एजेंसी, भोपाल। CM Mohan Yadav EV : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन और पेट्रोल-डीजल बचाने की गई विशेष अपील का मध्य प्रदेश में अब एक बहुत बड़ा और व्यापक असर देखने को मिल रहा है। इस मुहिम को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने वीआईपी काफिले (कारकेड) में भारी बदलाव करने का एक बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री अब पेट्रोल-डीजल से चलने वाली पारंपरिक गाड़ियों को छोड़कर पर्यावरण अनुकूल स्वदेशी तकनीक से निर्मित नई इलेक्ट्रिक कार (ईवी) की सवारी करेंगे। राज्य के स्टेट मोटर गैरेज विभाग द्वारा मुख्यमंत्री के लिए इस नई स्वदेशी इलेक्ट्रिक कार की खरीद प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, और सोमवार को यह नई चमचमाती गाड़ी आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री निवास (सीएम हाउस) में पहुंचा दी गई है।
सुरक्षा मानकों की जांच के बाद काफिले में शामिल होगी नई ईवी
मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस नई इलेक्ट्रिक गाड़ी को मुख्यमंत्री के मुख्य कारकेड में विधिवत रूप से शामिल करने से पहले इसके सभी सुरक्षा मानकों और तकनीकी पहलुओं की बेहद बारीकी से जांच-पड़ताल की जाएगी। इस सुरक्षा जांच प्रक्रिया के दौरान इलेक्ट्रिक वाहन की आधुनिक कार्यप्रणाली और गति के अनुरूप मुख्यमंत्री के विशेष चालकों (ड्राइवर्स) को भी प्रशिक्षित (ट्रेंड) किया जाएगा। इन सभी सुरक्षा और तकनीकी मापदंडों पर खरा उतरने के बाद बेहद जल्द इस नई स्वदेशी गाड़ी को मुख्यमंत्री के काफिले का मुख्य हिस्सा बना दिया जाएगा। इस बीच, मुख्यमंत्री सुरक्षा दल और स्टेट गैरेज ने गाड़ी के लिए आवश्यक हाई-स्पीड चार्जिंग पॉइंट और अन्य जरूरी तकनीकी व्यवस्थाओं की तैयारियां भी युद्ध स्तर पर शुरू कर दी हैं।
सादगी अपनाने और वीआईपी तामझाम घटाने पर जोर
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर पेट्रोल-डीजल की बढ़ती किल्लत और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए देश के सभी जनप्रतिनिधियों को सादगी अपनाने तथा ईंधन की बचत करने की कड़ी नसीहत दी थी। प्रधानमंत्री की इसी सलाह का अक्षरशः पालन करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहले ही अपने कारकेड को छोटा करते हुए उसमें चलने वाले सुरक्षा वाहनों की संख्या को काफी हद तक घटा दिया था। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल के अन्य सहयोगियों और मंत्रियों को भी सख्त हिदायत दी है कि वे अनावश्यक तामझाम और लंबी गाड़ियों के काफिले से पूरी तरह दूर रहें, सादगी के साथ जनता के बीच जाएं और शासकीय ईंधन की बचत करने में अपना सहयोग दें।
आम जनता को ट्रैफिक जाम की समस्या से मिलेगी बड़ी राहत
मध्य प्रदेश में अक्सर मंत्रियों, विधायकों और रसूखदार जनप्रतिनिधियों के काफिलों में चलने वाली वाहनों की लंबी फौज के कारण आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता रहा है। वीआईपी मूवमेंट के दौरान यातायात पुलिस द्वारा आम रास्तों का ट्रैफिक रोक दिए जाने से कई प्रमुख चौराहों पर लंबा जाम लग जाता है, जिससे राहगीर और दफ्तर आने-जाने वाले लोग परेशान होते हैं। मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं पहल करते हुए अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या सीमित करने और अब कमर्शियल पेट्रोल-डीजल गाड़ियों की जगह इलेक्ट्रिक कार अपनाने के इस फैसले से सड़कों पर लगने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी, जिससे आम नागरिकों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी।
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