बॉलीवुड सिंगर मिका सिंह

पाकिस्तानी मुस्लिम्स का दुबई के लोगों से इमेज अलग क्यों- बॉलीवुड सिंगर मिका सिंह

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पाकिस्तानी मुस्लिम्स का दुबई के लोगों से इमेज अलग क्यों- बॉलीवुड सिंगर मिका सिंह

एजेंसी, मुंबई। बॉलीवुड इंडस्ट्री के मशहूर और अपने बेबाक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले प्लेबैक सिंगर मिका सिंह एक बार फिर से सुर्खियों में आ गए हैं। हमेशा से अपने विवादित और खुले बयानों को लेकर चर्चा का केंद्र रहने वाले मिका ने इस बार पड़ोसी देश पाकिस्तान और वहां रहने वाले मुस्लिम समुदाय को लेकर एक बड़ी प्रतिक्रिया दी है। हाल ही में एक मशहूर पॉडकास्ट शो में बातचीत के दौरान उन्होंने दोनों देशों के बीच की दूरियों, वहां के लोगों के व्यवहार और पाकिस्तानी कलाकारों के भारत में काम करने के मुद्दे पर अपनी लंबी राय रखी। मिका का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब दोनों देशों के बीच राजनीतिक रिश्ते काफी संवेदनशील दौर से गुजर रहे हैं। उनका यह ताजा इंटरव्यू सोशल मीडिया से लेकर एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री तक हर जगह बहस का एक नया और गरमागरम मुद्दा बन गया है।

गुरुद्वारे में सेवा और पाकिस्तानी अवाम का व्यवहार

नविका कुमार के साथ उनके पॉडकास्ट शो में शिरकत करते हुए मिका सिंह ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों को काफी गहराई से साझा किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पाकिस्तान के नागरिक और वहां का मुस्लिम समुदाय स्वभाव से बिल्कुल भी बुरा नहीं है। अपनी पुरानी पाकिस्तान यात्रा के दिनों को याद करते हुए सिंगर ने बताया कि वहां के लोगों ने उनका बेहद गर्मजोशी के साथ स्वागत किया था और उन्हें भरपूर मेहमाननवाजी का एहसास कराया था। मिका ने एक बेहद खास बात का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान में ऐसे कई मुस्लिम भाई हैं जो सिख धर्म के पवित्र गुरुद्वारों की देखभाल करते हैं। वे न सिर्फ वहां सेवा देते हैं बल्कि साफ सफाई जैसे पुनीत कार्यों में भी पूरा सहयोग करते हैं। उनके इस अनुभव ने पाकिस्तानी अवाम के प्रति उनकी सोच में एक बड़ा बदलाव ला दिया था।

दुबई और पाकिस्तान के मुस्लिम्स में फर्क क्यों

इस लंबी बातचीत के दौरान मिका सिंह ने भारतीय समाज की सोच पर एक बड़ा सवालिया निशान भी खड़ा किया। उन्होंने कहा कि भारत के लोगों के मन में पाकिस्तान के मुसलमानों को लेकर एक अजीब सी नकारात्मक धारणा बनी हुई है, जो उनकी समझ से बिल्कुल परे है। अपनी बात को और गहराई से समझाते हुए उन्होंने दुबई शहर का उदाहरण दिया। सिंगर ने पूछा कि जब भारत के लोग दुबई जाते हैं तो वहां के मुसलमानों को लेकर उनका नजरिया एकदम अलग और सकारात्मक होता है, फिर वही सोच पाकिस्तान के मुसलमानों के लिए क्यों नहीं अपनाई जाती। उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश के स्तर पर किसी एक पूरे समुदाय को पूरी तरह से खराब मान लेना किसी भी नजरिए से सही नहीं ठहराया जा सकता है।

पाकिस्तानी आर्टिस्ट्स के भारत आने पर क्या बोले मिका

भारत और पाकिस्तान के बीच कला और संस्कृति के आदान प्रदान पर भी सिंगर ने अपनी साफ राय दुनिया के सामने रखी। जब उनसे पाकिस्तानी गायकों और अभिनेताओं के भारत आने पर सवाल किया गया तो मिका ने बेहिचक कहा कि उन्हें इस बात से कभी कोई आपत्ति नहीं रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री बॉलीवुड ने हमेशा पाकिस्तानी कलाकारों को प्यार और भरपूर सम्मान दिया है। मिका के अनुसार जब कोई आर्टिस्ट किसी दूसरे देश में जाता है तो वह सिर्फ अपनी कला का प्रदर्शन करने जाता है। अगर कोई व्यक्ति किसी निजी कार्यक्रम में अपनी परफॉरमेंस देता है, उसकी फीस वसूलता है और उस बात को दुनिया से छिपाता नहीं है, तो उस चीज को सीधे तौर पर राजनीति के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।

ननकाना साहिब और पंजा साहिब से गहरा आध्यात्मिक रिश्ता

सिंगर ने यह भी साफ किया कि उनका पाकिस्तान जाने का मकसद सिर्फ पैसा कमाना या कोई व्यापारिक लाभ उठाना नहीं था। पाकिस्तान की धरती से उनका एक बहुत ही गहरा और आध्यात्मिक रिश्ता जुड़ा हुआ है क्योंकि वहां सिख धर्म के कई सबसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक धार्मिक स्थल मौजूद हैं। मिका ने ननकाना साहिब और पंजा साहिब का विशेष रूप से नाम लेते हुए कहा कि जब भी उन्हें पाकिस्तान की तरफ से कोई निमंत्रण मिलता है, तो उनके दिमाग में सबसे पहले गुरुद्वारे के दर्शन करने का ही विचार आता है। उनके लिए पाकिस्तान की यात्रा हमेशा से एक धार्मिक और व्यक्तिगत भावना का विषय रही है, जिसे सिर्फ काम और कमाई के तराजू में नहीं तौला जा सकता।

साल 2019 का वह बड़ा विवाद और पाकिस्तान यात्रा

आपको याद दिला दें कि मिका सिंह का पाकिस्तान प्रेम उनके लिए साल 2019 में एक बहुत बड़ी मुसीबत का कारण बन गया था। अगस्त 2019 के महीने में उन्होंने पाकिस्तान के कराची शहर में एक हाई प्रोफाइल शादी के कार्यक्रम में अपनी परफॉरमेंस दी थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह कार्यक्रम पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के किसी करीबी रिश्तेदार का था। उस समय दोनों देशों के बीच सरहद पर रिश्ते सबसे तनावपूर्ण दौर में थे। जैसे ही मिका के कराची में गाना गाने का वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ, पूरे भारत में उनके खिलाफ भारी आक्रोश फैल गया और सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर ट्रोल किया जाने लगा।

माफीनामे के बाद इंडस्ट्री में हुई थी वापसी

उस भारी विरोध के बाद ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज जैसे बड़े संगठनों ने मिका सिंह पर कड़ा एक्शन लेते हुए भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में उनके काम करने पर पूरी तरह से बैन लगा दिया था। संगठनों का कड़ा तर्क था कि देश के इतने संवेदनशील माहौल में एक भारतीय कलाकार का वहां जाकर जश्न में शामिल होना बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। विवाद को लगातार बढ़ता देख आखिरकार मिका सिंह को अपनी गलती माननी पड़ी थी। उन्होंने 21 अगस्त 2019 को फेडरेशन के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और पूरे देश से सार्वजनिक रूप से हाथ जोड़कर माफी मांगी। मिका ने उस वक्त सफाई दी थी कि उनका यह कार्यक्रम पहले से तय था और वह आगे से देश की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कोई भी कदम नहीं उठाएंगे। इस आधिकारिक माफीनामे के बाद ही उन पर से बैन हटाया गया और उन्हें वापस काम करने की इजाजत मिल पाई।

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