एजेंसी, नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने अपने संगठन और संसदीय दल में एक बहुत बड़ा फेरबदल करते हुए राज्यसभा में उपनेता के पद से राघव चड्ढा को हटा दिया है। इस महत्वपूर्ण बदलाव के संबंध में पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को एक औपचारिक पत्र भेजकर आधिकारिक जानकारी दे दी है। पार्टी की ओर से उठाए गए इस सख्त कदम के तहत यह भी साफ कर दिया गया है कि अब सदन के भीतर राघव चड्ढा को पार्टी की तरफ से बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए। उनकी जगह पर अब पंजाब से राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक मित्तल को नया उपनेता नियुक्त किया गया है और उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
AAP Sources: Aam Aadmi Party has informed the Rajya Sabha Secretariat that MP Raghav Chadha should not be allotted time to speak in Parliament. Further, the Aam Aadmi Party has submitted a letter to Rajya Sabha Secretariat to appoint MP Ashok Mittal as Deputy Leader of the party… pic.twitter.com/DquyHSze5P
— Press Trust of India (@PTI_News) April 2, 2026
पिछले कुछ समय से राजनीतिक गलियारों में राघव चड्ढा और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के बीच आपसी मतभेदों और दूरियों की खबरें लगातार चर्चा में बनी हुई थीं। हालांकि आम आदमी पार्टी की तरफ से अभी तक किसी भी तरह के आंतरिक विवाद या आपसी अलगाव को लेकर कोई भी औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन इस ताजा फैसले को उन्हीं अटकलों और राजनीतिक बदलावों से जोड़कर देखा जा रहा है। वर्तमान में राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के कुल 10 सदस्य हैं, जिनमें से सात सांसद पंजाब से और तीन दिल्ली से प्रतिनिधित्व करते हैं।
राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी के शुरुआती दौर से ही इसके साथ मजबूती से जुड़े रहे हैं। उन्होंने साल 2012 में अरविंद केजरीवाल के साथ अपने राजनीतिक जीवन के सफर की शुरुआत की थी। धीरे-धीरे पार्टी के भीतर उनकी भूमिका काफी प्रभावशाली होती गई और वे पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी बने। साल 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद उन्हें सबसे कम उम्र के कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी दी गई थी।
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हालांकि साल 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें दक्षिण दिल्ली की सीट से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन साल 2020 में उन्होंने राजेंद्र नगर विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर शानदार वापसी की। इसके बाद साल 2022 में वह मात्र 33 वर्ष की उम्र में राज्यसभा के सबसे युवा सांसद बने और संसद के भीतर पार्टी के कार्यों में बहुत सक्रिय रहे। साल 2023 में संजय सिंह की अनुपस्थिति में उन्हें राज्यसभा में पार्टी का नेता भी बनाया गया था। अब इस नए घटनाक्रम के बाद डॉ. अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो भविष्य में संसद के भीतर पार्टी की रणनीतियों को तय करेंगे और नेतृत्व प्रदान करेंगे।


