मोहन यादव

यूसीसी और स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क से बदलेगी मध्य प्रदेश की तस्वीर : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर सीएम मोहन यादव ने किया महा-ऐलान

प्रादेशिक भोपाल मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, भोपाल। MP Uniform Civil Code UCC Apply : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के इतिहास में एक नए और स्वर्णिम अध्याय की घोषणा करते हुए कहा है कि इसी वर्तमान महीने के भीतर प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता को पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा। 6 जुलाई 2026 को भारतीय जनसंघ के महान संस्थापक और प्रखर विचारक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के पावन अवसर पर भोपाल के लालघाटी चौराहे पर स्थित उनकी भव्य प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक कदम का आधिकारिक ऐलान किया। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में बेहद साफ शब्दों में कहा कि यह मध्य प्रदेश के समस्त नागरिकों के लिए अत्यंत सौभाग्य और गर्व का विषय है कि हमारा राज्य अब देश के उन अग्रणी और गौरवशाली राज्यों की सूची में शामिल होने जा रहा है, जहां संपूर्ण समाज के लिए एक ही समान संविधान और कानून व्यवस्था होगी। मुख्यमंत्री ने विवाह परंपराओं का स्पष्ट उदाहरण देते हुए कहा कि जब हिंदू समाज में एक शादी और सात फेरे लेने का नियम सर्वमान्य है, तो देश के सभी नागरिकों के लिए भी ऐसा ही एक समान नियम होना चाहिए। उन्होंने प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि वे हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति करते आए हैं और इस बार भी वे जनता के बीच यह भ्रम फैलाने का दावा करेंगे कि यह कानून किसी विशेष धर्म के खिलाफ है, लेकिन कांग्रेस नेताओं को यह अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता हर परिस्थिति में लागू होकर रहेगी।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ‘एक विधान’ के सपने को पूरा करेगा मध्य प्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश के संवैधानिक इतिहास का स्मरण कराते हुए कहा कि स्वतंत्रता के समय निर्मित हुए संविधान की कमियों और विसंगतियों को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बहुत पहले ही भांप लिया था। उन्होंने उस दौर में पूरे देश को एक सूत्र में पिरोने के लिए ‘देश में एक निशान, एक प्रधान और एक विधान’ का नारा बुलंद किया था और इसी मजबूत सिद्धांत पर राष्ट्र को चलाने की पुरजोर वकालत की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी हमारे विचारों और यादों में पूरी तरह बसे हुए हैं और उनके इसी महान राष्ट्रव्यापी दृष्टिकोण को साकार करते हुए मध्य प्रदेश सरकार इस दिशा में बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व में मध्य प्रदेश की वर्तमान सरकार वह प्रत्येक कड़ा और जरूरी फैसला ले रही है, जो राष्ट्रहित और समाज के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उनके नेतृत्व में आज भारत पूरी दुनिया में अपनी एक विशेष और मजबूत पहचान स्थापित कर रहा है और मध्य प्रदेश भी उसी गति से आगे बढ़ रहा है।

जनता से मिले 10 लाख से अधिक सुझावों के बाद तैयार हुआ यूसीसी का मसौदा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कानून के लोकतांत्रिक पहलुओं पर विस्तार से बात करते हुए बताया कि इस ऐतिहासिक संहिता को तैयार करने से पहले प्रदेश की आम जनता से बहुत ही व्यापक स्तर पर रायशुमारी की गई थी। इस पूरी पारदर्शी प्रक्रिया के दौरान सरकार को राज्य के नागरिकों से 10 लाख से भी अधिक बहुमूल्य और महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार चाहती तो इस कानून को बिना किसी देरी के सीधे विधानसभा के पटल पर रखकर पारित करा सकती थी, लेकिन सरकार ने लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करते हुए जनता से मिले सुझावों और उनकी राय के मजबूत आधार पर ही यह अंतिम फैसला लेने का मार्ग चुना है, जिससे यह कानून पूरी तरह सर्वसमावेशी बन सके।

सतगढ़ी में ‘वर्क-लिव-ग्रो’ मॉडल पर स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क की रखी आधारशिला

समान नागरिक संहिता के बड़े ऐलान के साथ ही मुख्यमंत्री ने भोपाल के सतगढ़ी इलाके में आयोजित एक बेहद भव्य और हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमिपूजन भी संपन्न किया। इस आधुनिक परियोजना की विस्तृत जानकारी देते हुए सीएम ने बताया कि लगभग 173 एकड़ के विशाल भूभाग पर बनने वाले इस बेहद अनूठे स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क को ‘वर्क-लिव-ग्रो’ मॉडल के आधार पर पूरी तरह विकसित किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रदेश की औद्योगिक विकास यात्रा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव सिद्ध होने जा रहा है, जिसमें देश और प्रदेश के लगभग 200 से अधिक प्रमुख और नामचीन उद्योगपति, बड़े वैश्विक निवेशक तथा विभिन्न प्रतिष्ठित उद्योग संगठनों के शीर्ष प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से शिरकत की है। इस मॉडल की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यहाँ विभिन्न प्रकार के उद्योगों की स्थापना के साथ-साथ वहां काम करने वाले कर्मचारियों के रहने के लिए सर्वसुविधायुक्त आवासीय परिसर, उनके निरंतर कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) के केंद्र, नवाचार (इनोवेशन) और अन्य सभी आवश्यक नागरिक सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उद्योगों के फलने-फूलने के लिए एक बेहतरीन सकारात्मक माहौल तैयार होगा और राज्य में बड़े स्तर पर निवेश की उम्मीदें बढ़ेंगी।

भोपाल बनेगा देश का औद्योगिक हब, युवाओं को मिलेंगी 15 हजार से ज्यादा नौकरियां

इस नवनिर्मित अत्याधुनिक पार्क में हाई वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग, गारमेंट (कपड़ा उद्योग), टॉयज (खिलौना निर्माण), आईटी क्षेत्र, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), लॉजिस्टिक्स और दुनिया की नवीनतम तकनीकों से जुड़े बड़े उद्योगों को स्थापित किया जाएगा। सरकार का पूरा विश्वास है कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना आने वाले समय में भोपाल को पूरे देश के भीतर औद्योगिक विकास के एक नए और बड़े केंद्र के रूप में स्थापित कर देगी, जिससे भोपाल सबसे समृद्ध और सशक्त राजधानी बनने जा रही है। इस पार्क के पूरी तरह शुरू होने से राज्य के युवाओं के लिए 15 हजार से भी ज्यादा प्रत्यक्ष (डायरेक्ट) और परोक्ष (इनडायरेक्ट) रूप से रोजगार के नए और सुनहरे अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री ने आर्थिक मोर्चे पर राज्य की बड़ी सफलता साझा करते हुए बेहद प्रसन्नता व्यक्त की कि आज वर्तमान समय में पूरे भारत देश के भीतर मध्य प्रदेश ही वह स्थान है, जहां बेरोजगारी की दर सबसे न्यूनतम स्तर पर दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने आर्थिक प्रगति के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि पिछले साल आयोजित हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान राज्य को कुल 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिनमें से 10 लाख करोड़ रुपये का भारी निवेश अब धरातल पर पूरी तरह उतर चुका है।

सतगढ़ी में बनेगा 15 हजार की क्षमता वाला देश का सबसे बड़ा कंवेंशन सेंटर

इस पूरी परियोजना की एक और सबसे प्रमुख विशेषता यह है कि यहाँ विकसित किया जाने वाला विश्वस्तरीय कंवेंशन एवं एग्जिबिशन सेंटर होगा, जो भोपाल को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए एक नई वैश्विक पहचान प्रदान करेगा। पार्क को पूरी तरह से पर्यावरण-अनुकूल (इको-फ्रेंडली) एवं स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बुनियादी ढांचे के विकास की घोषणा करते हुए बताया कि सतगढ़ी में बनने वाला कंवेंशन सेंटर 10 से 15 हजार लोगों की विशाल बैठक क्षमता वाला होगा, जो मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा सेंटर बनेगा। इसके अतिरिक्त, वर्तमान समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक प्रभाव के चलते पूरी दुनिया के बड़े-बड़े राजनेता और अतिथि भारत आ रहे हैं और सभी कार्यक्रम बेहद सहजता से संपन्न हो रहे हैं, इसलिए अच्छे कामों के संकल्प के लिए सरकार कुशाभाऊ ठाकरे सभागार के पास भी एक और कंवेंशन सेंटर बना रही है, जिसमें 5 हजार लोगों के बैठने की क्षमता होगी।

रक्षा क्षेत्र में रचा स्वर्णिम इतिहास और यूनियन कार्बाइड की जमीन का कायाकल्प

विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रदेश में जिस तेज गति के साथ विकास कार्य आगे बढ़ रहे हैं, उसे देखकर विपक्षी नेताओं की छाती पर सांप लोट रहा है। मध्य प्रदेश ने देश के इतिहास में पहली बार डिफेंस (रक्षा) के क्षेत्र में एक नया और स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है और अब हमारे अपने प्रदेश के अंदर तमाम प्रकार के अत्याधुनिक रक्षा उत्पादों और सैन्य हथियारों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने अतीत की घटनाओं का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उन्होंने हमेशा भोपाल गैस त्रासदी के जिम्मेदार यूनियन कार्बाइड (यूका) के मुख्य आरोपियों को बचाने का काम किया था और उन्हें सरकारी विमान की सुविधा देकर देश से बाहर भगा दिया था। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि वर्तमान सरकार ने अब यूनियन कार्बाइड परिसर से जहरीले कचरे को पूरी तरह साफ करवा दिया है और अब उस स्थान पर एक शानदार और भव्य स्मारक का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही वहां पर एक सर्वसुविधायुक्त अत्याधुनिक अस्पताल भी बनाया जाएगा, जो भविष्य में लोगों को नया जीवन देने और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने का एक पवित्र कार्य करेगा।

जानिए क्या कहता है भारतीय संविधान का अनुच्छेद 44

यूनिफॉर्म सिविल कोड के संवैधानिक महत्व को समझाते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 के भाग 4 के अंतर्गत समान नागरिक संहिता का बहुत ही स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है। राज्य के नीति-निदेशक तत्वों (डायरेक्टिव प्रिंसिपल्स ऑफ स्टेट पॉलिसी) से संबंधित इस महत्वपूर्ण अनुच्छेद में यह साफ तौर पर सरकारों को दिशा-निर्देश दिया गया है कि ‘राज्य, संपूर्ण देश के भीतर सभी नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता अर्थात यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू कराने का हर संभव प्रयास करेगा।’ हमारे लोकतांत्रिक संविधान में ये नीति-निदेशक तत्व केंद्र और राज्य सरकारों के लिए एक मार्गदर्शक या गाइड की भूमिका निभाते हैं, जिनमें वे मूलभूत सिद्धांत और लोक-कल्याणकारी उद्देश्य समाहित होते हैं, जिन्हें हासिल करने के लिए हर चुनी हुई सरकार को निरंतर काम करना होता है और मध्य प्रदेश सरकार इसी राह पर मजबूती से कदम बढ़ा रही है।

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