एजेंसी, गोथेनबर्ग। PM Modi Sweden Visit : भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने यूरोप महाद्वीप के चार देशों के अत्यंत महत्वपूर्ण आधिकारिक दौरे के दूसरे चरण के अंतर्गत रविवार को स्वीडन पहुंच चुके हैं। स्वीडन की धरती पर कदम रखने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस कूटनीतिक यात्रा का जोरदार और ऐतिहासिक आगाज हुआ है। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने, आधुनिक प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान, रक्षा सहयोग और अन्य प्रमुख वैश्विक क्षेत्रों पर बेहद गंभीर और उच्च स्तरीय बातचीत होने वाली है। इस कूटनीतिक यात्रा की संवेदनशीलता और सुरक्षा को देखते हुए स्वीडन सरकार की तरफ से विशेष इंतजाम किए गए थे। गोथेनबर्ग हवाई अड्डे (एयरपोर्ट) पर उतरने से ठीक पहले आसमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष विमान को स्वीडिश वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने अपने सुरक्षा घेरे में लिया और एस्कॉर्ट करते हुए सुरक्षित लैंडिंग कराई। हवाई अड्डे पर खुद स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने प्रोटोकॉल तोड़कर बेहद गर्मजोशी के साथ पीएम मोदी का स्वागत और अभिनंदन किया, जो इस बात का सीधा प्रमाण है कि स्वीडन सरकार भारत के साथ अपने रिश्तों को कितनी ज्यादा अहमियत दे रही है।
Landed in Gothenburg, Sweden. I will be meeting Prime Minister Kristersson with the aim of advancing the India-Sweden friendship in trade, investments, innovation, defence and more. With PM Kristersson and President of the European Commission, Ms. Ursula von der Leyen, I will be… pic.twitter.com/pksrVVq5TR
— Narendra Modi (@narendramodi) May 17, 2026
द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वीडन की अपनी इस दो दिवसीय बेहद महत्वपूर्ण और व्यस्त यात्रा के दौरान दोनों देशों के आपसी द्विपक्षीय संबंधों पर केंद्रित विशेष बातचीत का नेतृत्व करेंगे। इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत और स्वीडन के बीच द्विपक्षीय व्यापार की गति को और अधिक तेज करना तथा आर्थिक सहयोग के बिल्कुल नए और बड़े अवसरों को तलाशना है। आपको बता दें कि दोनों देशों के बीच का आपसी द्विपक्षीय व्यापार साल 2025 में रिकॉर्ड स्तर पर आगे बढ़ते हुए 7.75 अरब अमेरिकी डॉलर के पार पहुंच गया है। अब इस मजबूत आर्थिक आधार को और बड़ा रूप देने के लिए दोनों देशों के शीर्ष नेता नए रोडमैप पर काम कर रहे हैं। इस महाद्वीप यात्रा के जरिए दोनों मित्र देशों के बीच व्यापार और निवेश के मोर्चे पर कई नए आयाम स्थापित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
उभरती तकनीकों और पर्यावरण हितैषी बदलावों पर रहेगा मुख्य फोकस
इस द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों पक्ष मिलकर पर्यावरण हितैषी परिवर्तन यानी हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) की ओर बढ़ने के साझा प्रयासों को गति देंगे। इसके साथ ही आज के आधुनिक युग की सबसे जरूरी तकनीक यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), भविष्य की उभरती हुई प्रौद्योगिकियों, दोनों देशों के नए स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने, वैश्विक स्तर पर बेहद लचीली और सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखलाओं (सप्लाई चेन) के निर्माण, रक्षा सहयोग को मजबूत करने, अंतरिक्ष विज्ञान (स्पेस), कड़े क्लाइमेट एक्शन (जलवायु कार्रवाई) और दोनों देशों की जनता के स्तर पर आपसी संबंधों (पीपल टू पीपल कांटेक्ट) को और ज्यादा प्रगाढ़ व गहरा करने के तमाम क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने पर विस्तार से चर्चा करेंगे। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2018 में आयोजित हुए पहले ऐतिहासिक भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए स्वीडन का आधिकारिक दौरा किया था।
यूरोपीय संघ के दिग्गज उद्योगपतियों के मंच को करेंगे संबोधित
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयान के अनुसार, यह यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक होने वाली है। भारत और स्वीडन दोनों देशों के प्रधानमंत्री यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लायन के साथ मिलकर एक बेहद प्रतिष्ठित कार्यक्रम ‘यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री’ को भी विशेष रूप से संबोधित करने वाले हैं। यह मंच समूचे यूरोप महाद्वीप के दिग्गज उद्योगपतियों, निवेशकों और शीर्ष व्यापारिक नेताओं का एक अत्यंत प्रमुख और प्रभावशाली अखिल यूरोपीय व्यापारिक संगठन माना जाता है, जहाँ भारत में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश को आकर्षित करने के अवसरों पर बात की जाएगी।
चार यूरोपीय देशों की रणनीतिक यात्रा का दूसरा चरण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह वर्तमान यात्रा उनके चार देशों के बेहद महत्वपूर्ण और कूटनीतिक यूरोपीय दौरे का दूसरा सबसे बड़ा चरण है। इससे ठीक पहले वह नीदरलैंड की अपनी बेहद सफल यात्रा को पूरा कर चुके हैं, जहाँ उनकी गरिमामयी उपस्थिति में भारत और नीदरलैंड के बीच रक्षा, सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों के खनन और अन्य प्रमुख रणनीतिक क्षेत्रों में आपसी सहयोग को एक नई गति देने के लिए कुल 17 ऐतिहासिक समझौतों पर आधिकारिक हस्ताक्षर किए गए हैं। स्वीडन के इस दो दिवसीय दौरे को पूरा करने के बाद, इसी सप्ताह के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने यूरोप दौरे के अगले पड़ाव के रूप में नॉर्वे और इटली की भी अत्यंत महत्वपूर्ण आधिकारिक यात्रा पर रवाना होंगे।
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