एजेंसी, नई दिल्ली। Venezuela Indian Sailor Case : वेनेजुएला में संदिग्ध परिस्थितियों में जान गंवाने वाले भारतीय नाविक राकेश चौहान का शव भारत पहुंचने के बाद मामला नए विवाद में घिर गया है। परिवार और समुद्री कर्मियों से जुड़े संगठन ने शव की स्थिति और मृत्यु से जुड़ी प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि भारत में कराए गए परीक्षण के दौरान शरीर के कई महत्वपूर्ण आंतरिक अंग मौजूद नहीं पाए गए, जिसके बाद उन्होंने दोबारा परीक्षण कराने और पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। मामले ने विदेश में कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा, पारदर्शिता और दूतावासी सहयोग को लेकर भी चर्चा तेज कर दी है।
An Indian seafarer who died of cardiac arrest in Venezuela was brought back to India with nearly all his internal organs missing, according to a second post-mortem ordered in Deoria.
With no autopsy report from Venezuelan authorities and the cause of death now impossible to… pic.twitter.com/R3FTtJ2huT
— OpIndia.com (@OpIndia_com) July 1, 2026
संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी नाविक की मौत
मिली जानकारी के अनुसार 33 वर्षीय राकेश चौहान उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से जुड़े थे और अपने परिवार के साथ मुंबई में रह रहे थे। उन्होंने नवंबर 2025 में मर्चेंट नेवी क्षेत्र में काम शुरू किया था और वेनेजुएला में मरीन फिटर के रूप में कार्यरत थे। परिवार के अनुसार मई 2026 में उन्हें कंपनी की ओर से सूचना मिली कि राकेश एक दुकान में गिरने के कारण घायल हो गए हैं। बाद में उनकी स्थिति गंभीर होने की जानकारी दी गई और फिर उनके निधन की सूचना परिवार तक पहुंची। कंपनी की ओर से कथित रूप से यह बताया गया कि राकेश को चक्कर आने के बाद गिरने से चोट लगी और उपचार के दौरान उन्हें हृदय संबंधी समस्या हुई, जिसके कारण उनकी मृत्यु हो गई। हालांकि परिवार इस विवरण पर सवाल उठा रहा है और पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच चाहता है।
शव भारत पहुंचने के बाद बढ़ा विवाद
राकेश चौहान का शव भारत पहुंचने के बाद परिजनों ने दोबारा परीक्षण की मांग की। परिवार का कहना है कि शव की स्थिति को देखकर उन्हें कई शंकाएं हुईं, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया अपनाई गई। इसी दौरान शरीर की जांच से जुड़े कुछ दावों ने पूरे मामले को विवाद का रूप दे दिया। परिजनों का कहना है कि उन्हें विदेश में हुई प्रक्रियाओं और वहां किए गए परीक्षण की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। इसी कारण परिवार अब आधिकारिक दस्तावेजों और सभी चिकित्सीय रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग कर रहा है।
समुद्री कर्मियों के संगठन ने उठाए कई सवाल
समुद्री क्षेत्र से जुड़े संगठन फेडरेशन ऑफ सीफेयर्स ऑफ इंडिया ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए विस्तृत जांच की मांग की है। संगठन का कहना है कि शव भारत भेजे जाने के साथ कथित रूप से विस्तृत चिकित्सीय दस्तावेज और पूर्ण परीक्षण विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया। संगठन ने अपने बयान में कहा कि मामले की पारदर्शी जांच जरूरी है ताकि मृत्यु की वास्तविक परिस्थितियों और बाद की प्रक्रियाओं को स्पष्ट किया जा सके। संगठन ने संबंधित एजेंसियों से सभी रिकॉर्ड की स्वतंत्र समीक्षा कराने की मांग भी रखी है।
परिवार ने दोबारा परीक्षण और पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की
परिवार और संगठन दोनों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और विदेश में अपनाई गई प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मृत्यु से जुड़े सभी आधिकारिक दस्तावेज, चिकित्सीय रिपोर्ट और उपलब्ध अभिलेख परिवार के साथ साझा किए जाने चाहिए। परिवार ने यह भी आग्रह किया है कि यदि आवश्यकता हो तो विशेषज्ञों की निगरानी में आगे की चिकित्सीय प्रक्रिया अपनाई जाए ताकि किसी भी प्रकार की आशंका या भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके।
भारतीय दूतावास और संबंधित पक्षों की भूमिका पर भी उठे प्रश्न
मामले के सामने आने के बाद परिवार और संबंधित संगठन ने वेनेजुएला में भारतीय दूतावास की भूमिका को लेकर भी अधिक सक्रिय हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि विदेश में काम करने वाले भारतीय नागरिकों से जुड़े मामलों में सूचना प्रवाह और सहायता व्यवस्था अधिक पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए। संगठन ने यह भी कहा कि संबंधित कंपनी, स्थानीय प्रशासन और अन्य संस्थाओं के स्तर पर अपनाई गई प्रक्रियाओं की समीक्षा की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों में स्पष्ट व्यवस्था उपलब्ध हो सके।
विदेश में काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर फिर शुरू हुई चर्चा
इस मामले ने विदेशों में कार्यरत भारतीय समुद्री कर्मियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य निगरानी, आपातकालीन सहायता और परिवारों तक सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित सूचना, पारदर्शी जांच और स्पष्ट दस्तावेजी प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है। फिलहाल परिवार जांच और आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार कर रहा है। आने वाले समय में संबंधित एजेंसियों की रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की परिस्थितियां अधिक स्पष्ट हो सकेंगी।
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