता है। वर्तमान में पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की वजह से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मची है। इसी को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने घरेलू उड़ानों के लिए कीमतों को सीमित रखा है ताकि आम यात्रियों के लिए हवाई सफर बहुत ज्यादा महंगा न हो जाए। यह पहली बार है जब एटीएफ के दाम दो लाख रुपये के स्तर को लांघ गए हैं, इससे पहले रूस-यूक्रेन युद्ध के समय यह 1.1 लाख रुपये के करीब पहुंचे थे। एक मार्च को भी कीमतों में 5,244.75 रुपये प्रति किलोलीटर की वृद्धि देखी गई थी। विमानन कंपनियों के कुल परिचालन खर्च में 40 फीसदी हिस्सा ईंधन का होता है, ऐसे में यह बढ़ोत्तरी उनके लिए बड़ी चुनौती साबित होगी। इसके साथ ही युद्ध की वजह से हवाई मार्ग लंबे होने के कारण भी ईंधन की खपत बढ़ी है।
महंगाई का असर सिर्फ आसमान पर ही नहीं बल्कि जमीन पर भी दिख रहा है। होटल और रेस्तरां में उपयोग होने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 195.50 रुपये की भारी वृद्धि की गई है। इस बदलाव के बाद दिल्ली में अब कमर्शियल सिलेंडर 2,078.50 रुपये का मिलेगा। हालांकि राहत की बात यह है कि घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है और वह दिल्ली में 913 रुपये पर बरकरार है।
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इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी प्रमुख तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी और विमान ईंधन की कीमतों की समीक्षा करती हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधा के कारण तेल की कीमतों में करीब 50 प्रतिशत की तेजी आ चुकी है। वहीं अगर पेट्रोल और डीजल की बात करें तो पिछले साल मार्च में हुई दो रुपये की कटौती के बाद से इनके भाव स्थिर हैं। वर्तमान में दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है।


