सीएम मोहन यादव का मध्य प्रदेश में निवेश लाना एक सूत्रीय लक्ष्य

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परिवार राज्य अथवा देश के लोग समृद्धशाली हों, इसके लिए परिवार राज्य अथवा देश के मुखिया को अपने पर निर्भर लोगों की भलाई के लिए अतिरिक्त प्रयास करने होते हैं। यह प्रयास आर्थिक क्षेत्र में तो बेहद आवश्यक हो जाते हैं। क्योंकि वर्तमान युग में धन का महत्व इतना अधिक हो गया है कि उसके अभाव में जीवन की कल्पना तक नहीं की जा सकती। भौतिक मान्यताएं तो यहां तक बदल चुकी हैं कि कि आज अर्थ के बिना धर्म काम और मोक्ष के प्रयास भी असंभव से प्रतीत होते हैं। तात्कालिक मान्यताएं हैं कि यदि आपके पास आर्थिक समृद्धि है तो ही आप किसी प्रकार के धार्मिक कर्मकांड, वैवाहिक आयोजन अथवा दान पुण्य संबंधी क्रियाओं को अंजाम दे सकते हैं। यानि भौतिक युग के हिसाब से व्यक्ति समाज राज्य अथवा राष्ट्र का आर्थिक रूप से समृद्ध होना आवश्यक है। इस बात को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भली-भांति समझा है।उद्योग, कृषि, विज्ञान, और व्यापार के क्षेत्र में मध्य प्रदेश अनेक कीर्तिमान रचता हुआ आगे बढ़ रहा है। फिर भी मुख्यमंत्री का प्रयास है कि अभी विकास की प्रगति को और अधिक गतिशील होना चाहिए‌। केवल अंतर्राज्यीय स्तर पर ही नहीं, अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र में भी मध्य प्रदेश की धमक स्पष्ट सुनाई देनी चाहिए। क्योंकि उनकी अध्ययनशील जीवन प्रणाली यह बात भली भांति अनुभव कर चुकी है कि घोर प्रतिस्पर्धा का यह युग उसी को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करता है जो परिस्थितियों को अपने अनुकूल मोड़ने का पुरुषार्थ रखता है। यह दुनिया ऐसे व्यक्ति, समाज अथवा राष्ट्र को विकास के पथ पर अपने साथ लेकर नहीं चलती जो स्वयं को हालातों के हवाले करके समझौता वादी जीवन जीने में विश्वास रखते हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भविष्य की चुनौतियां का सामना करने की तैयारी अभी से करने की ठानी है और मध्य प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रत्येक मामले में दक्ष, योग्य एवं सुपात्र बनाने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं‌। इस प्रकार के प्रयासों का हिस्सा उनकी वह जापान यात्रा है, जिसे सफलता का जामा पहनाने में डॉक्टर मोहन यादव फिलहाल लगे हुए हैं। इस यात्रा में उन्होंने जापान के टोक्यो, ओसाका और कोबे जैसे क्षेत्रों को अपनी कार्य योजनाओं को अंजाम देने का लक्ष्य बनाया है, जिनकी औद्योगिक धमक पूरी दुनिया में लंबे समय से बनी हुई है। यहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित अनेक औद्योगिक संस्थानों के कर्ताधर्ताओं से संपर्क किया है। भारतीय विशेषज्ञों की बेहद काबिल टीम के साथ यह भरोसा दिलाने में कामयाबी हासिल की है की मध्य प्रदेश भारत का एक ऐसा भरोसेमंद राज्य है, जहां बड़े से बड़ा आर्थिक निवेश निश्चिंतता के साथ किया जा सकता है। यदि जापान के उद्योगपति हमारे यहां अपने कारखाने, प्रशिक्षण संस्थान अथवा शैक्षणिक संस्थान खोलते हैं तो उन्हें आर्थिक लाभ तो प्राप्त होगा ही, साथ में विभिन्न कलाओं एवं कारीगरी में कुशल युवाओं की उपलब्धता सहज बनी रहने वाली है। जहां तक भूमि, विद्युत, पानी, सुरक्षा आदि आवश्यक संसाधनों की बात है तो इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार उनकी हर संभव सहायता करने को तत्पर है। मध्य प्रदेश की वर्तमान सरकार जापान के उद्योगपतियों को यह भरोसा इसलिए दिलाने में और अधिक कामयाब रही, क्योंकि हमारे यहां पहले से ही जापान की अनेक औद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं और सफलता के साथ अपना कार्य कर रही हैं। हमारे तकनीकी और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उपरोक्त सफलताओं को वहां प्रदर्शित किया जाना बेहद सराहनीय है। इन सभी ने मध्य प्रदेश को एक आदर्श राज्य बताते हुए वहां के उद्योगपतियों को यहां की विशेषताओं से अवगत करवाया है। फल स्वरुप नतीजे अनुकूल प्राप्त हो रहे हैं और विभिन्न औद्योगिक एवं व्यवसायिक संस्थानों द्वारा मध्य प्रदेश में आर्थिक निवेश करने को लेकर केवल दिलचस्पी ही नहीं दिखाई गई। बल्कि उनके द्वारा शीघ्र ही मध्य प्रदेश में आने और जमीनी स्तर पर निवेश संबंधी स्थानों का मुआयना करने के संकेत भी दिए हैं। यह अनुकूल परिस्थितियों इसलिए भी बन रही हैं, क्योंकि मध्य प्रदेश में भाजपा शासन के चलते मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में जापान के साथ आवश्यक वस्तुओं का आयात निर्यात बड़े पैमाने पर कायम बना हुआ है यदि वर्तमान वित्त वर्ष की बात करें तो इस 1 साल में हम 92.8 मिलियन डॉलर का निर्यात जापान की ओर कर चुके हैं। मध्य प्रदेश से भेजे गए सामानों में एल्युमिनियम से बनी वस्तुएं, कार्बनिक रसायन, परमाणु रिएक्टर्स, बायलर्स, यांत्रिक उपकरण, फार्मास्यूटिकल उत्पादन एवं मशीनरी प्रमुख रूप से शामिल हैं। व्यावसायिक स्तर पर इस आदान-प्रदान के प्रदर्शन ने यह सत्य तो स्थापित कर दिया है कि 9 करोड़ से ज्यादा आबादी वाला मध्य प्रदेश क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था एक दशक में तीन गुना बढ़ी है। अब वर्तमान सरकार द्वारा 5 साल में इसे दुगना करने का लक्ष्य निर्धारित किया जा चुका है। यह भी उल्लेखनीय है कि पूंजीगत व्यय और शासकीय खर्चों में पिछले साल 19% की वृद्धि हुई है जो प्रदेश की प्रगति का प्रतीक है। यदि मध्य प्रदेश की वैश्विक निर्यात शक्ति का आकलन करें तो इस वित्त वर्ष में अभी तक 65000 करोड रुपए का माल हम विभिन्न देशों को निर्यात कर चुके हैं। यह तस्वीर आश्वस्त करती है कि भविष्य में मध्य प्रदेश विकास के पथ पर नए कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है।

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