एजेंसी, भोपाल। Bhopal Fake Syrup Raid : मध्य प्रदेश पुलिस की विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने राजधानी भोपाल में चल रहे एक बड़े और नशीले काले कारोबार का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ की टीम ने एयरपोर्ट रोड पर स्थित पटेल सिटी में चल रही एक अवैध कफ सिरप फैक्ट्री पर अचानक दबिश देकर मौके से करीब 49,920 बोतलें प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद की हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में मुस्तैदी दिखाते हुए पुलिस ने तीन नाबालिगों सहित कुल 10 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी मुख्य रूप से सीहोर, राजगढ़ और भोपाल के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
Madhya Pradesh: Special Task Force (STF) has busted a major illegal cough syrup racket in Bhopal.
STF raided a house in Dobra Patel City Colony under Gandhinagar police station area. More than 700 boxes, bottles and packaging machines were seized from the spot. The estimated… pic.twitter.com/nOqguZkv8f
— All India Radio News (@airnewsalerts) May 29, 2026
स्थानीय पुलिस की नाक के नीचे सात महीनों से चल रहा था अवैध कारोबार
जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह अवैध फैक्ट्री पिछले करीब सात महीनों से इसी इलाके में लगातार संचालित हो रही थी, लेकिन स्थानीय गांधीनगर थाना पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। भोपाल में इस तरह की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी जगदीशपुर (बैरसिया रोड), ईंटखेड़ी और बगरौदा औद्योगिक क्षेत्र (कटाराहिल्स) जैसे इलाकों में अवैध फैक्ट्रियां पकड़ी जा चुकी हैं। इसके बावजूद स्थानीय पुलिस प्रशासन ने पुराने मामलों से कोई सबक नहीं लिया, जिसके चलते रिहायशी इलाके में इतना बड़ा नेटवर्क खड़ा हो गया।
एक्सपायरी डेट को खरोंचकर मशीनों से दोबारा की जा रही थी री-पैकेजिंग
एसटीएफ की शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि वे थोक बाजार से भारी मात्रा में ‘आनरेक्स’ और ‘आफ कफ’ नामक सिरप के बड़े-बड़े कार्टन मंगवाते थे। इसके बाद कारखाने में लगी मशीनों की मदद से बोतलों पर दर्ज मूल लेबल और एक्सपायरी डेट को पूरी तरह से खरोंचकर साफ कर दिया जाता था। फिर बिना किसी बैच नंबर के इन बोतलों की दोबारा री-पैकेजिंग की जाती थी, ताकि बाजार में इसे धड़ल्ले से खपाया जा सके और पकड़े जाने पर इसके मुख्य स्रोत का पता न लगाया जा सके। आरोपियों ने यह मकान जयदीप सिंह नामक व्यक्ति से किराए पर लिया था। जब्त की गई इस अमानक कफ सिरप पर 210 रुपये की कीमत दर्ज है। एसटीएफ ने दवाओं के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं।
सीहोर, राजगढ़ और भोपाल के आरोपी गिरफ्तार, फैक्टरी से मशीनें और गाड़ी जब्त
पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई में मौके से गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों में आकाश भाटी व नरेश भाटी (श्यामपुर, सीहोर), चन्द्रपाल मुखिया व हरिओम मोगिया (इछावर, सीहोर), धानसिंह व अजय मोगिया (राजगढ़) और अकील खान (परवलिया, भोपाल) शामिल हैं। इनके साथ ही गिरोह में सक्रिय तीन नाबालिगों को भी पुलिस ने अपनी हिरासत में लिया है। कारखाने से भारी तादाद में खाली शीशियां, नए रैपर, सीलिंग मशीनें, पैकिंग उपकरण और माल सप्लाई करने में इस्तेमाल होने वाली एक लोडिंग गाड़ी भी जब्त की गई है।
ग्वालियर और महाकौशल के जिले थे मुख्य टारगेट, दवा बाजार के बड़े डिस्ट्रीब्यूटर रडार पर
एसटीएफ अब उस मुख्य सप्लायर और दवा बाजार के बड़े डिस्ट्रीब्यूटर्स के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है, जो इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित माल इन तक पहुंचा रहे थे। एसटीएफ के डीआईजी राहुल लोढ़ा ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों ने भोपाल को इस काले कारोबार का मुख्य हब बना रखा था। यहां री-पैकेजिंग का काम पूरा होने के बाद माल को ग्वालियर समेत महाकौशल क्षेत्र के रीवा, सतना, सीधी, विदिशा और आसपास के कई जिलों के ग्रामीण बाजारों में सप्लाई के लिए भेजा जा रहा था।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम भी जांच में शामिल, पूर्व में हो चुकी हैं मौतें
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों को भी जांच में शामिल किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि जल्द ही इस रैकेट से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों की गिरफ्तारी हो सकती है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश अमानक और नकली कफ सिरप का खामियाजा पहले भी भुगत चुका है। पिछले साल सितंबर-अक्टूबर के महीने में राज्य के छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों में इसी तरह की अमानक कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने की वजह से 25 मासूम बच्चों की असमय मौत हो गई थी। एसटीएफ के डीआईजी राहुल लोढ़ा ने स्पष्ट किया है कि मामले में पूरी कड़ाई बरती जा रही है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज (माल कहां से आता था और कहां जाता था) की गहन जांच कर रही है ताकि मुख्य सप्लायर्स को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
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