18वीं लोकसभा का पहला सत्र शुरू, पीएम मोदी, राजनाथ, शाह, गडकरी ने बतौर सांसद ली शपथ

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नई दिल्ली। अठारहवीं लोकसभा के पहले सत्र की पहली बैठक सोमवार को शुरू हुई जिसमें सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सदन के सदस्य के रूप में शपथ ली। प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब ने सदन की कार्यवाही शुरू कराई। प्रधानमंत्री मोदी हाल में संपन्न लोकसभा चुनाव के बाद लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटे हैं। मोदी और उनकी मंत्रिपरिषद ने नौ जून को शपथ ली थी। प्रधानमंत्री मोदी तीसरी बार वाराणसी लोकसभा के सदस्य निर्वाचित हुए हैं। कार्यवाही शुरू होते ही सदन के नेता होने के नाते मोदी ने सबसे पहले शपथ ली। इससे पहले महताब ने राष्ट्रपति भवन में सदन के सदस्य और प्रोटेम स्पीकर के रूप में शपथ ली थी। पूर्वाह्न 11 बजे सदन के समवेत होने के पहले सदन के नेता प्रधानमंत्री मोदी, उपनेता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, कृषि, किसान कल्याण, ग्रामीण विकास मंत्री शिव राज सिंह चौहान, शहरी विकास, आवासन एवं ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर आदि नेता सदन में मौजूद थे। ठीक 11 बजे सदन के समवेत होने पर मेहताब ने आसन ग्रहण किया और उसके तुरंत बाद राष्ट्रगान की धुन बजायी गई। 18वीं लोकसभा के सभी सदस्यों को उनके निर्वाचन पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इसके बाद लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह ने निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदत्त नवनिर्वाचित सांसदों की सूची हिन्दी एवं अंग्रेज़ी में सदन के पटल पर रखी

अध्यक्ष ने सदन को सूचित किया कि राहुल गांधी ने केरल की वायनाड सीट से त्यागपत्र दे दिया है और उसे स्वीकार कर लिया गया है। इसके बाद मेहताब ने शपथ विधि के लिए नियम बताये कि सबसे नेता सदन के तौर पर प्रधानमंत्री, तत्पश्चात पीठा सीन अधिकारियों के पैनल के सदस्य, फिर केन्द्रीय कैबिनेट मंत्री, फिर स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और फिर राज्य मंत्री शपथ लेंगे। इसके बाद राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों के क्रम में वर्णानुक्रम से सांसदों को शपथ के लिए बुलाया जाएगा। जैसे ही लोकसभा महासचिव ने प्रधानमंत्री मोदी का नाम शपथ के लिए पुकारा, सत्ता पक्ष में हर्ष की लहर दौड़ गयी। मोदी ने अध्यक्षीय आसन के दाहिनी ओर बने मंच पर आ कर शपथ ग्रहण की और फिर सदस्यता के रजिस्टर पर हस्ताक्षर किये। इसके बाद कांग्रेस के कोडिकोनिल सुरेश और द्रविड़ मुनेत्र कषगम के टी आर बालू का नाम पुकारा गया लेकिन ये दोनों उस समय सदन में उपस्थित नहीं थे। भाजपा के राधामोहन सिंह ने दूसरे नंबर पर और तीसरे नंबर पर फग्गन सिंह कुलस्ते ने शपथ ग्रहण की। तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंद्योपाध्याय भी पीठासीन अधिकारियों के पैनल में शामिल हैं लेकिन वह भी शपथ के लिए पुकारे जाने पर सदन में उपस्थित नहीं थे। इसके उपरांत उपनेता राजनाथ सिंह, अमित शाह, गडकरी, चौहान, खट्टर आदि मंत्रियों ने शपथ ली।

18वीं लोस का पहले सत्र : देश को एक अच्छे और जिम्मेदार विपक्ष की आवश्यकता- प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि देश की जनता विपक्ष से संसद की गरिमा बनाए रखने की उम्मीद करती है ना कि ‘नखरे, ड्रामा, नारेबाजी और व्यवधान’ की। उन्होंने कहा कि देश को एक अच्छे और जिम्मेदार विपक्ष की आवश्यकता है। 18वीं लोकसभा के पहले सत्र के पहले दिन मीडिया को संबोधित करते हुए मोदी ने सभी नवनिर्वाचित सांसदों से इस सत्र का उपयोग जनहित में करने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा, ‘‘सभी सांसदों से देश को बहुत अपेक्षाएं हैं। मैं सभी सांसदों से आग्रह करूंगा कि वे जनहित के लिए इस अवसर का उपयोग करें और जनहित में हर संभव कदम उठाएं।’’ मोदी ने कहा, ‘‘देश की जनता विपक्ष से अच्छे कदमों की अपेक्षा रखती है। अब तक जो निराशा मिली है… इस 18वीं लोकसभा में देश का सामान्य नागरिक विपक्ष से अपेक्षा करता है कि वह जिम्मेवार विपक्ष के नाते अपनी भूमिका का निर्वाह करे, लोकतंत्र की गरिमा को बनाए रखने की देश उनसे अपेक्षा करता है… मैं आशा करता हूं कि विपक्ष उसमें खरा उतरेगा।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि आम जन अपेक्षा करता है कि सदन में बहस हो।

उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को यह अपेक्षा नहीं है कि नखरे होते रहे, ड्रामा होते रहे, व्यवधान होता रहे… लोग ठोस काम चाहते हैं, नारेबाजी नहीं चाहते। देश को एक अच्छे विपक्ष की आवश्यकता है… जिम्मेवार विपक्ष की आवश्यकता है और मुझे पक्का विश्वास है कि इस 18वीं लोकसभा में हमारे जो सांसद जीत कर आए हैं वह सामान्य जन की अपेक्षाओं को पूर्ण करने का प्रयास करेंगे। विकसित भारत के हमारे संकल्प को पूरा करने के लिए हम सब का दायित्व है कि हम मिलकर के उस दायित्व को निभाएं और जनता का विश्वास और मजबूत करें।’’ लोकसभा चुनाव के नतीजों का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि भारत के संविधान के निर्दिष्ट दिशा-निर्देशों के अनुसार जन सामान्य के सपनों को पूरा करने के लिए देश की जनता ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को लगातार तीसरी बार मौका दिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत ही महान विजय है। बहुत ही भव्य विजय है। और तब हमारा दायित्व भी तीन गुना बढ़ जाता है। हमें तीसरी बार मौका दिया है… दो बार सरकार चलाने का अनुभव हमारे साथ जुड़ा है। मैं देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि हमारे तीसरे कार्यकाल में हम पहले से तीन गुना ज्यादा मेहनत करेंगे। हम परिणामों को भी तीन गुना लाकर के रहेंगे। इस संकल्प के साथ हम इस नए कार्यभार को लेकर आगे बढ़ रहे हैं।’’ 18वीं लोकसभा का पहला सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। इसके पहले और दूसरे दिन नवनिर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण होगा। प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किए गए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ लोकसभा सदस्य भर्तृहरि महताब नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाएंगे। बुधवार को नए लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बृहस्पतिवार को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। राज्यसभा का सत्र बृहस्पतिवार से शुरू होगा। संसद का यह सत्र तीन जुलाई तक प्रस्तावित है।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी पर साधा निशाना, कहा- पिछले 10 साल के ‘अघोषित आपातकाल’ को भूल गए प्रधानमंत्री

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने 50 साल पहले के आपातकाल का जिक्र किया, लेकिन पिछले 10 वर्षों के उस ‘अघोषित आपातकाल’ को भूल गए जिसका जनता ने इस लोकसभा चुनाव में अंत कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि देश को उम्मीद थी कि संसद सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री नीट एवं अन्य परीक्षओं में ‘पेपर लीक’ जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बोलेंगे, लेकिन उन्होंने मौन साध लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने आपातकाल को लोकतंत्र पर लगा ‘काला धब्बा’ करार देते हुए सोमवार को कहा कि इसकी 50वीं बरसी के मौके पर देशवासी यह संकल्प लें कि भारत में फिर कभी कोई ऐसा कदम उठाने की हिम्मत नहीं करे। 18वीं लोकसभा के पहले सत्र की शुरुआत के अवसर पर संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने यह बात कही। खड़गे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी जी अपने रस्मी संबोधन में आज ज़रुरत से ज़्यादा बोले। इसे कहते हैं, रस्सी जल गई, बल नहीं गया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘देश को आशा थी कि मोदी जी महत्वपूर्ण मुद्दों पर कुछ बोलेंगे।

नीट व अन्य भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक के बारे में युवाओं के प्रति कुछ सहानुभूति दिखाएंगे, पर उन्होंने अपनी सरकार की धांधली व भ्रष्टाचार के बारे में कोई ज़िम्मेदारी नहीं ली। हाल ही में हुई पश्चिम बंगाल की रेल दुर्घटना के बारे में भी मोदी जी मौन साधे रहे।’’ खड़गे ने दावा किया, ‘‘मणिपुर पिछले 13 महीनों से हिंसा की चपेट में है, पर मोदी जी न वहां गए और ना ही उन्होंने आज के अपने भाषण में ताज़ा हिंसा के बारे में कोई चिंता व्यक्त की है। असम व पूर्वोत्तर में बाढ़ हो, कमरतोड़ महँगाई हो, रुपये का गिरना हो, एग्जिट पोल-स्टॉक बाजार घोटाला हो- अगली जनगणना लंबे समय से मोदी सरकार ने लंबित रखी है, जातिगत जनगणना पर भी मोदी जी बिलकुल चुप थे। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘नरेन्द्र मोदी जी, आप विपक्ष को नसीहत दे रहे हैं। 50 साल पुराने आपातकाल की याद दिला रहे हैं, पिछले 10 साल के अघोषित आपातकाल को भूल गए जिसका जनता ने अंत कर दिया।’’ कांग्रेस अध्यक्ष का कहना था कि लोगों ने मोदी जी के ख़िलाफ़ जनमत दिया है, इसके बावजूद अगर वो प्रधानमंत्री बन गए हैं तो उन्हें काम करना चाहिए। खरगे ने कहा, ‘‘विपक्ष व ‘इंडिया जनबंधन’ संसद में सहमति चाहता है, हम जनता की आवाज़ सदन, सड़क और सभी के समक्ष उठाते रहेंगे। हम संविधान की रक्षा करेंगे। लोकतंत्र ज़िंदाबाद!’’

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