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हनुमान जयंती पर दिल्ली को दहलाने की लश्कर-ए-तैयबा की बड़ी साजिश नाकाम, मंदिरों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने बिछाया अभेद्य सुरक्षा जाल

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। हनुमान जयंती के पावन पर्व से पहले देश की राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद चाक-चौबंद कर दिया गया है। यह सतर्कता लश्कर-ए-तैयबा के संदिग्ध दहशतगर्द शब्बीर अहमद लोन की धरपकड़ के बाद बरती जा रही है, जिस पर दिल्ली को दहलाने की बड़ी साजिश रचने का आरोप है। सरकारी सूत्रों ने बुधवार को इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।

पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ है कि लोन दिल्ली के कुछ बेहद मशहूर और महत्वपूर्ण मंदिरों की तस्वीरें और वीडियो जुटा रहा था। 29 मार्च को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे अपनी गिरफ्त में लिया था। पकड़े गए संदिग्ध ने स्वीकार किया है कि शहर के तीन बड़े और प्रसिद्ध मंदिर आतंकवादियों के निशाने पर थे।

जांच से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि लोन का मकसद आतंकी नेटवर्क को दोबारा सक्रिय करना था। इसके लिए उसने मंदिरों और प्रमुख बाजारों जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों की रेकी की थी। उसने छतरपुर मंदिर, कालकाजी मंदिर और लोटस टेंपल की वीडियो रिकॉर्डिंग की थी।

इतना ही नहीं, उसने कनॉट प्लेस और लाजपत नगर जैसे व्यस्त व्यापारिक केंद्रों के दृश्य भी रिकॉर्ड किए थे। इन जानकारियों को वह पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को भेजने की तैयारी में था। पुलिस के अनुसार, लोन एक बेहद कट्टर और उच्च स्तर का प्रशिक्षित आतंकवादी है, जिसने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर काम करने वाले हैंडलर्स के साथ अपना संपर्क बना लिया था।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि हनुमान जयंती के मौके पर निकलने वाली शोभा यात्राओं और धार्मिक सभाओं को देखते हुए पूरी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। विशेष रूप से उन संवेदनशील रास्तों और मंदिरों पर कड़ी नजर रखी जा रही है जहाँ ज्यादा भीड़ जुटने की संभावना है। निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों, आधुनिक ड्रोन और स्थानीय खुफिया तंत्र का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है।

लोन का आपराधिक इतिहास पुराना है और उसे साल 2007 में भी आतंकी गतिविधियों के चलते पकड़ा गया था। हाल ही में लश्कर-ए-तैयबा के एक नए मॉड्यूल से जुड़े मामले में स्पेशल सेल की नई दिल्ली रेंज ने उसे दबोचा। तलाशी के दौरान उसके पास से विदेशी मुद्रा और कई आपत्तिजनक सामान बरामद हुए हैं।

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सूत्रों का कहना है कि लोन सोशल मीडिया के जरिए अन्य संदिग्धों से जुड़ा था और बार-बार अपनी पहचान बदलता रहता था। वह बांग्लादेश, नेपाल और भारत के रास्तों का उपयोग कर युवाओं को गुमराह कर भर्ती करने की कोशिशों में लगा था। इस बीच, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। गौरतलब है कि 2022 में इसी क्षेत्र में हनुमान जयंती की यात्रा के दौरान हिंसक झड़पें हुई थीं।

प्रशासन ने इस बार धार्मिक जुलूसों में शामिल होने वाले लोगों की संख्या को 500 तक सीमित रखने का आदेश दिया है। साथ ही ऐसे आयोजनों में किसी भी प्रकार के हथियार ले जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। क्षेत्र में शांति और सांप्रदायिक भाईचारा बनाए रखने के लिए जहांगीरपुरी में अमन कमेटी के साथ बैठक भी की गई है। कानून व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए संवेदनशील इलाकों, बाजारों और मंदिरों के आसपास पुलिस की पैदल और मोटरसाइकिल गश्त को पहले से कहीं ज्यादा बढ़ा दिया गया है।

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