एजेंसी, नई दिल्ली। Sajeeb Wazed Joy India Statement : बांग्लादेश में हुए भीषण राजनीतिक तख्तापलट के बाद से भारत में शरण लिए हुए पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के परिवार ने भारतीय नेतृत्व और सरकार के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता में अमेरिका से ऑनलाइन माध्यम के जरिए जुड़े शेख हसीना के पुत्र और पूर्व सलाहकार सजीब वाजेद जॉय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद भारत सरकार ने उनकी माता को पूरा सम्मान, सुरक्षा और उचित देखभाल प्रदान की है, जिसके लिए उनका परिवार सदैव भारत का ऋणी रहेगा।
VIDEO | Delhi: “What should concern India most is that Bangladesh has become another Pakistan on India’s eastern side. You have another Pakistan today on your eastern front… Al-Qaeda operatives are speaking at public rallies. This is what is happening in Bangladesh, and this… pic.twitter.com/fVYwDUd0RR
— Press Trust of India (@PTI_News) August 5, 2026
बांग्लादेश में वापसी का निर्णय पूरी तरह शेख हसीना का व्यक्तिगत फैसला
सजीब वाजेद जॉय ने बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि उनकी माता की बांग्लादेश वापसी को लेकर वर्तमान ढाका प्रशासन या अंतरिम सरकार के साथ किसी प्रकार की कोई आधिकारिक बातचीत नहीं चल रही है। जॉय ने साफ किया कि शेख हसीना का अपने वतन लौटने का फैसला पूरी तरह से उनका निजी निर्णय है और इस संबंध में भारत सरकार से कोई परामर्श नहीं लिया गया है। उन्होंने ढाका के मौजूदा हालातों पर चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि बांग्लादेश वर्तमान में भारत की पूर्वी सीमा पर एक नए पाकिस्तान की तरह व्यवहार कर रहा है, जहां विदेशी खुफिया एजेंसियों और चरमपंथी तत्वों को खुली छूट मिली हुई है।
जान का जोखिम होने के बावजूद अपने देश लौटने को तत्पर हैं शेख हसीना
गुप्त स्थान से ऑडियो लिंक के जरिए प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए स्वयं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत को अपना सबसे भरोसेमंद मित्र बताया। उन्होंने कहा कि उनके बांग्लादेश लौटने पर उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता है और उनके साथ कोई भी अनहोनी घट सकती है, फिर भी वे अपने देश के लोगों के बीच वापस जाना चाहती हैं। शेख हसीना ने संकेत दिया कि वे दिसंबर के महीने में किसी समय बांग्लादेश लौटने का विचार कर रही हैं, हालांकि अभी कोई निश्चित तिथि तय नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि 2024 के उग्र छात्र आंदोलन के बाद देश में मुक्ति संग्राम के जिन प्रतीकों को नष्ट किया गया है, वे उनके गौरव को पुनः स्थापित करना चाहती हैं।
कूटनीतिक समीकरणों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी रखी अपनी बात
प्रेस वार्ता के दौरान जॉय से जब वॉशिंगटन, ढाका और इस्लामाबाद के बीच बदलते कूटनीतिक संबंधों को लेकर सवाल पूछे गए, तो उन्होंने इसे सामान्य कूटनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि सरकारों के बदलने के साथ अंतरराष्ट्रीय नीतियां और प्राथमिकताएं बदलती रहती हैं। नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में अवामी लीग के कई वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री भी शामिल हुए, जहां पूर्व प्रधानमंत्री का भाषण ऑडियो के माध्यम से प्रसारित किया गया। वर्ष 2024 में हुए बड़े जनांदोलन के बाद देश छोड़ने को मजबूर हुईं शेख हसीना फिलहाल सुरक्षित स्थान पर भारत के आतिथ्य में रह रही हैं।
इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :
प्रश्न 1: सजीब वाजेद जॉय ने किस कारण से भारत सरकार और भारतीय नेतृत्व का विशेष आभार व्यक्त किया है?
उत्तर: सजीब वाजेद जॉय ने बांग्लादेश में तख्तापलट और भारी हिंसक विरोध के दौरान अपनी मां शेख हसीना को सुरक्षित बाहर निकालने और शरण देने के लिए भारत को संकट का सच्चा साथी बताते हुए धन्यवाद दिया है।
प्रश्न 2: शेख हसीना को किन विषम परिस्थितियों में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा?
उत्तर: सरकारी नौकरियों में आरक्षण के मुद्दे को लेकर छात्रों के उग्र प्रदर्शन, बढ़ती हिंसा और सेना के सीधे हस्तक्षेप के कारण शेख हसीना को अचानक इस्तीफा देकर देश छोड़ना पड़ा।
प्रश्न 3: शेख हसीना के भारत पहुंचने पर भारत सरकार ने उनकी सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए?
उत्तर: भारत सरकार ने शेख हसीना के विमान को गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर सुरक्षित लैंडिंग की अनुमति दी और उन्हें सर्वोच्च स्तर की सुरक्षा और कूटनीतिक सहयोग प्रदान किया।
प्रश्न 4: क्या शेख हसीना लंबे समय तक भारत में ही शरण लेंगी या उनका किसी अन्य देश जाने का इरादा है?
उत्तर: हालांकि वे फिलहाल भारत में सुरक्षित हैं, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार वे जल्द ही ब्रिटेन या किसी अन्य यूरोपीय देश में राजनीतिक शरण प्राप्त करने की प्रक्रिया में जुटी हुई हैं।
प्रश्न 5: सजीब वाजेद जॉय के इस बयान से भारत और बांग्लादेश के भविष्य के संबंधों पर क्या कूटनीतिक असर पड़ेगा?
उत्तर: यह बयान दर्शाता है कि राजनीतिक उथल-पुथल के बावजूद अवामी लीग के नेताओं का भारत पर भरोसा कायम है, हालांकि बांग्लादेश की नई अंतरिम सरकार के साथ भारत को नए सिरे से कूटनीतिक समीकरण साधने होंगे।
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