Ram Mandir

राम मंदिर दान प्रकरण में जांच को मिला और समय : एसआईटी अब 15 जुलाई तक सौंपेगी विस्तृत रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश देश/प्रदेश

एजेंसी, अयोध्या। Ram Mandir Donation SIT Report : अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े दान प्रकरण की जांच अब विस्तारित अवधि में  आगे बढ़ेगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल को अतिरिक्त समय देने का फैसला लिया है। अब जांच टीम को 15 जुलाई तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी। सरकार का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता और जांच के दायरे को देखते हुए सभी तथ्यों की गहराई से पड़ताल की जाएगी ताकि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं का समुचित परीक्षण हो सके। यह मामला सामने आने के बाद से प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर लगातार गतिविधियां जारी हैं और जांच एजेंसियां वित्तीय रिकॉर्ड, दस्तावेजों और संबंधित व्यक्तियों से जुड़े तथ्यों की समीक्षा कर रही हैं।

जांच टीम की मांग पर बढ़ाई गई अवधि

सूत्रों के अनुसार विशेष जांच दल ने सरकार को बताया था कि मामले से जुड़े कई बिंदुओं पर अभी और जानकारी जुटाना आवश्यक है। जांच के दौरान प्राप्त दस्तावेजों, वित्तीय गतिविधियों और अन्य संबंधित जानकारियों का विश्लेषण करने के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत महसूस की गई। इसी अनुरोध के बाद राज्य सरकार ने जांच अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया। अब एसआईटी निर्धारित नई समयसीमा के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगी और संबंधित निष्कर्ष सरकार को सौंपेगी।

सभी पहलुओं की विस्तृत पड़ताल पर रहेगा जोर

सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि जांच केवल प्रारंभिक आरोपों तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि इससे जुड़े सभी तथ्यों और प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि किसी भी स्तर पर उपलब्ध साक्ष्य या जानकारी की अनदेखी न हो। जांच के दौरान वित्तीय लेन-देन, रिकॉर्ड सत्यापन, प्रशासनिक प्रक्रिया और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका जैसे पहलुओं की भी समीक्षा की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने पारदर्शी जांच पर दिया जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि इस मामले में निष्पक्षता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। सरकार का कहना है कि जांच पूरी तरह तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी। राज्य प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर संबंधित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जांच ने पकड़ी रफ्तार

मामले में प्रारंभिक जांच के आधार पर 25 जून को श्रीराम जन्मभूमि थाना क्षेत्र में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शिकायत ट्रस्ट से जुड़े एक सदस्य की ओर से दर्ज कराई गई थी। इसके बाद मामले को औपचारिक जांच प्रक्रिया में शामिल किया गया। प्राथमिकी में कई लोगों को नामजद किए जाने के साथ कुछ अन्य व्यक्तियों को भी जांच के दायरे में रखा गया। इसके बाद पुलिस और जांच एजेंसियों ने आगे की कार्रवाई शुरू की।

आरोपियों से पूछताछ और रिकॉर्ड की जांच जारी

जांच एजेंसियां मामले से जुड़े व्यक्तियों से पूछताछ कर रही हैं और उपलब्ध दस्तावेजों तथा वित्तीय अभिलेखों की समीक्षा भी जारी है। अधिकारियों का उद्देश्य घटनाक्रम की पूरी श्रृंखला को समझना और तथ्यों का सत्यापन करना बताया जा रहा है। इसके साथ ही संबंधित लेन-देन, प्रक्रियाओं और दस्तावेजी आधार की भी जांच की जा रही है ताकि रिपोर्ट व्यापक और तथ्य आधारित हो सके।

15 जुलाई की रिपोर्ट पर टिकी नजर

अब जांच की अगली महत्वपूर्ण समयसीमा 15 जुलाई होगी, जब एसआईटी को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट आने के बाद मामले की आगे की दिशा और संभावित प्रशासनिक या कानूनी कदम अधिक स्पष्ट हो सकेंगे। अयोध्या से जुड़े इस संवेदनशील प्रकरण पर प्रशासन, धार्मिक संस्थानों और आम लोगों की नजर बनी हुई है तथा जांच के निष्कर्षों का इंतजार किया जा रहा है।

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