एजेंसी, नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को बुधवार को ‘ऐतिहासिक’ करार देते हुए लोकसभा में कहा कि भारत इस समझौते में कृषि और दुग्ध क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहा है। उन्होंने सदन में दिए वक्तव्य में यह भी कहा कि इस समझौते से भारत को विकसित बनाने की दिशा में देश की यात्रा को मजबूती मिलेगी।
गोयल ने कहा, ”दोनों देश नियमित रूप से चर्चा कर रहे थे…दोनों पक्षों ने विभिन्न स्तरों पर गहन बातचीत की है।” उनका कहना था कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा करते हुए यह समझौता करने में सफल रहे हैं। मंत्री ने कहा, ”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फोन पर चर्चा की और इसके बाद ट्रंप ने अमेरिका के टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की।” गोयल ने कहा, ”मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि यह अमेरिका द्वारा कई प्रतिस्पर्धी देशों पर लगाए गए शुल्क से कम है।” उनका कहना था कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों को तुलनात्मक लाभ प्रदान करेगा। मंत्री के अनुसार, भारतीय पक्ष विशेष रूप से कृषि और दुग्ध क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहा है।
गोयल ने इस बात पर जोर दिया, ”खाद्य और कृषि क्षेत्र में भारत की संवेदनशीलता का ध्यान रखा गया है।” उनका कहना था, ”यह ऐतिहासिक ढांचागत समझौता दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने और 2047 तक विकसित भारत बनाने की दिशा में यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।” उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष व्यापार समझौते की प्रक्रियाओं और कागजी कार्रवाई को अंतिम रूप देने के लिए मिलकर काम करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि 140 करोड़ भारतीयों की आवश्यकताओं की सुरक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, ”देश को विकसित बनने के पथ पर आगे बढ़ने के लिए ऊर्जा, विमानन, डेटा केंद्र और परमाणु ऊर्जा समेत विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता होगी और अमेरिका इन क्षेत्रों में अग्रणी देश है।”

ओम बिरला का राहुल गांधी पर पलटवार : कहा- बोलने की अनुमति देना, नहीं देना नियम प्रक्रिया से निर्धारित होता है
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर इशारों-इशारों में पलटवार करते हुए कहा कि सदन में बोलने की अनुमति देना या नहीं देना नियम-पक्रिया से निर्धारित होता है। राहुल गांधी ने मंगलवार को बिरला को पत्र लिखकर उन पर सरकार के इशारे पर खुद को सदन में बोलने से रोकने का आरोप लगाते हुए कहा था कि यह लोकतंत्र पर ‘काला धब्बा’ है। लोकसभा की कार्यवाही बुधवार को जब एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे शुरू हुई तो बिरला ने भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते पर वक्तव्य देने के लिए वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का नाम पुकारा। गोयल ने सदन में विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच वक्तव्य पढ़ा। इस दौरान विपक्षी सदस्य आसन के निकट पहुंचकर नारेबाजी कर रहे थे। गोयल के वक्तव्य देने के दौरान कुछ विपक्षी सदस्य सत्तापक्ष की अग्रिम पंक्तियों की तरफ भी पहुंच गए। बिरला ने विपक्षी सदस्यों से कहा, ”इस देश में अलग-अलग समय आप सरकार में रहे हैं। मेरा मत है कि इतने लंबे समय तक सरकार में रहने के बावजूद आप सदन की परंपराओं और मर्यादाओं को तोड़ रहे हैं। विरोध का तरीका और हो सकता है। लेकिन आप उस जगह (सत्तापक्ष की सीटों की तरफ) जाकर मर्यादाओं को तोड़ेंगे तो लोकतंत्र के प्रति लोगों को विश्वास कम होगा।”
उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बगैर कहा, ”आप चुनकर आते हैं। सदन के अंदर और बाहर विरोध का तरीका होता है। लेकिन आप इतने वरिष्ठ नेता हैं, आपने लंबे समय तक शासन किया है। बोलने की अनुमति देना या नहीं देना नियम प्रक्रिया से निर्धारित होता है। क्या आप मर्यादा तोड़ेंगे? आपके सदस्य इधर से उधर जाएंगे, क्या यह उचित है?” लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, ”मंत्री बोल रहे हैं, आपके सदस्य उधर जाकर खड़े हो रहे हैं, यह उचित नहीं है।” उनका कहना था, ”पहले भी विरोध हुआ है, लेकिन मर्यादा किसी ने नहीं तोड़ी। आप मर्यादाएं तोड़ रहे हैं। यह उचित नहीं है।” बिरला ने कहा कि नारेबाजी और बैनर से विरोध नहीं होता, बल्कि बोलकर और तर्कों से होता है। राहुल गांधी ने सोमवार की तरह मंगलवार को भी लोकसभा में पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण पर आधारित लेख का हवाला देकर चीन का विषय उठाने का प्रयास किया था, लेकिन आसन से इसकी अनुमति नहीं मिली। हालांकि, उन्होंने मंगलवार को इस लेख को सत्यापित किया और सदन के पटल पर रखा। इस विषय और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर सदन में गतिरोध बना हुआ है।
लोकसभा में पक्ष-विपक्ष के बीच तीसरे दिन भी गतिरोध बरकरार : कार्यवाही 5 बजे तक स्थगित, निशिकांत ने कांग्रेस पर लगाया बड़ा आरोप
लोकसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के कारण आज तीसरे दिन भी कामकाज नहीं हो सका और सदन की कार्यवाही पांच बजे तक स्थगित कर दी गयी। दो बार स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही दो बजे शुरू होते ही विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन के बीचोंबीच आ गये। पीठासीन अधिकारी कृष्ण प्रसाद तेन्नटी ने हंगामे के बीच राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा को आगे बढाते हुये तेलुगु देशम पार्टी के जीएम हरीश बालयोगी का नाम पुकारा। बालयोगी ने कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण सुधारों से भरा हुआ है। यह विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने वाला है। इसमें 25 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की बात कही गयी है। निजी सुरक्षा और उत्तरदायित्व के साथ हम आगे बढ रहे है। अटल टिकरिंग के लिए अधिक धनराशि के आवंटन से नवाचार को बढावा मिलेगा।
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छात्राओं की शिक्षा को बढावा देने के लिए हर जिले में एक हास्टल खोलने का प्रस्ताव किया गया है। भाजपा के निशिकांत दुबे ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपनी बात रखते हुए कांग्रेस पर सीधा प्रहार किया और कुछ किताबों के हवाले से आलोचना करने लगे। हालांकि इस बीच पीठासीन अधिकारी लगातार किताब के हवाले से बात करने से रोकते रहे। इस बीच हंगामा तेज हो गया जिसके कारण सदन की कार्यवाही पांच बजे तक स्थगित कर दी गई। इससे पहले लोकसभा में विपक्ष के सदस्यों ने कांग्रेस के आठ सदस्यों के बजट सत्र के लिए निलंबन के विरोध में बुधवार को ज़बरदस्त हंगामा किया जिसके कारण अध्यक्ष ओम बिरला को सदन की कार्यवाही पांच मिनट के भीतर ही 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। बिरला ने सदन की कार्यवाही शुरू करते हुए खाद्य प्रसंस्करण और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय से संबंधित सवालों पर सदस्यों के जवाब विभाग के मंत्री से देने को कहा।
इस बीच विपक्ष के सदस्य सदन की बीचों-बीच आकर हंगामा करने लगे। अध्यक्ष ने हंगामे में ही प्रश्न काल को चलाने का प्रयास किया लेकिन विपक्षी सदस्यों ने हंगामा और तेज कर दिया। इस बीच कुछ सदस्यों ने प्रश्न पूछे और उनका जवाब भी आया लेकिन हंगामे और शोर शराबे के कारण कुछ सुनाई नहीं दिया। हंगामा बढ़ते देख बिरला ने सदस्यों से कहा कि उन्हें सदन के अंदर अच्छा आचरण और व्यवहार करना चाहिए। उनका कहना था कि सदन चलाना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है। उन्होंने आग्रह कि सदन सबका है इसलिए सदस्यों को गरिमापूर्ण व्यवहार करते हुए सदन चलाने में मदद करनी चाहिए। सदस्यों ने उनकी एक नहीं सुनी और हंगामा करते रहे, जिसके कारण श्री बिरला को 12 बजे तक सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
कार्यवाही पुन: बारह बजे शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने पूर्व सेनाध्यक्ष की अप्रकाशित पुस्तक के अंशों को उद्धृत करते हुए नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस, द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के सदस्य अपने-अपने स्थानों पर खड़े होकर शोरशराबा और नारेबाजी करने लगे। उनके हाथ में बड़े-बड़े बैनर भी थे। विपक्षी सदस्य प्रधानमंत्री का नाम लेकर नारे लगा रहे थे। कई विपक्षी सदस्य बैनर के साथ आसन के समक्ष आ गये थे। बैनरों पर प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पूर्व सेनाध्यक्ष मनोज मुकुन्द नरवणे के चित्र थे। समाजवादी पार्टी के सदस्य अहिल्या बाई होल्कर का चित्र लेकर वाराणसी में मणिकर्णिका घाट पर उनकी प्रतिमा कथित रूप से खंडित किये जाने का विरोध कर रहे थे।
विपक्ष ने इन मुद्दों पर मंगलवार को भी हंगामा किया था। श्री गोयल का वक्तव्य पूरा होने के बाद अध्यक्ष ओम बिरला ने शोरशराबा कर रहे सदस्यों से कहा कि उनके इस आचरण से लोगों का लोकतंत्र में भरोसा कम होगा। उनका विरोध करने का यह तरीका कतई उचित नहीं है। सदन नियमों-प्रक्रियाओं से चलता है। सदन में पहले भी विरोध हुआ है, लेकिन इस तरह मर्यादायें नहीं तोड़ी गयीं। श्री बिरला ने कहा कि वैचारिक मतभेदों के कारण विरोध होते हैं, लेकिन इस तरह से सदन की गरिमा और मर्यादा का हनन नहीं किया जाता। यह सदन सभी का है और सभी सदस्यों की जिम्मेदारी इसकी गरिमा को बनाये रखने की है। सदन का इस तरह अपमान करना उचित नहीं है।

राज्यसभा में भड़के विपक्ष के नेता खरगे, कहा- भारत-अमेरिका डील की जानकारी ट्रंप से मिलना संसद का अपमान
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की पृष्ठभूमि में बुधवार को सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने देश के किसानों के हितों के साथ समझौता किया है। उच्च सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उन्होंने भारत-अमेरिका समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से किसान विरोधी है और इससे भारतीय किसान तबाह हो जाएंगे। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि संसद का सत्र चल रहा है लेकिन सांसदों को इस समझौते की जानकारी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिली। खरगे ने इसे संसद का अपमान बताया। खरगे ने कहा कि समझौते के संबंध में अमेरिका के कृषि मंत्री ने कहा है कि इस समझौते से अमेरिकी किसानों को फायदा होगा। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात कर रही थी, लेकिन वह वास्तव में किसानों के खिलाफ काम कर रही है। उन्होंने हाल में ट्रंप द्वारा की गयी विभिन्न टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा कि यह भारत की संप्रभुता पर हमला है।
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