एजेंसी, गंगटोक। Sikkim Literacy : हिमालय की खूबसूरत वादियों में बसा पूर्वोत्तर का महत्वपूर्ण राज्य सिक्किम अब देश का पांचवां पूर्ण साक्षर राज्य बन गया है। इस ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण उपलब्धि की आधिकारिक घोषणा देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा की गई है। सिक्किम की राजधानी गंगटोक के मनन केंद्र में आयोजित सिक्किम विश्वविद्यालय के भव्य दीक्षांत समारोह के दौरान राष्ट्रपति की गरिमामयी मौजूदगी में राज्य को यह बड़ा दर्जा दिया गया। केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही उल्लास (समाज में सभी के लिए आजीवन सीखने की समझ) पहल के तहत सिक्किम ने शिक्षा के क्षेत्र में यह अभूतपूर्व मुकाम हासिल कर पूरे देश में अपना परचम लहराया है।
Sikkim declared ‘Full Literacy’ under ULLAS-Nav Bharat Saaksharta Karyakram today by the Hon’ble Chief Minister of Sikkim in the august and inspiring presence of the Hon’ble President of India and the Hon’ble Governor of Sikkim.
Sikkim becomes 8th Fully Literate States/UTs of… pic.twitter.com/cZ9zoh1x7P
— Ministry of Education (@EduMinOfIndia) May 27, 2026
इन विशेष राज्यों की सूची में शामिल हुआ सिक्किम
इस गौरवशाली सफलता को हासिल करने के बाद सिक्किम अब भारत के उन चुनिंदा राज्यों की विशेष श्रेणी में शामिल हो गया है जो पहले से ही पूर्ण रूप से साक्षर घोषित किए जा चुके हैं। सिक्किम से पहले मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा और हिमाचल प्रदेश यह बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर चुके हैं। अगर पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो मिजोरम और त्रिपुरा के बाद सिक्किम इस क्षेत्र का तीसरा ऐसा राज्य बन गया है जिसने पूर्ण साक्षरता का राष्ट्रीय लक्ष्य सफलतापूर्वक प्राप्त किया है। गौरतलब है कि देश के भीतर शत-प्रतिशत साक्षरता का यह बड़ा मुकाम हासिल करने वाला भारत का सबसे पहला राज्य मिजोरम था।
क्या है केंद्र सरकार की उल्लास पहल?
शिक्षा मंत्रालय द्वारा देश में लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के बिल्कुल अनुरूप इस विशेष उल्लास कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान का मुख्य उद्देश्य पंद्रह वर्ष या उससे अधिक आयु के उन नागरिकों को साक्षर बनाना है जो किसी कारणवश अपनी शिक्षा पूरी नहीं कर पाए थे। इस कार्यक्रम के अंतर्गत वयस्कों को व्यावहारिक शिक्षा देने के साथ-साथ उनके भीतर काम करने की बुनियादी कला, रोजमर्रा की स्किल और जीवनभर निरंतर सीखने का बेहतरीन मौका प्रदान किया जाता है। इस योजना के जरिए समाज के हर वर्ग में निरंतर सीखने की ललक और कौशल विकास को भी बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने दी बधाई
राज्य सरकार की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में इस सम्मान को समूचे सिक्किम के लिए एक ऐतिहासिक और बहुत बड़ी उपलब्धि करार दिया गया है। बयान में कहा गया कि यह सफलता मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य की शैक्षिक मजबूती और समावेशी विकास के प्रति अटूट निष्ठा को प्रदर्शित करती है। राष्ट्रपति की गरिमामयी यात्रा के दौरान मिली इस बड़ी सौगात पर मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने सभी राज्यवासियों को दिल से बधाई दी। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में बेहद गर्व के साथ कहा कि शत-प्रतिशत साक्षरता का यह राष्ट्रीय दर्जा मिलना हमारे राज्य की शैक्षिक और सामाजिक उन्नति के इतिहास में एक अत्यंत महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
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