एजेंसी, मुंबई। Mumbai ISI Underworld Terror : देश के भीतर आतंकवाद और संगठित अपराध के खतरनाक गठजोड़ को पूरी तरह से तोड़ने की दिशा में सुरक्षा एजेंसियों को एक और बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) और देश की राजधानी दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा (स्पेशल सेल) ने एक बेहद गोपनीय और संयुक्त अभियान (जॉइंट ऑपरेशन) चलाते हुए आर्थिक राजधानी मुंबई से हुजैफा नामक एक बेहद खतरनाक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों ने आधिकारिक तौर पर आरोप लगाया है कि पकड़ा गया यह संदिग्ध पड़ोसी देश पाकिस्तान में बैठे एक कुख्यात हैंडलर के साथ लगातार सीधे संपर्क में बना हुआ था। देश के सुरक्षा तंत्र को नुकसान पहुंचाने और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के उद्देश्य से सक्रिय इस नेटवर्क में हुजैफा की असल भूमिका और उसके अन्य साथियों के साथ संबंधों की बेहद गहराई से जांच की जा रही है।
तीन दिनों तक चले सघन तलाशी अभियान और छापेमारी के बाद दबोचा गया संदिग्ध
इस बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल मामले में हुजैफा तक पहुंचने के लिए जांचकर्ताओं को काफी मशक्कत करनी पड़ी। सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को उसके महाराष्ट्र में छिपे होने की पुख्ता जानकारी मिली थी, जिसके बाद पिछले तीन दिनों से राज्य के कई जिलों और संभावित ठिकानों पर लगातार ताबड़तोड़ छापेमारी (सर्च ऑपरेशन) की जा रही थी। सुरक्षा बलों ने आधुनिक तकनीकी निगरानी (टेक्निकल सर्विलांस) और जमीनी खुफिया सूचनाओं के सटीक विश्लेषण के आधार पर आखिरकार मुंबई में उसके मुख्य ठिकाने का पता लगा लिया। इसके तुरंत बाद बुधवार को एटीएस और दिल्ली पुलिस की विशेष टीम ने घेराबंदी करके उसे धर-दबोचा।
दाऊद इब्राहिम के खास गुर्गे और पाकिस्तानी आतंकी आका मुन्ना झिंगड़ा से जुड़े हैं तार
जांच एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की गई शुरुआती पूछताछ में कई बेहद चौंकाने वाले और राष्ट्रीय सुरक्षा को चुनौती देने वाले खुलासे हुए हैं। जांचकर्ताओं का पक्का मानना है कि गिरफ्तार किए गए हुजैफा का सीधा संबंध देश के भगोड़े और सबसे बड़े अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम के बेहद करीबी और विश्वसनीय सहयोगी सैयद मुद्दसर हुसैन उर्फ मुन्ना झिंगड़ा से है। खुफिया रिकॉर्ड के अनुसार, मुन्ना झिंगड़ा वर्तमान समय में पाकिस्तान में बैठकर भारतीय उपमहाद्वीप में अपनी देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। उस पर भारत के विभिन्न राज्यों में सक्रिय कुछ संदिग्ध चरमपंथी तत्वों और स्लीपर सेल को सीधे निर्देश देने और उन्हें वित्तीय मदद (फंडिंग) पहुंचाने के बेहद गंभीर आरोप हैं।
मोबाइल और डिजिटल उपकरणों के फॉरेंसिक विश्लेषण से खुलेगा पाकिस्तान स्थित फंडिंग का राज
सुरक्षा अधिकारियों ने मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए बताया कि इस नेटवर्क से जुड़े जिन अन्य संदिग्धों को पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है, उनके तार भी सीधे तौर पर मुन्ना झिंगड़ा से जुड़े हुए पाए गए थे। जांच टीमें अब इस बात का गहराई से पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि हुजैफा की भूमिका इस नेटवर्क में केवल एक संपर्क सूत्र (कूरियर या मैसेंजर) के तौर पर थी या वह किसी बड़े आत्मघाती हमले या साजिश का सक्रिय हिस्सा था। पुलिस ने हुजैफा के पास से मिले उसके व्यक्तिगत मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल संचार उपकरणों को अपने कब्जे में ले लिया है। इन सभी उपकरणों के कॉल रिकॉर्ड और डेटा का फॉरेंसिक विश्लेषण किया जा रहा है, जिससे अधिकारियों को उम्मीद है कि पाकिस्तान स्थित मुख्य नेटवर्क, उनके अवैध पैसे भेजने के रास्तों (फंडिंग चैनलों) और देश में मौजूद उनके अन्य गुप्त संपर्कों के बारे में कई महत्वपूर्ण और ठोस जानकारियां मिल सकती हैं।
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