ममता बनर्जी के सांसद भतीजे अभिषेक को एमपी हाई कोर्ट से मिली राहत, गिरफ्तारी वारंट पर रोक 

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एजेंसी, मध्य प्रदेश। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सांसद भतीजे और तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से बड़ी राहत प्राप्त हुई है। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने भोपाल स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा अभिषेक के खिलाफ जारी किए गए गिरफ्तारी वारंट पर फिलहाल रोक लगा दी है।
साथ ही भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं मप्र सरकार के काबीना मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र तथा पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय सहित अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस भेजा गया है। मामले की अगली सुनवाई 18 दिसंबर के लिए निर्धारित की गई है।

क्या है पूरा मामला? 
जानकारी के अनुसार, अभिषेक बनर्जी के विरुद्ध मानहानि का प्रकरण आकाश विजयवर्गीय ने 2021 में एमपी-एमएलए कोर्ट में दायर किया था। आरोप था कि नवंबर 2020 में कोलकाता में हुई एक जनसभा के दौरान अभिषेक बनर्जी ने उन्हें “गुंडा” कहा था। 1 मई, 2021 से इस मामले की सुनवाई भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही है, लेकिन अभिषेक बनर्जी अब तक अदालत में पेश नहीं हुए। एमपी-एमएलए कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी के विरुद्ध 11 अगस्त और 26 अगस्त, 2025 की तारीखों के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। अभिषेक बनर्जी ने इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती देते हुए अंतरिम राहत की मांग की थी। हाल ही में हुई सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने निर्णय सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने सोमवार को अपना आदेश सार्वजनिक कर दिया।

पिछली सुनवाई में क्या कहा गया था? 
पिछली सुनवाई के दौरान अभिषेक की ओर से यह तर्क पेश किया गया कि वह वर्तमान में टीएमसी सांसद हैं और उनके फरार होने की कोई संभावना नहीं है। मानहानि के मामले को लेकर दलील दी गई कि यह प्रकरण अनुचित है क्योंकि संबंधित बयान को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया और उसी के आधार पर शिकायत दर्ज कराई गई है।

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