एजेंसी, नई दिल्ली। Mallikarjun Kharge : भारत के निर्वाचन आयोग ने बुधवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को एक सख्त नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध उनके द्वारा की गई ‘आतंकवादी’ वाली टिप्पणी के बाद की गई है। चुनाव आयोग ने इस बयान को चुनावी आचार संहिता का संभावित उल्लंघन माना है और खरगे को अपना पक्ष रखने के लिए केवल 24 घंटे का समय दिया है। आयोग का यह कदम उस समय आया है जब देश में चुनावी माहौल पूरी तरह से गर्माया हुआ है।
Election Commission of India takes serious note of INC President Mallikarjun Kharge calling PM Narendra Modi as “terrorist”; issues a stern notice to Kharge. pic.twitter.com/bZZk07M7eu
— Press Trust of India (@PTI_News) April 22, 2026
भाजपा प्रतिनिधिमंडल की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई
चुनाव आयोग की यह कार्रवाई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के कुछ ही घंटों बाद हुई है। इस प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, किरेन रिजीजू, अर्जुन राम मेघवाल और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल थे। भाजपा नेताओं ने चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ से मुलाकात कर प्रधानमंत्री के खिलाफ खरगे की भाषा को अशोभनीय और अपमानजनक बताया था। भाजपा का तर्क है कि इस तरह की बयानबाजी से न केवल राजनीतिक मर्यादा गिरती है, बल्कि यह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया को भी प्रभावित करती है।
चेन्नई के संवाददाता सम्मेलन में दिया था विवादित बयान
उल्लेखनीय है कि मल्लिकार्जुन खरगे ने 21 अप्रैल को चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तमिलनाडु की राजनीति और गठबंधनों पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ‘आतंकवादी’ शब्द का प्रयोग किया था। उन्होंने एआईएडीएमके और भाजपा के गठबंधन की आलोचना करते हुए यह टिप्पणी की थी। हालांकि, जैसे ही इस बयान पर विवाद खड़ा हुआ, खरगे ने तुरंत अपनी बात पर सफाई देने का प्रयास किया।
खरगे का स्पष्टीकरण और भाजपा की कड़ी मांग
विवाद बढ़ता देख कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उनके कहने का अर्थ शाब्दिक रूप से ‘आतंकवादी’ नहीं था। उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी विपक्षी नेताओं और राजनीतिक दलों को सरकारी एजेंसियों के माध्यम से ‘आतंकित’ कर रहे हैं। उन्होंने ‘टैक्स टेररिज्म’ (कर आतंकवाद) का जिक्र करते हुए कहा कि ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग की छापेमारी के जरिए डराने का काम किया जा रहा है। दूसरी ओर, भाजपा ने इस स्पष्टीकरण को खारिज करते हुए मांग की है कि खरगे को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू ने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला करार दिया है, जबकि पार्टी ने निर्वाचन आयोग से खरगे के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई और प्रचार पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया है।
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