मध्यप्रदेश विधानसभा

मध्य प्रदेश की नई विधानसभा समितियों का गठन : नियम समिति की कमान अध्यक्ष तोमर और मुख्यमंत्री के हाथ, महिला-बाल कल्याण समिति में महिला विधायकों का दबदबा

देश/प्रदेश प्रादेशिक भोपाल मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, भोपाल। विधानसभा समितियों का गठन : मध्य प्रदेश विधानसभा में साल 2026-27 और 2026-28 के कार्यकाल के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण समितियों की घोषणा कर दी गई है। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने नियम समिति, विशेषाधिकार समिति, प्रत्यायुक्त विधान समिति, शिष्टाचार एवं सम्मान अनुरक्षण समिति और महिला एवं बाल कल्याण समिति का गठन किया है।

नियम समिति के सभापति का पद खुद विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर संभालेंगे। इस बेहद प्रभावशाली समिति में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को शामिल किया गया है। उनके साथ गिरीश गौतम, राजेश वर्मा, विश्वनाथ सिंह, श्याम बरडे, अम्बरीश शर्मा, सिद्धार्थ तिवारी, हिरालाल अलावा, विजय रेवनाथ चौरे और ऋषि अग्रवाल को सदस्य नियुक्त किया गया है। यह समिति सदन के कामकाज के तौर-तरीकों और नियमों से जुड़े बड़े फैसले लेने की जिम्मेदारी निभाती है।

विशेषाधिकार समिति का नेतृत्व गायत्री राजे पवार को सौंपा गया है। इस समिति के अन्य सदस्यों में सचिन बिरला, विश्वामित्र पाठक, अमर सिंह यादव, भगवानदास सबनानी, महादेव वर्मा, वीरेन्द्र सिंह लोधी, जयवर्द्धन सिंह, फुन्देलाल सिंह मार्को और आरिफ मसूद शामिल हैं। यह समिति विधायकों के अधिकारों और उनके संरक्षण से जुड़े मामलों की देखरेख करती है। इसी तरह प्रत्यायुक्त विधान समिति के सभापति के रूप में रमेश मेंदोला की नियुक्ति हुई है। इस समिति में अनिल जैन, नारायण पटेल, संतोष बरकड़े, अरविन्द पटेरिया, मधु गेहलोत, शिवनारायण सिंह, सुजीत मेर सिंह, केशव देसाई और वीरसिंह भूरिया को बतौर सदस्य रखा गया है।

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सदन में अनुशासन और सदस्यों के आचरण पर नजर रखने वाली शिष्टाचार समिति की जिम्मेदारी बृजेन्द्र प्रताप सिंह को दी गई है। उनके साथ दिनेश राय मुनमुन, मनोज नारायण सिंह चौधरी, अमर सिंह यादव, नरेन्द्र प्रजापति, प्रताप ग्रेवाल और भैरो सिंह बापू सदस्य के रूप में काम करेंगे। महिला एवं बाल कल्याण समिति में इस बार पूरी तरह महिला प्रतिनिधित्व पर जोर दिया गया है। ललिता यादव को इस समिति का सभापति बनाया गया है। इसमें उमादेवी खटीक, मंजू राजेन्द्र दादू, गंगा सज्जनसिंह उइके, सरला विजेन्द्र रावत, प्रियंका पैंची, कंचन मुकेश तनवे, छाया मोरे, रामसिया भारती, चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर और सेना महेश पटेल को सदस्य नियुक्त किया गया है, ताकि महिलाओं और बच्चों से जुड़े विषयों पर प्रभावी ढंग से काम हो सके।

इन सभी गठित समितियों का कार्यकाल अगले दो साल यानी 2028 तक के लिए तय किया गया है। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा समितियों के इस गठन को सदन के बेहतर संचालन और विधायी कार्यों में मजबूती लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इन समितियों के माध्यम से विधानसभा की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी और सुचारू बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

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