बजट में मध्यम वर्ग को बड़ी राहत, 12 लाख रुपये की सालाना आय कर मुक्त

नई दिल्ली राष्ट्रीय राष्ट्रीय

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उम्मीदों के अनुरूप मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए 12 लाख रुपये तक की सालाना आय को पूरी तरह से कर मुक्त किये जाने की घोषणा की। यह छूट नई आयकर व्यवस्था में दी गयी है। मानक कटौती 75,000 रुपये के साथ नौकरीपेशा लोगों को अब 12.75 लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई कर नहीं देना होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि कर छूट से मध्यम वर्ग के लोगों के पास खपत के लिए अधिक पैसे बचेंगे। साथ ही निवेश और बचत भी बढ़ेगी। वित्त मंत्री ने इसके साथ अलग-अलग कर स्लैब में भी बदलाव का प्रस्ताव किया। इसके तहत, अब चार लाख रुपये सालाना आय पर कोई कर नहीं लगेगा। चार से आठ लाख रुपये पर पांच प्रतिशत, आठ से 12 लाख रुपये पर 10 प्रतिशत, 12 लाख से 16 लाख रुपये पर 15 प्रतिशत, 16 से 20 लाख रुपये पर 20 प्रतिशत, 20 लाख रुपये से 24 लाख रुपये पर 25 प्रतिशत तथा 24 लाख रुपये से ऊपर की सालाना आय पर 30 प्रतिशत कर लगेगा। प्रत्यक्ष कर छूट से सरकारी खजाने पर एक लाख करोड़ रुपये का बोझ आएगा।

टैक्स स्लैब 25-26

  • 4 लाख तक* 0%
  • 4-8 लाख तक* 5%
  • 8-12 लाख तक* 10%
  • 12-16 लाख तक 15%
  • 16-20 लाख तक 20%
  • 20-24 लाख से ज्यादा 25%
  • 24 लाख से ज्यादा 30%

बजट में बिहार के लिए सौगातों की बरसात, सीतारमण ने किए कई बड़े ऐलान…राज्य के नेताओं ने सराहा
केंद्रीय बजट 2025-26 में बिहार फोकस में रहा, जहां वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को राज्य के लिए कई घोषणाएं कीं, जिनमें मखाना बोर्ड की स्थापना, पश्चिमी कोसी नहर के लिए वित्तीय सहायता और आईआईटी पटना की क्षमता बढ़ाने के लिए समर्थन शामिल है। वर्तमान में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) द्वारा शासित बिहार में इस साल के अंत में चुनाव होने हैं। लोकसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि केंद्र भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए राज्य में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों की सुविधा के अलावा बिहार में एक राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और प्रबंधन संस्थान स्थापित करेगा। सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, ‘‘मखाने के उत्पादन और प्रसंस्करण में सुधार के लिए बिहार में एक मखाना बोर्ड की स्थापना की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र पश्चिमी कोसी नहर के लिए राज्य को वित्तीय सहायता प्रदान करेगा, जिससे मिथिलांचल क्षेत्र में 50,000 हेक्टेयर भूमि लाभान्वित होगी। केंद्र पांच आईआईटी में अतिरिक्त बुनियादी ढांचा तैयार करेगा और आईआईटी पटना की क्षमता बढ़ाने के लिए सहायता प्रदान करेगा।

केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने बजट में की गई घोषणाओं की सराहना की। पासवान ने कहा, ‘‘बिहार में राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और प्रबंधन संस्थान की स्थापना से पूरे पूर्वी क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को मजबूती मिलेगी और किसानों की उपज की गुणवत्ता में सुधार करके उनकी आय में वृद्धि होगी। जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने बिहार में मखाना बोर्ड के गठन की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि इससे किसानों और उद्यमियों के लिए नए अवसर खुलेंगे। यह कहते हुए कि यह क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था की सूरत बदलने वाला साबित होगा, झा ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह पहल उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन को बढ़ाएगी, जिससे मिथिला और बिहार में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

बजट 2025: किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की घोषणा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के लिए ब्याज सहायता योजना की सीमा तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की घोषणा की। शनिवार को संसद में बजट पेश करते हुए सीतारमण ने कहा कि सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लिए ऋण गारंटी कवर बढ़ाएगी ताकि उनकी कर्ज तक पहुंच में सुधार हो सके। इसके अलावा, सरकार सूक्ष्म उद्यमों के लिए पांच लाख रुपये की सीमा वाले ‘कस्टमाइज्ड’ क्रेडिट कार्ड पेश करेगी।उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड 7.7 करोड़ किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों को अल्पकालिक ऋण की सुविधा प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि अच्छी तरह से संचालित निर्यातोन्मुख एमएसएमई को 20 करोड़ रुपये तक का सावधि ऋण प्रदान किया जाएगा।

बजट में केंद्रीय गृह मंत्रालय को मिला 2.33 लाख करोड़ रुपये
केंद्रीय बजट 2025-26 में शनिवार को गृह मंत्रालय को 2,33,210.68 करोड़ रुपये आवंटित किये गए, जिसमें से 1,60,391.06 करोड़ रुपये सीआरपीएफ, बीएसएफ और सीआईएसएफ जैसे केंद्रीय पुलिस बलों को दिये जाएंगे। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल(सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल(सीआईएसएफ) आंतरिक सुरक्षा, सीमा की रखवाली और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं। केंद्रीय बजट 2024-25 में केंद्रीय गृह मंत्रालय को 2,19,643.31 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जम्मू कश्मीर को 41,000.07 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जो अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद केंद्र शासित प्रदेश बन गया। बजट में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह को 6,212.06 करोड़ रुपये, चंडीगढ़ को 6,187.48 करोड़ रुपये, दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव को 2,780 करोड़ रुपये, लद्दाख को 4,692.15 करोड़ रुपये, लक्षद्वीप को 1,586.16 करोड़ रुपये तथा पुडुचेरी को 3,432.20 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

अर्धसैनिक बलों में सीआरपीएफ को 35,147.17 करोड़ रुपये ,बीएसएफ को 28,231.27 करोड़ रुपये, सीआईएसएफ को 16,084.83 करोड़ रुपये, भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) को 10,370 करोड़ रुपये, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को 10,237.28 करोड़ रुपये और असम राइफल्स को 8,274.29 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। खुफिया ब्यूरो (आईबी) को 3,893.35 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल(एनडीआरएफ) को 1,922.59 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।

सीमा अवसंरचना एवं प्रबंधन के लिए 5,597.25 करोड़ रुपये, पुलिस अवसंरचना के विकास के लिए 4,379.20 करोड़ रुपये, महिला सुरक्षा से संबंधित योजनाओं के लिए 960.12 करोड़ रुपये, सुरक्षा संबंधी व्यय के लिए 4,876.34 करोड़ रुपये और (सीमावर्ती क्षेत्रों में) ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के लिए 1,056.40 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

बजट में मंत्रिमंडल को 1,024.30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसके अंतर्गत मंत्रिपरिषद, कैबिनेट सचिवालय, प्रधान मंत्री कार्यालय (पीएमओ), सरकार के आतिथ्य पर होने वाले व्यय आते हैं। वहीं, प्राकृतिक आपदाओं के कारण राहत सहित विभिन्न सामाजिक सेवा गतिविधियों के लिए 2,721.20 करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं। सुरक्षित शहर परियोजना के लिए 215.34 करोड़ रुपये, राज्य सरकारों को अनुदान सहायता 3,494.39 करोड़ रुपये, केंद्र शासित प्रदेश सरकारों को अनुदान सहायता 1,515.02 करोड़ रुपये तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र पर पूंजीगत परिव्यय के लिए 810.00 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

बजट में जनगणना से जुड़े काम के लिए मात्र 574.80 करोड़ रुपये (2024-25 में 572 करोड़ रुपये) आवंटित किए गए हैं, जिससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि इस कवायद में और देरी होगी। जनगणना 2020-21 में होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।

खेल में 350 करोड़ की बढ़ोतरी की घोषणा, ‘खेलो इंडिया’ को मिला सबसे बड़ा हिस्सा
जमीनी स्तर पर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की खोज और उन्हें प्रोत्साहित करने के सरकार की प्रमुख योजना ‘खेलो इंडिया’ को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शनिवार को यहां पेश किये गये केंद्रीय बजट में सबसे ज्यादा फायदा हुआ। खेलों के लिए आवंटन में 351.98 करोड़ रुपये की भारी बढ़ोतरी की घोषणा की गयी है जिसका सबसे बड़ा हिस्सा खेलो इंडिया कार्यक्रम को मिलेगा। इस महत्वाकांक्षी योजना को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 1,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। फाइनेंशियल इयर 2024-25 के 800 करोड़ रुपये के अनुदान से 200 करोड़ रुपये अधिक है। युवा मामले एवं खेल मंत्रालय को कुल मिलाकर 3,794.30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। यह रकम पिछले साल की तुलना में 351.98 करोड़ रुपये अधिक है। यह बढ़ोतरी इस बात को ध्यान में रखते हुए अधिक है कि अगले वर्ष ओलंपिक, राष्ट्रमंडल या एशियाई खेलों जैसा कोई बड़ा खेल आयोजन नहीं है। राष्ट्रीय खेल महासंघों को सहायता के लिए निर्धारित राशि को भी 340 करोड़ रुपये से मामूली तौर पर बढ़ाकर 400 करोड़ रुपये कर दिया गया है। भारत वर्तमान में 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए एक महत्वाकांक्षी बोली की तैयारी कर रहा है। भारत ने इसके लिए अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति को एक आशय पत्र प्रस्तुत किया है।

शिक्षा मंत्रालय को मिला 1.28 लाख करोड़ रुपये, पांच नये आईआईटी में बुनियादी ढांचे का होगा विस्तार
नई दिल्ली। सरकार द्वारा 2025-26 के बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए की गई बड़ी घोषणाओं में पांच नये भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में 6,500 और छात्रों की शिक्षा के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार, मेडिकल की 10,000 नयी सीट और कृत्रिम बुद्धिमत्ता को बढ़ावा देना शामिल है। केंद्रीय बजट 2025-26 में शिक्षा मंत्रालय को 1.28 लाख करोड़ रुपये से अधिक आवंटित किया गया है, जो 2024-25 के संशोधित अनुमान 1.14 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। उच्च शिक्षा विभाग को जहां 50,067 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है, वहीं स्कूली शिक्षा विभाग को 78,572 रुपये मिले हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार आठवां केंद्रीय बजट पेश किया। उन्होंने कहा कि सरकार स्कूल और उच्च शिक्षा के लिए भारतीय भाषाओं की पुस्तकों का डिजिटल रूप उपलब्ध कराने के लिए ‘भारतीय भाषा पुस्तक’ योजना शुरू करेगी। उन्होंने घोषणा की कि सरकार पांच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में अतिरिक्त बुनियादी ढांचे का निर्माण करेगी और आईआईटी पटना का विस्तार करेगी। आईआईटी पटना के विस्तार की घोषणा ऐसे समय की गई है जब बिहार विधानसभा चुनाव इस साल के अंत में होने की संभावना है। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 10 वर्षों में 23 आईआईटी में छात्रों की कुल संख्या 100 प्रतिशत बढ़ी है और यह 65,000 से बढ़कर 1.35 लाख हो गई है। 2014 के बाद शुरू किए गए पांच आईआईटी में अतिरिक्त बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा ताकि 6,500 और छात्रों को शिक्षा मिल सके। आईआईटी पटना में छात्रावास और अन्य बुनियादी ढांचे की क्षमता का भी विस्तार किया जाएगा।’’ केंद्रीय बजट में आईआईटी को 11,349 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो चालू वित्त वर्ष के 10,467 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से अधिक है। सीतारमण ने घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में 75,000 सीट जोड़ने के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए अगले साल मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में 10,000 अतिरिक्त सीट जोड़ी जाएंगी।उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार ने 10 वर्षों में लगभग 1.1 लाख स्नातक और स्नातकोत्तर मेडिकल शिक्षा सीट जोड़ी हैं, जो 130 प्रतिशत की वृद्धि है। अगले वर्ष, मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में 10,000 अतिरिक्त सीट जोड़ी जाएंगी, जो अगले पांच वर्षों में 75,000 सीट जोड़ने के लक्ष्य की कदम है।’’ वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में आईआईटी और आईआईएससी में प्रौद्योगिकी अनुसंधान के लिए 10,000 फेलोशिप प्रदान की जाएंगी। उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक विशेषज्ञता और साझेदारी के साथ कौशल विकास के लिए पांच राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे और अगले पांच वर्षों में सरकारी स्कूलों में 50,000 अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी ताकि युवाओं के मन में वैज्ञानिक सोच पैदा की जा सके।’’ सीतारमण ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सभी सरकारी माध्यमिक विद्यालयों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने 2023 में कृषि, टिकाऊ शहरों और स्वास्थ्य के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) में उत्कृष्टता के तीन केंद्रों की घोषणा की थी। अब 500 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ शिक्षा के लिए एआई में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा।’’ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) तक, शिक्षा मंत्रालय के तहत अधिकांश निकायों के आवंटन में बढ़ोतरी हुई है। शीर्ष बिजनेस स्कूल – भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), जिन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनके आवंटित बजट में लगातार कटौती का सामना करना पड़ा, को भी पिछले साल के संशोधित अनुमान 227 करोड़ रुपये के मुकाबले 251 करोड़ रुपये का बढ़ा हुआ आवंटन मिला है। हालांकि, भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) को दिए जाने वाले बजट में 137 करोड़ रुपये की कमी आई है। इसी तरह, विश्व स्तरीय संस्थानों के लिए आवंटित राशि में 50 प्रतिशत से अधिक की कमी की गई है। पिछले साल आवंटित राशि 1000 करोड़ रुपये थी जिसे अब घटाकर 475 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

डाक विभाग की बदलेगी सूरत, सरकार ने शुरू की तैयारी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में लगातार 8वीं बार बजट पेश किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मिडिल क्लास को बजट में बड़ी राहत देते हुए कई चीजों के दाम कम किए हैं। वहीं इंडिया पोस्ट यानी कि डाक विभाग की सूरत बदलने के लिए बजट का ऐलान किया गया है। वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार की योजना भारतीय डाक विभाग को एक बड़े लॉजिस्टिक्स समूह में बदलने की है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आ सके। शनिवार को संसद में बजट पेश करते हुए सीतारमण ने कहा कि सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लिए ऋण गारंटी कवर बढ़ाएगी ताकि उनकी कर्ज तक पहुंच में सुधार हो सके। इसके अलावा, सरकार सूक्ष्म उद्यमों के लिए पांच लाख रुपये की सीमा वाले ‘कस्टमाइज्ड’ क्रेडिट कार्ड पेश करेगी। उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड 7.7 करोड़ किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों को अल्पकालिक ऋण की सुविधा प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि अच्छी तरह से संचालित निर्यातोन्मुख एमएसएमई को 20 करोड़ रुपये तक का सावधि ऋण प्रदान किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के लिए ब्याज सहायता योजना की सीमा तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की घोषणा की।

आम बजट से किसानों, युवाओं, महिलाओं, श्रमिकों सहित हर वर्ग की आकांक्षाएं होंगी पूरी, बोले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने तीसरे कार्यकाल के पहले बजट को आम नागरिकों को समर्पित बताते हुए कहा कि इस बजट से किसानों, युवाओं, महिलाओं, श्रमिकों सहित हर वर्ग की आकांक्षाएं पूरी होंगी और देश की विकास यात्रा भी तेज होगी। मोदी ने आम बजट 2025-26 पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “आज भारत के विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। ये 140 करोड़ भारतीयों के आकांक्षाओं का बजट है, ये हर भारतीय के सपनों को पूरा करने वाला बजट है।” उन्होंने कहा कि हमने कई सेक्टर युवाओं के लिए खोल दिए हैं। ये विकसित भारत ​के मिशन को ड्राइव करने वाला है, ये बजट प्रगति को कई गुना बढ़ाने वाला है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आमतौर पर बजट का फोकस इस बात पर रहता है कि सरकार का खजाना कैसे भरेगा, लेकिन ये बजट उससे बिलकुल उल्टा है। ये बजट, देश के नागरिकों की जेब कैसे भरेगा, देश के नागरिकों की बचत कैसे बढ़ेगी और देश के नागरिक विकास के भागीदार कैसे बनेंगे।ये बजट इसकी एक बहुत मजबूत नींव रखता है। मोदी ने कहा कि आज देश ‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र को लेकर चल रहा है। इस बजट में इसके लिए बहुत महत्वपूर्ण और ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस बजट में एक करोड़ पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए ‘ज्ञान भारत मिशन’ को शुरू किया गया है। सुधारों के संदर्भ में इस बजट में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा में निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करना ऐतिहासिक है। यह देश के विकास में असैन्य परमाणु ऊर्जा का बड़ा योगदान सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा बुनियादी ढांचे के लिए आवंटन से देश में बड़े जहाजों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, यह आत्मनिर्भर पहल को तेज करेगा। जहाज निर्माण एक ऐसा क्षेत्र है जो रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। इसके अलावा, देश में पर्यटन विकास की विशाल क्षमता है। मोदी ने कहा कि देश के अनुसूचित जाति, जनजाति, और महिला… जो नए उद्यमी बनना चाहते हैं, उनके लिए बिना गारंटी के दो करोड़ रुपये तक के लोन की योजना भी लाई गई है। प्रमं ने कहा कि इस बजट में 12 लाख रुपये प्रति वर्ष तक की आय को कर मुक्त कर दिया गया है। सभी आय समूहों के लिए, करों को कम किया गया है। इससे हमारे मध्यम वर्ग को बहुत लाभ होगा। इसी तरह, यह उन लोगों के लिए एक अवसर होगा जो हाल ही में कार्यबल में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि नए युग की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, श्रमिकों के लिए एक बड़ी घोषणा की गई है। पहली बार ई-श्रम पोर्टल पर गिग वर्कर्स का पंजीकरण किया जाएगा। उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलेगा। यह श्रम की गरिमा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

‘बजट वृद्धि और समावेशी विकास पर केंद्रित’, बजट भाषण में बोलीं सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि केंद्रीय बजट 2025-26 में वृद्धि को गति देने और समावेशी विकास प्रदान करने के प्रयासों को जारी रखा गया है। साल 2014 से नरेन्द्र मोदी सरकार के तहत लगातार 14वां बजट पेश करते हुए सीतारम ण ने कहा, “हम एक साथ मिलकर अधिक समृद्धि के लिए अपनी क्षमता को खोलने की यात्रा पर निकल पड़े हैं।” उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था सभी विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ रही है। अपना रिकॉर्ड लगातार आठवां बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “हम अगले पांच साल को वृद्धि को बढ़ाने के लिए अद्वितीय अवसर के रूप में देखते हैं।”

मोदी सरकार के आत्मनिर्भर भारत का रोडमैप है बजट: अमित शाह
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आम बजट को विकसित और हर क्षेत्र में श्रेष्ठ भारत के निर्माण की दिशा में मोदी सरकार की दूरदर्शिता का ब्लूप्रिंट करार दिया है। शाह ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए शनिवार को लोकसभा में पेश आम बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा , “ बजट-2025 विकसित और हर क्षेत्र में श्रेष्ठ भारत के निर्माण की दिशा में मोदी सरकार की दूरदर्शिता का ब्लूप्रिंट है। किसान, गरीब, मध्यम वर्ग, महिला और बच्चों की शिक्षा, पोषण व स्वास्थ्य से लेकर स्टार्ट अप , नवाचार और निवेश तक, हर क्षेत्र को समाहित करता यह बजट मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत का रोडमैप है।” उन्होंने कहा , “ इस सर्वसमावेशी और दूरदर्शी बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई देता हूँ।”

बजट पर विपक्ष की प्रतिक्रिया, बोले राहुल गांधी- यह सरकार विचारों से दिवालिया है, कुछ भी नया नहीं…
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बजट 2025-26 को आर्थिक क्षेत्र में सरकार के वैचारिक दिवालियापन की संज्ञा देते हुये शनिवार को कहा कि बजट प्रस्तावों में अर्थव्यवसथा में सुधार के लिये कोई ठोस बात नहीं है। उन्होंने इस बजट को गोली के घाव को मरहम से ठीक करने जैसा प्रयास करार दिया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण में कुछ भी नया नहीं था और बजट में तबाह हो रही अर्थव्यवस्था को संभालने के कोई प्रयास नहीं किये गये हैं। इसमें जो कुछ भी कदम उठाने की कोशिश हुई है, वह गोली के घाव पर मरहम लगाने जैसा है। राहुल गांधी ने अपनी बजट प्रतिक्रिया में कहा, “गोली के घावों के लिये एक बैंडेज-सहायता। वैश्विक अनिश्चितता के बीच, हमारे आर्थिक संकट को हल करने के लिये एक आदर्श बदलाव की आवश्यकता है, लेकिन यह सरकार विचारों से दिवालिया है।”

बजट 2025 पर मल्लिकार्जुन खरगे ने कसा तंज, कहा- 900 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को आम बजट को मोदी सरकार द्वारा लोगों की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास करार दिया और कहा कि इस पर ‘‘900 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली’’ का मुहावरा सटीक बैठता है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पेश किए गए आम बजट में नयी कर व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक वार्षिक आय को कर के दायरे से मुक्त रखा गया है। खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘एक मुहावरा इस बजट पर बिलकुल सटीक बैठता है, 900 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली। पिछले 10 वर्षों में मोदी सरकार ने मध्य आय वर्ग से 54.18 लाख करोड़ रुपये का आयकर वसूला है और अब वह 12 लाख तक की छूट दे रहे हैं। उसके हिसाब से वित्त मंत्री खुद कह रहीं हैं कि साल में 80,000 रुपये की बचत होगी यानी हर महीने मात्र 6,666 रुपये।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पूरा देश महंगाई और बेरोज़गारी की समस्या से जूझ रहा है, पर मोदी सरकार झूठी तारीफे बटोरने पर उतारू है। इस “घोषणावीर” बजट में (सरकार ने) अपनी खामियां छिपाने के लिए ‘मेक इन इंडिया’ राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन बना दिया गया है। बाकी सारी घोषणाएं लगभग ऐसी हैं।’’ खरगे ने आरोप लगाया कि युवाओं के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘मोदी जी ने कल वादा किया था कि इस बजट में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए वो बड़ा कदम उठाएंगे, पर बजट में कुछ ऐसा नहीं निकला। किसानों की आय दोगुना करने के लिए कोई रूपरेखा नहीं, खेती के सामान पर जीएसटी दर में कोई रियायत नहीं दिया गया। दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग, गरीब और अल्पसंख्यक बच्चों के स्वास्थ, शिक्षा, छात्रवृत्ति की कोई योजना नहीं।’’

सरकार एकबार फिर झारखण्ड के साथ सौतेलापन का व्यवहार किया है: संजय प्रसाद
झारखंड के श्रम नियोजन,प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग तथा उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव ने केंद्र सरकार के आम बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मोदी सरकार एकबार फिर झारखण्ड के साथ सौतेलापन का व्यवहार किया है जो उचित नहीं है। राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता संजय यादव ने आज यहां कहा कि बजट में झारखंड के बकाये एक लाख छत्तीस हजार करोड़ रुयये का जिक्र भी नहीं किया गया न ही हमारे राज्य के विकास लिए कोई पैकेज दी गई। झारखण्ड को टूरिज्म उद्योग और कौशल विकास का एक बड़ा केंद्र बनाया जा सकता है किन्तु केंद्र सरकार ने झारखण्ड के साथ अनदेखी करने का काम किया है। मंत्री यादव ने कहा कि केंद्र सरकार भले अनदेखी करें किन्तु झारखण्ड सरकार झारखंडी जनता के साथ हमेशा खड़ी है।

आम बजट पर राष्ट्रीय जनता दल के झारखंड प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता डॉ मनोज कुमार कहा कि केंद्र सरकार हमेशा झारखण्ड के साथ सौतेला व्यवहार करता रहा है जबकि झारखण्ड अन्य राज्यों से अधिक रॉयल्टी देता है झारखण्ड के कोयला और अन्य खनिज सम्पदा से अन्य राज्य खुशहाल है किन्तु भाजपा कि केंद्र सरकार का झारखण्ड के साथ सौतेलापन का व्यवहार हमेशा रहा है जो झारखंडी जनता के साथ अन्याय है।

अरबपतियों के लिए ऋण माफी को समाप्त करने के प्रस्ताव की अनदेखी से निराश हूं: केजरीवाल
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि वह इस बात से निराश हैं कि अरबपतियों के लिए ऋण माफी को समाप्त करने तथा बचाई गई धनराशि को मध्यम वर्ग और किसानों पर खर्च करने के उनके सुझाव को केंद्रीय बजट 2025-26 में पूरा नहीं किया गया। केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘देश के खजाने का एक बड़ा हिस्सा चंद अमीर अरबपतियों के ऋण माफ करने में चला जाता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने मांग की थी कि बजट में ये ऐलान किया जाए कि आगे से किसी अरबपति के कर्ज माफ नहीं किए जाएंगे। इससे बचने वाले पैसे से मध्यम वर्ग के गृह कर्ज और वाहन कर्ज में छूट दी जाए, किसानों के कर्ज़े माफ किए जायें। आयकर और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) आधे किए जायें। मुझे दुख है कि ये नहीं किया गया।’’

बजट में पंजाब को अनदेखा किया गया: भगवंत मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि केंद्रीय बजट में एक बार फिर पंजाब को अनदेखा किया गया। श्री भगवंत मान ने शनिवार को बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए ‘एक्स’ पर कहा, ”केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में एक बार फिर पंजाब को अनदेखा किया गया। पंजाब के किसानों, नौजवानों को केंद्र सरकार ने कुछ भी नहीं दिया है। केंद्र द्वारा न तो किसानों को फ़सल पर एमएसपी दी गई, न ही राज्य को किसी इंडस्ट्री के लिए पैकेज दिया गया। पंजाब को ऐसा कुछ नहीं दिया गया जो उसके आर्थिक और भविष्य में सुधार ला सके।” उन्होंन कहा ”यह बजट केवल चुनावी बजट है, जिसमें केवल बिहार राज्य के लिए ही घोषणा हैं। एक बार फिर बजट में केंद्र सरकार ने पंजाब और पंजाबियों के साथ सौतेला व्यवहार किया है। पर पंजाब को हम अपने बलबूते पर पैरों पर खड़े करके रहेंगे।”

हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई ने दावा किया कि केंद्रीय बजट में समाज के सभी वर्गों, विशेषकर महिलाओं, युवाओं, छात्रों, उद्यमियों और मध्यम वर्गीय परिवारों का ध्यान रखा गया है। झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा, ‘‘विकासोन्मुख बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास’ के दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है और यह 2047 तक ‘विकसित भारत’ के सपने को हासिल करने में मदद करेगा।’’

क्या सस्ता और क्या महंगा? देखें पूरी लिस्ट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद भवन में आज बजट पेश किया है। इसमें उन्होंने कई उत्पादों पर बेसिक ड्यूटी घटाने का प्रस्ताव रखा है। जिसकी वजह से कई सारे उत्पाद अब सस्ते हो जाएंगे। आपको बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह लगातार आठवां बजट था। इस आठवे बजट में उन्होंने मिडिल क्लास, किसानों और टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं। आइए जानते हैं कि आम बजट में आम जनता के लिए क्या सस्ता और क्या महंगा हुआ है।

ये चीजें हो जाएंगी सस्ती
कैंसर समेत दूसरी जीवन रक्षक दवाएं : कैंसर और दुर्लभ बीमारियों के इलाज में काम आने वाली 36 दवाओं में राहत दी गई हैं। इससे बेसिक सीमा शुल्क से छूट दी जाएगी। इनके दाम घट जाएंगे। इसके साथ ही सरकार ने 37 और दवाओं को बेसिक सीमा शुल्क से छूट देने का प्रस्ताव रखा है।
कार, टीवी, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रिक व्हीकल, एलईडी, ईवी बैटरी : 40,000 अमेरिकी डॉलर से ज्यादा कीमत वाली आयातित कारें या 3,000 सीसी से ज्यादा इंजन क्षमता वाली आयातित मोटरसाइकिलें। 1600 सीसी से ज्यादा इंजन क्षमता वाली पूरी तरह से तैयार (सीबीयू) इकाई के रूप में आयातित मोटरसाइकिलें। सेमी-नॉक्ड डाउन (एसकेडी) या काफी हद तक निर्मित रूप में आयातित 1600 सीसी से ज्यादा इंजन क्षमता वाली मोटरसाइकिलें। इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों के पुर्जे। खाद्य और पेय उद्योगों में इस्तेमाल होने वाला कृत्रिम स्वाद अर्क और मिश्रण। बजट में एलईडी, जिंक, कोबाल्ट उत्पाद, लिथियम-आयन बैटरी स्क्रैप और 12 महत्वपूर्ण खनिजों की बेसिक सीमा शुल्क से पूरी तरह छूट देने का प्रस्ताव दिया गया है।
समुद्री उत्पाद : जहाजों के निर्माण में काम आने वाले कच्चे माल पर भी बेसिक सीमा शुल्क से अगले 10 सालों के लिए छूट दी गई है।
फ्रोजन मछली का पेस्ट : मछली पेस्टुरी पर बेसिक सीमा शुल्क 30 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया जाएगा।
हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट्स : बजट में हस्तशिल्प निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना की भी घोषणा की गई है।
चमड़ा : गीली ब्लू लेदर को बेसिक सीमा शुल्क से पूरी तरह छूट।

इन वस्तुओं के बढ़ेंगे दाम

सरकार ने इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल डिस्प्ले पर बेसिक सीमा शुल्क को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का प्रस्ताव रखा गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य इन्वर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर को ठीक करना है।

-स्मार्ट मीटर
-सोलर सेल
-आयातित जूते
-आयातित मोमबत्तियां
-आयातित नौकाएं और अन्य जहाज
-पीवीसी फ्लेक्स फिल्में, पीवीसी फ्लेक्स शीट, पीवीसी फ्लेक्स बैनर। कुछ आयातित बुने हुए कपड़े

केंद्रीय बजट के मुख्य बिन्दु, एक नजर में ….
केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आम बजट 2025-26 पेश किया। बजट के मुख्य बिन्दु इस प्रकार हैं:-
उधारियों के अलावा कुल प्राप्तियां 34.96 लाख करोड़ रुपये
कुल व्‍यय क्रमश 50.65 लाख करोड़ रुपयेट
निवल कर प्राप्तियां 28.37 लाख करोड़ रुपये
राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान
सकल बाजार उधारियां 14.82 लाख करोड़ रहने का अनुमान
वित्त वर्ष 2025-26 में कैपेक्स व्यय 11.21 लाख करोड़ रुपये (जीडीपी का 3.1 प्रतिशत) का अनुमान
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना
विकासशील कृषि जिला कार्यक्रम
दलहन आत्मनिर्भरता मिशन
बिहार में मखाना बोर्ड
राष्ट्रीय उच्च पैदावार बीज मिशन
कपास उत्पादकता मिशन
नामरूप असम में 12.7 लाख टन की वार्षिक उत्पादन क्षमता वाला एक संयंत्र स्थापित होगा
एमएसएमई के वर्गीकरण के लिए निवेश और कारोबार की सीमा बढ़ाकर क्रमशः 2.5 और दो गुना
10,000 करोड़ रुपए के नए अंशदान के साथ निधियों के नए कोष की स्थापना
पांच लाख महिलाओं अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के पहली बार के उद्यमियों के लिए दो करोड़ रुपए तक का सावधि ऋण
फुटवियर और लेदर क्षेत्रों के लिए फोकस उत्पाद योजना
भारत को ‘वैश्विक खिलौना केंद्र’ बनाने की योजना
बिहार में राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता और प्रबंधन संस्थान स्थापना
राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन की स्थापना
सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण
सरकारी स्कूलों में 50000 अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाएं स्थापित
सरकारी माध्यमिक स्कूलों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) के लिए ब्रॉडबैण्ड कनेक्टिविटी
भारतीय भाषा पुस्तक योजना की घोषणा
राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केंद्र
पांच राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केंद्र स्थापित
पांच आईआईटी में अतिरिक्त अवसंरचना का सृजन
500 करोड़ रुपए के कुल परिव्यय से कृत्रिम बुद्धिमत्ता संबंधी एक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित
मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में 75000 और सीटें बढ़ाने कार्यक्रम
सभी जिला अस्पतालों में डे-केयर कैंसर केंद्र
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म कामगारों के कल्याण के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना
अवसंरचना के लिए राज्यों को सहायता
राज्यों को 50 वर्ष के ब्याजमुक्त ऋण के लिए डेढ लाख करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव
परिसंपत्ति मौद्रीकरण योजना 2025-30
10 लाख करोड़ रुपए की पूंजी हेतु 2025-30 के लिए दूसरी योजना
जल जीवन मिशन 2028 तक बढ़ाया गया
एक लाख करोड़ रुपए के शहरी चुनौती कोष की घोषणा
विकसित भारत के लिए परमाणु ऊर्जा मिशन
परमाणु ऊर्जा अधिनियम और नागरिक दायित्व परमाणु क्षति अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव
20 हजार करोड़ रुपए के आवंटन के साथ लघु मॉड्यूलर रियक्टर्स (एसएमआर) के लिए परमाणु ऊर्जा मिशन
वर्ष 2033 तक पांच स्वदेश विकसित एसएमआर संचालित करने का प्रस्ताव
पोत निर्माण वित्तीय सहायता नीति को नया रूप दिया जाएगा
25 हजार करोड़ रुपए के आवंटन के साथ समुद्री विकास कोष की स्थापना
अगले 10 वर्ष में 120 नए हवाई अडडे के लिए संशोधित उड़ान योजना की घोषणा
बिहार में ग्रीन पटना एयरपोर्ट और बिहटा में ब्राउनफील्ड हवाई अडडा का विस्तार
मिथिलांचल में पश्चिमी कोशी नहर परियोजना
टेलिंग से महत्वपूर्ण खनिजों की रिकवरी के लिए नीति बनाई जाएगी
आवासीय इकाईयों को पूरा करने के लिए 15 हजार करोड़ रुपए का कोष बनाने की घोषणा
देश में 50 शीर्ष पर्यटन स्थलों को विकसित किया जाएगा
अनुसंधान, विकास और नवाचार पहल को लागू करने के लिए 20 हजार करोड़ रुपए आवंटित
फसल जर्मप्लाज्म के लिए जीन बैंक
नेशनल जियो स्पेटियल मिशन की घोषणा
ज्ञान भारतम मिशन बनाने का प्रस्ताव, एक करोड़ से अधिक पांडुलिपियां शामिल
निर्यात संवर्द्धन मिशन स्थापित करने का प्रस्ताव
जीसीसी के लिए राष्ट्रीय रूपरेखा
बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 74 से बढ़ाकर 100 प्रतिशत
ग्रामीण क्रेडिट स्‍कोर फ्रेमवर्क विकसित करेंगे
वर्ष 2025 में राज्‍यों का निवेश अनुकूल सूचकांक शुरू होगा
जन विश्‍वास विधेयक में 100 से अधिक प्रावधानों को गैर आपराधिक बनाने के लिए प्रस्‍ताव
नई कर व्‍यवस्‍था के अन्‍तर्गत 12 लाख रुपए तक की आय पर कोई आयकर देय नहीं
वरिष्‍ठ नागरिकों के लिए ब्‍याज पर कटौती की सीमा 50,000 रुपये से दो गुनी बढ़ाकर एक लाख रुपये
किराये पर टीडीएस के लिए वार्षिक सीमा 2.40 लाख रुपये से बढ़ाकर छह लाख रुपये
टीसीएस की सीमा को सात लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये
टीसीएस के भुगतान में विलंब को गैर-आपराधिक घोषित करने का प्रावधान
छोटे धर्मार्थ न्‍यासों और संस्‍थाओं की पंजीकृत अवधि को बढ़ाकर पांच वर्ष से 10 वर्ष
आर्म्‍स लेन्‍थ मूल्‍य निर्धारण की एक योजना की शुरुआत
अन्तर्देशीय जहाजों के लिए टन भार योजना
सात टैरिफ दरों को हटाने का प्रस्‍ताव
उपकर के अधीन 82 टैरिफ लाइनों पर समाज कल्याण अधिभार
36 जीवन रक्षक औषधियों और दवाओं को बुनियादी सीमा शुल्‍क से पूरी तरह छूट
छह जीवन रक्षक दवाएं पांच प्रतिशत के रियायती सीमा-शुल्‍क दवाओं में शामिल
विशिष्‍ट औ‍षधियां और दवाएं बुनियादी सीमा शुल्‍क से पूरी तरह मुक्‍त
13 नए रोगी सहायता कार्यक्रमों के साथ ही 37 अन्‍य दवाओं को इसमें शामिल करने का प्रस्‍ताव
कोबाल्‍ट पाउडर और लिथियम आयन बैट्री के अवशिष्‍ट, लेड, जिंक और 12 अन्‍य महत्‍वपूर्ण खनिजों पर बुनियादी सीमा शुल्‍क में छूट
शटल-रहित करघों वाली टेक्‍सटाइल मशीनरी सीमा शुल्‍क से मुक्‍त
इन्‍टेरेक्टिव फ्लैट पैनल डिस्‍प्‍ले पर बुनियादी सीमा शुल्‍क 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत
ओपेन सेल्स और अन्‍य घटकों पर बुनियादी सीमा शुल्‍क घटाकर पांच प्रतिशत करने का प्रस्‍ताव
ओपेन सेल्‍स के अन्‍य घटकों पर बुनियादी सीमा शुल्‍क में छूट
पोत निर्माण में कच्‍चे माल, घटकों, उपभोज्‍यों अथवा पुर्जों पर अगले दस वर्षों तक बुनियादी सीमा शुल्‍क में छूट
हस्‍तशिल्‍प की निर्यात अवधि छह महीने से बढ़ाकर एक वर्ष
वेट ब्‍लू लेदर पर बुनियादी सीमा शुल्‍क में पूर्ण छूट
क्रश लेदर को 20 प्रतिशत निर्यात शुल्‍क से छूट
फ्रोजन फिश पेस्‍ट (सुरीमी) और ऐसे ही उत्‍पादों के निर्यात पर बुनियादी सीमा शुल्‍क 30 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत
फिश हाइड्रोलीसेट पर बुनियादी सीमा शुल्‍क 15 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत।

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