एजेंसी, वाशिंगटन/लंदन। ईरान और अमेरिका के बीच छिड़ा सैन्य संघर्ष अब एक नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। इस तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दामों में भारी उछाल आया है और कई राष्ट्रों के सामने ऊर्जा संकट खड़ा हो गया है। जंग के इन हालातों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की तरफ से एक जोरदार झटका लगा है। प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने बुधवार को स्पष्ट किया कि ईरान के साथ जारी यह लड़ाई ब्रिटेन के भविष्य को संकट में डाल सकती है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ब्रिटेन इसके आर्थिक परिणामों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और देश इस मुश्किल स्थिति से निपटने में सक्षम है।
VIDEO | London: On US-Israel war on Iran, UK PM Keir Starmer (@Keir_Starmer) says, “This is not our war; United Kingdom insists on de-escalation and reopening of the Strait of Hormuz.”
(Source: Third Party)
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— Press Trust of India (@PTI_News) April 1, 2026
होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की मांग
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह ब्रिटेन का युद्ध नहीं है और इसमें शामिल होना उनके देश के राष्ट्रीय हित में कतई नहीं है। जनता की बढ़ती समस्याओं और महंगाई पर बात करते हुए स्टारमर ने कहा कि ब्रिटेन में बढ़ती लागत को नियंत्रित करने का सबसे सही तरीका यह है कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को कम किया जाए। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते को फिर से खोलने के लिए दबाव बनाने की बात कही, क्योंकि ऊर्जा आपूर्ति के लिए यह मार्ग वैश्विक स्तर पर बहुत महत्वपूर्ण है।
ब्रिटेन ने ट्रंप प्रशासन से बनाई दूरी
कूटनीतिक प्रयासों पर चर्चा करते हुए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने कहा कि वे इस समस्या के समाधान के लिए हर संभव राजनयिक रास्ता अपना रहे हैं। स्टारमर ने एलान किया कि विदेश मंत्री यवेट कूपर इस विषय पर अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ एक बड़ी बैठक करेंगी। उन्होंने बताया कि इस सप्ताह के अंत में होने वाली इस सभा में उन देशों को आमंत्रित किया जाएगा जो समुद्री व्यापार की आजादी, फंसे हुए जहाजों की सुरक्षित वापसी और जरूरी सामानों की आवाजाही को फिर से शुरू करने के लिए राजनीतिक उपायों पर चर्चा करेंगे।
होर्मुज मुद्दे पर बुलाई गई 35 देशों की बैठक
ब्रिटिश सरकार ने इस मामले में व्यापक स्तर पर तालमेल बिठाना शुरू कर दिया है। विदेश मंत्री और वित्त मंत्री ने जी7 के सदस्य देशों से मुलाकात की है, वहीं रक्षा मंत्री मिडिल ईस्ट के साझेदारों के संपर्क में हैं। ब्रिटेन ने खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 35 देशों को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास शुरू कर दिया है।
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सहयोगियों के रुख से नाराज ट्रंप, नाटो छोड़ने के दिए संकेत
ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक बड़ा बयान देकर सबको चौंका दिया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब नाटो (नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन) गठबंधन से बाहर निकलने के विकल्प पर विचार कर रहा है। डेली टेलीग्राफ को दिए गए अपने साक्षात्कार में राष्ट्रपति ने नाराजगी जताई कि ईरान के विरुद्ध सैन्य अभियान में उन्हें सहयोगी देशों का वैसा समर्थन नहीं मिल रहा है जैसी उन्हें उम्मीद थी। उन्होंने साफ तौर पर संकेत दिया कि अब अमेरिका के लिए इस गठबंधन में बने रहने की प्रासंगिकता खत्म हो रही है और वह इससे अलग होने का मन बना रहा है।


