एजेंसी, नई दिल्ली। PM Modi Car Pooling : देश की राजधानी में आयोजित हुई केंद्रीय कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पर्यावरण संरक्षण और सरकारी संसाधनों के सही उपयोग को लेकर एक बेहद जरूरी संदेश दिया है। प्रधानमंत्री ने बैठक में मौजूद सभी केंद्रीय मंत्रियों से ईंधन की बचत करने और प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से कार पूलिंग की व्यवस्था अपनाने का पुरजोर आग्रह किया है। बैठक के दौरान मंत्रियों को संबोधित करते हुए उन्होंने एक बेहद तार्किक सवाल उठाया और कहा कि जब हम सभी लोग एक ही स्थान से प्रस्थान कर रहे हैं और हम सबकी मंजिल भी बिल्कुल एक ही है, तो ऐसी स्थिति में हमें कार पूलिंग का बेहतरीन विकल्प क्यों नहीं चुनना चाहिए? प्रधानमंत्री की यह तीखी मगर जरूरी टिप्पणी उस समय सामने आई जब उन्होंने देखा कि कैबिनेट की बैठक में हिस्सा लेने के लिए कई मंत्री अपने-अलग अलग सरकारी वाहनों में सवार होकर पहुंचे थे।
प्रधानमंत्री ने अपने सुरक्षा काफिले को भी किया छोटा
आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केवल दूसरों को सलाह नहीं दे रहे हैं बल्कि उन्होंने खुद भी इस दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने हाल के दिनों में अपने स्वयं के सुरक्षा काफिले में शामिल रहने वाली गाड़ियों की संख्या को काफी हद तक छोटा करने का कड़ा निर्देश जारी किया है। इसके साथ ही उन्होंने सभी मंत्रियों को भी स्पष्ट तौर पर यह सलाह दी है कि वे अपने साथ चलने वाले सुरक्षा और अन्य वाहनों की संख्या में स्वेच्छा से कटौती करें। सरकार की ओर से लगातार देश के आम नागरिकों को भी यह संदेश दिया जा रहा है कि वे पेट्रोल और डीजल की बढ़ती खपत को नियंत्रित करने के लिए सार्वजनिक परिवहन के साधनों का अधिक से अधिक उपयोग करें और प्रधानमंत्री की यह पहल इसी दिशा में सरकार के भीतर से शुरू किया गया एक बड़ा प्रयास है।
जनता के बीच जाकर संवाद बढ़ाने पर दिया विशेष जोर
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान अधिकांश मंत्रियों ने इस बात की सहमति दी कि हाल के दिनों में उन्होंने अपने काफिले के साथ चलने वाले अतिरिक्त सुरक्षा वाहनों की संख्या को कम किया है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों को एक और महत्वपूर्ण कार्य सौंपते हुए कहा कि वे आम जनता के बीच अधिक से अधिक समय बिताएं और उनके साथ सीधा संवाद स्थापित करें। इससे सरकार की योजनाओं और आम नागरिकों के बीच का फासला कम होगा और एक बेहतर तालमेल बनेगा। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री ने देश के दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के हालिया जनसंपर्क अभियान की खुलकर सराहना की। उन्होंने बताया कि सिंधिया ने अपने सिक्किम दौरे के समय वहां के स्थानीय लोगों से उन्हीं की क्षेत्रीय नेपाली भाषा में बातचीत की थी, जिससे वहां की जनता बेहद प्रभावित हुई थी।
मंत्रियों पर दिखने लगा प्रधानमंत्री की अपील का सीधा असर
प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए इस प्रेरक संदेश का सकारात्मक असर बुधवार की शाम को ही राजधानी की सड़कों पर साफ तौर पर देखने को मिल गया। कैबिनेट की बैठक समाप्त होने के बाद कई राज्य मंत्री अलग-अलग गाड़ियों में जाने के बजाय एक ही कार में सवार होकर कर्तव्य भवन-3 पहुंचे। वहां आयोजित की गई महत्वपूर्ण ‘प्रगति’ बैठक में हिस्सा लेने के लिए मंत्रियों ने इसी कार पूलिंग का सहारा लिया और डिजिटल माध्यम से इस बैठक में शामिल हुए। जानकारी के मुताबिक, कम से कम छह मंत्रियों ने इस पूरी बैठक में वर्चुअल रूप से भाग लिया। आपको बता दें कि अब तक केवल सचिव और मुख्य सचिव स्तर के प्रशासनिक अधिकारी ही इन बैठकों में डिजिटल रूप से जुड़ते रहे हैं, लेकिन अब मंत्रियों ने भी इसे अपनाना शुरू कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री की इस मुहिम के बाद भाजपा शासित कई राज्यों के मंत्रियों ने भी अपने काफिले की गाड़ियां कम कर दी हैं और वे बस या मेट्रो जैसे साधनों का इस्तेमाल करने लगे हैं। हालांकि, कुछ अपवाद भी सामने आए हैं जहां एक उत्तर भारतीय राज्य के उपमुख्यमंत्री को अपनी राजधानी वापस जाने के लिए सात सीटों वाली एक बड़ी लग्जरी गाड़ी मंगवानी पड़ी थी, लेकिन कुल मिलाकर इस मुहिम का व्यापक असर देखा जा रहा है।
ये भी पढ़े : सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव सूची के पुनरीक्षण पर दिया ऐतिहासिक निर्णय, स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान के लिए बताया आवश्यक
ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें


