Tuticorin Case

तमिलनाडु में नाबालिग से रेप और हत्या के दोषी को मिली दोहरी फांसी, महज 75 दिनों के भीतर कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

तमिलनाडु देश/प्रदेश राष्ट्रीय

एजेंसी, तूतीकोरिन। Tuticorin Case : तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले से न्याय व्यवस्था की एक बेहद सराहनीय और ऐतिहासिक नजीर सामने आई है। यहां की एक विशेष अदालत ने 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म और उसकी नृशंस हत्या करने के मामले में महज 75 दिनों के भीतर सुनवाई पूरी करते हुए दोषी धर्ममुनीश्वरन को दोहरी मौत की सजा सुनाई है। इस बेहद संवेदनशील और पेचीदा मामले को सुलझाने तथा आरोपी को अंजाम तक पहुंचाने में आधुनिक फॉरेंसिक विज्ञान और एक विंडमिल (पवन चक्की) फार्म में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज ने सबसे निर्णायक भूमिका निभाई।

सीसीटीवी कैमरों की 1 हजार घंटे की फुटेज खंगालने पर मिली बड़ी कामयाबी

यह खौफनाक वारदात तूतीकोरिन जिले के एक सुदूर ग्रामीण इलाके में उस समय घटित हुई थी, जब पीड़िता शौच के लिए घर से बाहर गई थी। रास्ते में घात लगाए बैठे आरोपी धर्ममुनीश्वरन ने उसे जबरन रोक लिया और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया। शुरुआत में पुलिस के पास आरोपी का सुराग लगाने के लिए कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं था। जांच दल ने हार न मानते हुए वेदानथम गांव से लेकर तूतीकोरिन शहर के बीच के पूरे रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की लगभग 1 हजार घंटे की विशाल फुटेज को खंगालना शुरू किया। इस कड़े इनवेस्टिगेशन के दौरान क्राइम सीन के पास स्थित एक विंडमिल फार्म में लगे अकेले कैमरे से पुलिस को एक बड़ी लीड मिली, जिसमें आरोपी वारदात से करीब 4 घंटे पहले गांव में दाखिल होता और अगली सुबह बाहर निकलता दिखाई दिया।

फॉरेंसिक साक्ष्यों और अचूक डीएनए जांच ने कोर्ट में साबित किया गुनाह

पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और आरोपी की विशिष्ट चेक शर्ट के आधार पर उसकी पहचान की और उसे दबोच लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और वारदात के महज 21 दिनों के भीतर अदालत में एक बेहद मजबूत चार्जशीट दाखिल कर दी। अदालत के सामने फॉरेंसिक और वैज्ञानिक सबूत इतने अकाट्य थे कि आरोपी का बच निकलना नामुमकिन हो गया। फॉरेंसिक लैब की जांच में आरोपी की शर्ट से मिले खून के धब्बे पीड़िता के ब्लड ग्रुप से हूबहू मैच हो गए, और डीएनए प्रोफाइलिंग में पीड़िता के पास से मिले सीमन सैंपल भी पूरी तरह दोषी धर्ममुनीश्वरन से मेल खा गए।

शातिर अपराधी ने रेकी करने के लिए चुराई थी बाइक

पुलिस तफ्तीश में यह सनसनीखेज खुलासा भी हुआ कि आरोपी बेहद शातिर और आदतन अपराधी प्रवृत्ति का है। उसने वारदात को अंजाम देने की साजिश के तहत रामनाथपुरम जिले के पार्थिबनूर से एक मोटरसाइकिल चुराई थी, ताकि पुलिस की नजरों से बचा रह सके। पकड़े जाने के डर से उसने उस चोरी की बाइक की असली नंबर प्लेट (5370) को बदलकर उस पर फर्जी नंबर (6870) भी लगा दिया था। वह इसी साल फरवरी के महीने से अपने दोस्तों के साथ लगातार वेदानथम गांव आ रहा था और उसी चोरी की बाइक का इस्तेमाल कर अपराध को अंजाम देने वाले रास्तों की बाकायदा रेकी कर रहा था, ताकि वारदात के बाद सुरक्षित भागा जा सके। बहरहाल, त्वरित पुलिसिया जांच और न्यायपालिका की तत्परता के चलते पीड़ित परिवार को रिकॉर्ड समय में न्याय मिल सका।

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