डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठकें करके मोहन सरकार द्वारा क्षेत्रीय समस्याओं पर गौर

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मध्य प्रदेश की डॉक्टर मोहन यादव सरकार का डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठकों पर ध्यान केंद्रित है। लगातार अनुभव हो रहे हैं कि प्रत्येक सप्ताह होने वाली कैबिनेट की बैठकें केवल राजधानी भोपाल में केंद्रित न रहकर अब मध्य प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों पर संपन्न होती जा रही है। इसके पीछे के फायदे यह बताए जाते हैं कि जिन जिला मुख्यालयों पर इन बैठकों का आयोजन होता है, मध्य प्रदेश सरकार के सभी कैबिनेट मंत्री वहां पहुंचते हैं तो वहां की समस्याओं पर भी अनायास ध्यान चला जाता है। इससे उन जिलों की समस्याएं निराकृत होने का माहौल निर्मित होगा जहां पर कैबिनेट बैठकें संपन्न हो रही है अथवा होने वाली हैं। इसी श्रृंखला में मंगलवार को सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी के राजभवन में कैबिनेट बैठक सम्मन्न हुई। कैेबिनेट बैठक में राजस्व विभाग में नए पद बनाने और श्रम विभाग में संशोधन समेत कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।इसके अलावा कई अहम फैसले भी लिए गए। सरकार की खास बात यह है कि वह अनेक कार्यक्रम इतिहास में दर्ज गौरवशाली शासकों, प्रशासकों और अन्य गणमान्य विभूतियों के नाम पर कर रही है। जिस प्रकार देवी अहिल्याबाई होलकर के नाम पर मालवा क्षेत्र में दो कैबिनेट बैठकें संपन्न हो चुकी हैं उसी प्रकार मंगलवार को यह बैठक जनजातीय नायक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजा भभूत सिंह जी के सम्मान में पचमढ़ी में आयोजित की गई। यहां उल्लेखनीय बात यह है कि आगामी 9 जून 2025 को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 11 साल पूरे होंगे, इसको लेकर प्रदेश भर में विभिन्न कार्यक्रम किए जाएंगे। जैसा कि मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के वक्तव्यों से स्पष्ट होता रहा है, सरकार की भावी कार्यशैली में इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी को महत्व दिया जाना तय है। इसी मंशा के चलते मध्य प्रदेश शासन द्वारा राजस्व विभाग में 500 पदों को खत्म करके 1200 नए पद बनाए जाएंगे। इनमें इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी से संबंधित और प्रशिक्षित पदों को ज्यादा महत्व दिया जाएगा। इससे समस्याओं का तुरंत समाधान हो सकेगा।जैसा की पूर्व की कार्य प्रणालियों से स्पष्ट है, अनेक महत्वपूर्ण स्थानों के नाम ऐतिहासिक विभूतियों की स्मृति में रखे जा रहे हैं। इस प्रकार डॉक्टर मोहन यादव की मध्य प्रदेश सरकार ने पचमढ़ी वन्य जीव अभ्यारण का नाम बदलकर राजा भभूत सिंह के नाम पर रखने का निर्णय कर दिया है। महिलाओं की विकास में भागीदारी बढ़े और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो, इस दृष्टिकोण के चलते भी सरकार ने सराहनीय निर्णय लिए हैं। श्रम विभाग में संशोधन को मंजूरी दी गई। अब नई कर प्रणाली के तहत महिलाएं सुरक्षित तरीके से रात में भी काम कर सकेंगी। आगामी 9 जून को पीएम मोदी के कार्यकाल के 11 साल पूरे होने पर जो कार्यक्रम निश्चित किए गए हैं उनके तहत यह निर्णय सराहनीय है कि 5 जून को उज्जैन में वेलनेस समिट का आयोजन किया जाएगा। राजस्व विभाग में प्रमुख राजस्व आयुक्त और आयुक्त अभिलेख मर्ज कर दिया जाएगा। अब नया पद कमिश्नर लैंड रिसोर्स मैनेजमेंट के नाम से होगा। इंदौर जिस गति से आगे बढ़ रहा है उसके श्रम और प्रयासों का सम्मान करते हुए कैबिनेट ने तय किया कि इंदौर आईआईटी एग्रो हब बनाने का फैसला किया जाना उचित प्रतीत होता है। इस डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इससे कृषि तकनीक को बढ़ावा मिलेगा। कृषि क्षेत्र के नौजवान स्टार्टअप शुरू कर सकेंगे। मध्य प्रदेश शासन की मंशा रही है कि जो नई परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं उन्हें पूरा होना चाहिए। नए काम शुरू होने भी आवश्यक हैं। इस सोच के चलते यह तय किया गया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों तहसीलों शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में करोड़ों के विकास कार्यों के लोकार्पण होंगे तथा नई कार्य योजना के लिए भूमि-पूजन की भी किए जाएंगे। जैसा कि हमने पूर्व में कहा जहां डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक होती है उन क्षेत्रों को विकास की नई सौगातें मिलती हैं। यह बात इससे भी सिद्ध होती है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पचमढ़ी प्रवास के दौरान मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग के अंतर्गत 33.88 करोड़ रुपये की लागत के 11 विकास कार्यों का लोकार्पण और लगभग 20.49 करोड़ रुपये की लागत के 6 कार्यों का भूमि-पूजन किया। इन कार्यों में जयस्तंभ क्षेत्र के मार्गों का सौंदर्यीकरण, धूपगढ़ पर जल आपूर्ति हेतु पाइपलाइन एवं पंप हाउस, पचमढ़ी प्रवेश द्वार का सौंदर्यीकरण, सतपुड़ा रिट्रीट में किचन, रेस्टोरेंट और स्वीमिंग पूल का नवनीकरण और पर्यटन सेवाओं का विस्तार, जटाशंकर एवं पांडव गुफाओं पर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए पिंक टॉयलेट लाउंज का लोकार्पण, हांडी खो एवं सतपुड़ा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में पर्यटक सुविधाओं का विकास, कम्युनिटी सेंटर का विकास, ग्लेन व्यू में केंद्रीय नर्सरी की स्थापना और हिलटॉप बंगले को होम-स्टे में परिवर्तित करने का कार्य शामिल है। पचमढ़ी में डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक होने का फायदा यह भी हुआ कि 10 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित जयस्तंभ क्षेत्रांतर्गत मार्गों के दोनों ओर पाथवे विकास, 60 लाख रुपए की लागत से निर्मित धूपगढ़ पर जल प्रदाय के लिए जलगली से धूपगढ़ तक पाइप लाइन एवं पंप हाउस, 35 लाख रुपए की लागत से निर्मित पचमढ़ी के प्रवेश द्वार का सौंदर्यीकरण, तथा 1 करोड़ 35 लाख रुपए की लागत से निर्मित पर्यटन की इकाई सतपुडा रिट्रीट में किचन एवं रेस्टोरेंट नवीनीकरण तथा स्वीमिंग पूल का लोकार्पण सुनिश्चित हुआ। लिखने का आशय यह कि डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठकें अन्य जिला मुख्यालयों पर भी अपेक्षित हैं। ताकि वहां के विकास भी तेज गति से हो सकें।

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