एजेंसी, पटना। Rabri Devi Bungalow : बिहार के सियासी गलियारों से इस वक्त की एक बेहद बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नाम पर आवंटित पटना के बेहद चर्चित ’10 सर्कुलर रोड’ स्थित सरकारी बंगले का आवंटन पूरी तरह से रद्द कर दिया है। भवन निर्माण विभाग द्वारा जारी किए गए नए आधिकारिक आदेश के मुताबिक, अब यह आलीशान बंगला राज्य सरकार में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के कैबिनेट मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित कर दिया गया है। इस नए आदेश के जारी होने के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को वर्तमान आवास खाली करने का औपचारिक नोटिस भी थमा दिया गया है।
Bihar | Notice issued to vacate the government residence allotted to RJD leader Rabri Devi
The official residence at 10 Circular Road has now been allotted to Nand Kishore Ram, the Bihar government’s Minister for Animal, Fisheries, and Dairy Resources. pic.twitter.com/wphRxNqhNI
— ANI (@ANI) May 29, 2026
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के लिए ’39 हार्डिंग रोड’ का नया पता तय
राज्य सरकार की तरफ से जारी की गई आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को इस बंगले के बदले पटना के ही ’39, हार्डिंग रोड’ स्थित एक दूसरा सरकारी आवास आवंटित किया गया है। वहीं दूसरी तरफ, मंत्री नंदकिशोर राम को अब ’10 सर्कुलर रोड’ का वही बंगला सौंप दिया गया है जो पिछले कई दशकों से लालू परिवार की पहचान बना हुआ था। विभाग ने इस कूटनीतिक फैसले की आधिकारिक प्रतियां मुख्यमंत्री सचिवालय, मंत्रिमंडल सचिवालय समेत सभी संबंधित विभागों को भी तुरंत तामील करवा दी हैं, जिसके बाद अब आवास के हस्तांतरण और कागजी औपचारिकताओं को पूरा करने की प्रक्रिया बहुत तेजी से शुरू कर दी गई है।
दो दशकों की सत्ता और बड़े सियासी फैसलों का मूक गवाह रहा है यह बंगला
पटना का ’10 सर्कुलर रोड’ पिछले करीब बीस वर्षों से बिहार की क्षेत्रीय और राष्ट्रीय राजनीति का सबसे प्रमुख और बेहद चर्चित केंद्र बिंदु माना जाता रहा है। यह आलीशान बंगला लंबे समय तक राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की तमाम बड़ी राजनीतिक गतिविधियों, रणनीतियों और बैठकों का मुख्य गढ़ रहा है। बिहार की सत्ता को प्रभावित करने वाले कई ऐतिहासिक फैसले और महागठबंधन से जुड़े बड़े समझौतों की पटकथा इसी बंगले के भीतर लिखी गई थी। यही कारण है कि इस ऐतिहासिक पते का आवंटन अचानक बदले जाने को लेकर राज्य की राजनीति में बहुत तेजी से कयासों का बाजार गर्म हो गया है।
सत्ता के दबाव में लिया गया घृणित फैसला, अपमानित करने की साजिश: राजद
इस बड़े प्रशासनिक कदम के सामने आते ही विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने सरकार के खिलाफ बेहद तीखा और आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने सरकार की इस नीयत पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यह आवास पिछले बीस साल से अधिक समय से राबड़ी देवी के पास पूरी तरह से वैध रूप से आवंटित था। उन्होंने तीखे लहजे में पूछा कि आखिर वर्तमान में ऐसी कौन सी आपातकालीन परिस्थितियां पैदा हो गई हैं कि बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष जैसी महत्वपूर्ण संवैधानिक जिम्मेदारी संभाल रहीं राबड़ी देवी को अचानक अपना घर खाली करने का जबरन नोटिस थमा दिया गया। प्रवक्ता ने सत्ताधारी दल पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि जेडीयू-भाजपा गठबंधन के लोग केवल अपनी राजनीतिक ताकत और सत्ता का घमंड प्रदर्शित करना चाहते हैं। उन्होंने इसे एक प्रशासनिक निर्णय न मानकर पूरी तरह से सत्ता के शीर्ष दबाव में उठाया गया दुर्भावनापूर्ण कदम करार दिया। राजद का साफ कहना है कि राबड़ी देवी और उनके पूरे परिवार को जानबूझकर मानसिक रूप से प्रताड़ित और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के उद्देश्य से ही यह घृणित राजनीति की जा रही है, जिसका जनता समय आने पर करारा जवाब देगी।
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