एजेंसी, दिल्ली। Shapoor Zadran Death Delhi : अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत और खेल प्रेमियों के लिए एक बेहद हृदयविदारक और स्तब्ध कर देने वाली खबर सामने आई है। अफगानिस्तान क्रिकेट टीम को अंतरराष्ट्रीय पटल पर एक नई और मजबूत पहचान दिलाने वाले देश के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज शापूर जदरान अब हमारे बीच नहीं रहे। पिछले एक लंबे समय से एक अत्यंत गंभीर और जानलेवा बीमारी से बहादुरी के साथ जंग लड़ रहे शापूर जदरान ने 7 जुलाई 2026 को अंतिम सांस ली। वह भारत की राजधानी दिल्ली के एक प्रतिष्ठित अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष यानी आईसीयू में वेंटिलेटर पर भर्ती थे, जहां डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। मात्र 38 वर्ष की अल्पायु में हुए उनके इस असामयिक निधन की आधिकारिक और दुखद पुष्टि अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सोशल मीडिया के माध्यम से की है, जिसके बाद से पूरे खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
إِنَّا لِلّهِ وَإِنَّـا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ
With profound grief and deep sorrow, the Afghanistan Cricket Board mourns the passing of former Afghanistan fast bowler Shapoor Zadran.
Shapoor Zadran was one of the foundation-laying figures of Afghanistan cricket, whose dedication,… pic.twitter.com/iPIAJ6HLkq
— Afghanistan Cricket Board (@ACBofficials) July 7, 2026
अत्यंत दुर्लभ और जानलेवा बीमारी एचएलएच से हार गए जिंदगी की जंग
क्रिकेट के मैदान पर बड़े-बड़े बल्लेबाजों के पसीने छुड़ाने वाले शापूर जदरान पिछले कई महीनों से एक बेहद दुर्लभ, पेचीदा और जानलेवा बीमारी से पीड़ित थे। उनके छोटे भाई घमई जदरान द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, शापूर हेमोफैगोसाइटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस (HLH) नाम की एक अत्यंत गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। यह बीमारी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को पूरी तरह असंतुलित कर देती है, जिससे शरीर के मुख्य अंग काम करना बंद कर देते हैं। पिछले साल अक्टूबर में जब अफगानिस्तान में उनकी तबीयत बहुत ज्यादा खराब होने लगी, तो वहां के वरिष्ठ डॉक्टरों ने बेहतर चिकित्सा और उन्नत सुविधाओं के लिए उन्हें तुरंत भारत ले जाने की सलाह दी थी। भारत में शुरुआती कूटनीतिक और चिकित्सीय प्रयासों के बाद उनकी सेहत में थोड़ा सुधार देखा गया था और उन्हें अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई थी, लेकिन करीब 20 दिनों के बाद अचानक संक्रमण बढ़ने से उनकी स्थिति फिर से नाजुक हो गई।
अस्पताल में राशिद खान और मोहम्मद नबी ने बढ़ाया था हौसला
शापूर जदरान के इलाज के दौरान भारत में अफगानिस्तान के कई वर्तमान और पूर्व साथी क्रिकेटर लगातार उनके परिवार के संपर्क में थे। जब शापूर दिल्ली के अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे थे, तब अफगानिस्तान क्रिकेट के मौजूदा वैश्विक सितारे राशिद खान और अनुभवी ऑलराउंडर मोहम्मद नबी खुद अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने डॉक्टरों से शापूर के स्वास्थ्य की पूरी जानकारी ली थी और अपने साथी खिलाड़ी का ढांढस बंधाया था। अफगानिस्तान के इन दिग्गज खिलाड़ियों ने शापूर के इलाज के लिए हर संभव मदद का भरोसा भी दिया था। 38 साल की उम्र में इस तरह एक चमकते सितारे का बुझ जाना अफगान क्रिकेट के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई आने वाले कई दशकों तक संभव नहीं हो सकेगी।
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने जताया गहरा शोक और दी भावभीनी श्रद्धांजलि
शापूर जदरान के निधन की खबर मिलते ही अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड में गहरा सन्नाटा पसर गया। बोर्ड ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर शापूर जदरान की एक तस्वीर साझा करते हुए उन्हें एक महान योद्धा और देश का सच्चा सपूत बताया। बोर्ड ने अपने शोक संदेश में लिखा कि शापूर जदरान का देश के क्रिकेट इतिहास में जो अतुलनीय योगदान और ऐतिहासिक उपलब्धियां रही हैं, उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। वे हमेशा अफगानिस्तान क्रिकेट के इतिहास का एक बेहद गौरवशाली और अटूट हिस्सा बने रहेंगे। क्रिकेट बोर्ड ने इस बेहद कठिन समय में शापूर के शोकाकुल परिवार, उनके भाइयों और दुनिया भर में फैले उनके करोड़ों प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना और एकजुटता व्यक्त की है।
शून्य से शिखर तक पहुंचाने वाले शुरुआती हीरोज में शामिल थे शापूर
अफगानिस्तान में क्रिकेट को एक खेल से बदलकर एक जुनून बनाने वाले शुरुआती दौर के खिलाड़ियों में शापूर जदरान का नाम बहुत आदर के साथ लिया जाता है। उन्होंने उस दौर में अफगानिस्तान के लिए खेलना शुरू किया था जब देश में बुनियादी खेल सुविधाओं का घोर अभाव था। शापूर ने अपनी तूफानी और आक्रामक तेज गेंदबाजी के दम पर दुनिया की सबसे मजबूत और स्थापित क्रिकेट टीमों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। अफगानिस्तान को आईसीसी वनडे विश्व कप और टी20 विश्व कप जैसे वैश्विक और ऐतिहासिक टूर्नामेंटों तक पहली बार क्वालीफाई कराने और देश का झंडा बुलंद करने में शापूर जदरान ने एक मुख्य मार्गदर्शक और मैच विनर की भूमिका निभाई थी। उनके लंबे बाल और विकेट लेने के बाद हवाई जहाज की तरह दौड़ने का अंदाज प्रशंसकों के बीच बेहद लोकप्रिय था।
आंकड़ों की नजर में ऐसा रहा शापूर जदरान का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर
अगर शापूर जदरान के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर के आंकड़ों पर नजर डालें, तो उन्होंने अपनी धारदार गेंदबाजी से देश को कई अविस्मरणीय जीत दिलाईं। उन्होंने अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के लिए कुल 44 एकदिवसीय यानी वनडे मैच खेले, जिसमें उन्होंने बेहतरीन इकॉनमी रेट से गेंदबाजी करते हुए 43 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। इसके अलावा फटाफट क्रिकेट यानी टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में उन्होंने 36 मुकाबलों में देश का प्रतिनिधित्व किया और कुल 37 बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई। घरेलू स्तर पर भी उनका रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा, जहां उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 17 विकेट और लिस्ट-ए क्रिकेट के सीमित ओवरों के मैचों में 56 विकेट हासिल किए थे। उन्होंने अफगानिस्तान के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 10 मार्च 2019 को भारत के देहरादून में आयरलैंड के खिलाफ खेला था, जिसके बाद वह चोट और बीमारी के कारण टीम से बाहर चल रहे थे।
साल 2012 के वर्ल्ड कप में सहवाग और गंभीर को आउट कर मचाई थी सनसनी
भारतीय क्रिकेट फैंस भी शापूर जदरान की खतरनाक गेंदबाजी के कायल रहे हैं। साल 2012 में श्रीलंका में खेले गए आईसीसी टी20 विश्व कप के दौरान शापूर जदरान ने भारत के खिलाफ एक ऐसा स्पेल फेंका था, जिसने रातों-रात उन्हें दुनिया भर में सुर्खियों में ला दिया था। उस मैच में भारत की बेहद मजबूत और विश्व प्रसिद्ध सलामी जोड़ी, जिसमें वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर शामिल थे, को शापूर जदरान ने अपनी अतिरिक्त उछाल और गति से पूरी तरह चकमा दे दिया था। उन्होंने उस मुकाबले में शानदार गेंदबाजी करते हुए इन दोनों दिग्गज भारतीय बल्लेबाजों के विकेट चटकाए थे। उस मैच में शापूर ने अपने कोटे के 4 ओवरों में मात्र 33 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट लिए थे। भारत के खिलाफ किया गया उनका यह ऐतिहासिक प्रदर्शन आज भी अफगानिस्तान क्रिकेट के सबसे यादगार और सुनहरे पन्नों में गिना जाता है, जिसे क्रिकेट प्रेमी हमेशा याद रखेंगे।
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