मुख्यमंत्री मोहन यादव

जनजातियों के विकास का नया अध्याय लिख रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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जनजातियों के विकास का नया अध्याय लिख रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

एजेंसी, खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के अंतर्गत आने वाले हरसूद क्षेत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में एक अत्यंत भव्य और ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर महान वीरांगना रानी दुर्गावती के जन्मोत्सव के पावन पर्व पर आयोजित तेंदूपत्ता बोनस और काष्ठ लाभांश राशि वितरण समारोह में मुख्यमंत्री ने सहभागिता की। क्षेत्र के विकास को नई ऊंचाइयां देने और जन-कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी और क्षेत्रवासियों के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं, जिससे पूरे खंडवा जिले में उत्साह का माहौल है।

गोंड परंपरा और बड़ादेव के पूजन से हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम का आरंभ अत्यंत पारंपरिक और सांस्कृतिक गरिमा के साथ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंच पर पहुंचते ही गोंड परंपरा के अनुसार पूरी विधि-विधान के साथ प्रकृति की पूजा की और समारोह स्थल पर स्थित बड़ादेव का विधिवत पूजन कर कार्यक्रम का श्रीगणेश किया। इस अवसर पर इतिहास और परंपरा को जीवित रखते हुए 52 गढ़ों से पधारे राजवंशजों का खड़ग (तलवार) और स्मृति चिन्ह भेंट कर भव्य सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार विरासत से विकास के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए समाज के अंतिम छोर पर खड़े गरीब व्यक्ति के जीवन में उजाला फैलाने और उनके सपनों को पंख देने का कार्य कर रही है। वीरांगना रानी दुर्गावती के 502वें जन्मोत्सव के अवसर पर 52 गढ़ों के राजवंशजों का सम्मान होना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है।

वीरांगना रानी दुर्गावती के शौर्य और सुशासन का स्मरण

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में रानी दुर्गावती के अदम्य साहस, शौर्य और उनके प्रशासनिक कौशल को याद करते हुए कहा कि उनके जीवन से हमें राष्ट्र प्रथम की भावना, स्वाभिमान, विषम से विषम परिस्थितियों में बेहतरीन नेतृत्व करने की क्षमता, नारी शक्ति का सम्मान, जल संचय और प्रकृति के संरक्षण का अमूल्य संदेश मिलता है। रानी दुर्गावती ने अपने असीम पराक्रम के बल पर मुगल आक्रमणकारी अकबर की सेना को तीन बार करारी शिकस्त दी थी और अपने संपूर्ण जीवनकाल में कुल 52 युद्धों में विजय प्राप्त की थी। हरसूद की इस पावन भूमि से मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर के नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ऐसे महान ऐतिहासिक वीरों के आदर्शों पर चलते हुए समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए पूरी ईमानदारी से कार्य कर रही है।

बुनियादी सुविधाओं और जनकल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता

स्वतंत्रता के बाद के दशकों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों की उदासीनता के कारण प्रदेश की जनता बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए तरसने को मजबूर थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इन सभी समस्याओं का स्थाई समाधान किया है। आज स्थिति यह है कि राज्य सरकार गरीब परिवारों के मेधावी बच्चों की मेडिकल की पढ़ाई के लिए भारी-भरकम फीस खुद भर रही है। इसके साथ ही स्कूली विद्यार्थियों को नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें और साइकिलें दी जा रही हैं, तथा मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए लैपटॉप और स्कूटी का वितरण किया जा रहा है। प्रदेश में वर्तमान में 39 आधुनिक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल सफलतापूक संचालित हो रहे हैं। युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हुए अब तक 85 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी पदों पर नौकरियां दी जा चुकी हैं, और चालू वर्ष में राज्य में 1 लाख करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न जनकल्याणकारी कार्य किए जा रहे हैं।

परिवहन विस्तार, नक्सलवाद का खात्मा और कृषि विकास

कानून व्यवस्था और ग्रामीण विकास पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में पूरी तरह से कानून का राज स्थापित है। सरकार ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए बालाघाट और मंडला जिलों से नक्सलवाद की समस्या को जड़ से उखाड़ फेंका है। उन्होंने याद दिलाया कि कभी इन्हीं नक्सलियों ने तत्कालीन सरकार के मंत्री लिखीराम कांवरे की सरेआम हत्या कर दी थी, तब उनकी अपनी पार्टी का कोई भी बड़ा नेता उनके घर सांत्वना देने नहीं पहुंचा था। वर्तमान में ग्रामीण आबादी को मालिकाना हक देने के लिए प्रदेश की सभी पंचायतों में 62 लाख नि:शुल्क रजिस्ट्रियों का लाभ पहुंचाया जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने और उनकी समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए दिन के समय भी 10 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की शुरुआत की जा रही है। कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत बलराम कृषि महोत्सव आयोजित करके अन्नदाता किसानों को विभिन्न योजनाओं का सीधा लाभ दिया जा रहा है।

सिंचाई परियोजनाओं और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार ने आगामी 5 वर्षों में सिंचाई के रकबे को बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर से अधिक करने का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी दूरगामी उद्देश्य के अंतर्गत हरसूद क्षेत्र में करवानी उद्वहन सिंचाई परियोजना पर तेजी से कार्य किया जाएगा, जिससे किसानों के खेतों तक पानी पहुंचेगा। इसके अलावा जनजातीय क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 25 करोड़ रुपये की लागत से नए कार्य पूरे किए जाएंगे। धार्मिक और पर्यटन महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रसिद्ध धार्मिक स्थल ओंकारेश्वर धाम को पीएमश्री हेली सेवा से जोड़ दिया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में भारी सुविधा मिल रही है। इसके साथ ही प्रदेश के गरीब और जरूरतमंद नागरिकों के लिए एयर एंबुलेंस की अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, और राहवीर योजना के तहत सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने वाले भले इंसानों को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि से सम्मानित किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने खंडवा जिले के लिए 142.90 करोड़ रुपये की लागत वाले कुल 18 विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए कई नई परियोजनाओं की घोषणा की।

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